आतंकियों को खोज कर मार गिराने जर्मन कंपनी की मदद से भारतीय कंपनी ने तैयार किया अत्याधुनिक वेक्टर ड्रोन

देहरादून, पाकिस्तान में छिपे बैठे आतंकियों का काम तमाम होने वाला है। भारतीय सेना को हाफिज सईद एवं पाक में छिपे कई आतंकियों की वास्तविक लोकेशन पता करना और उसे मार गिराने में अब ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। यह संभव हुआ है ‘वेक्टर ड्रोन के कारण। सेना ने एक ऐसा ड्रोन तैयार कर लिया है जो न सिर्फ 25 किलोमीटर की दूरी से थर्मल इमेजिंग के माध्यम से आतंकियों की लोकेशन का पता लगाएगा, बल्कि आतंकियों पर हमला भी कर सकता है। इसे बनाने वाली कंपनी ‘अंसारी प्रेसीशन इन्स्ट्रूमेंट के निदेशक साजिद अंसारी ने बताया कि जर्मन तकनीक पर बने इन ड्रोन के माध्यम से आतंकियों की थर्मल इमेजिंग के जरिए शिनाख्त की जा सकती है। उनकी संख्या का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है। साथ ही इसके जरिए आतंकियों के मोबाइल फोन को भी बंद किया जा सकता है। इसमें लगे जैमर के जरिए मोबाइल फोन को पूरी तरह लॉक किया जा सकता है। बेहद कम ऊंचाई पर उडऩे वाले इस ड्रोन को स्टील्थ विमानों की तर्ज पर बनाए गया है। जो किसी भी रडार की पकड़ से बाहर हैं। ‘वेक्टर ड्रोन में जिन आतंकियों की फोटो अपलोड कर दी जाएगी, उसे देखने के साथ ही ड्रोन वहीं उड़ान भरता रहेगा।
मैपिंग करने में होगा मददगार
इससे इस बात का पता लगेगा कि कौन आतंकी कहां छिपा है? अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस की प्रदर्शनी में ‘ट्रिनिटी टोन प्लस को भी दर्शाया गया। इसका इस्तेमाल सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से मैपिंग करने में किया जा रहा है। प्रदर्शनी में ‘ट्रिनिटी टोन प्लस को भी रखा गया है जो पांच वर्ग किमी क्षेत्र की मैपिंग एक घंटे में पूरी कर सकता है। जहां तक कीमतों का सवाल है तो ‘वेक्टर ड्रोन की कीमत ढाई करोड़ रुपए है। जबकि ‘ट्रिनिटी टोन प्लस की कीमत 30 लाख रुपए है। निर्देशक साजिद अंसारी के मुताबिक ‘वेक्टर ड्रोन एक बार की उड़ान में 10 वर्ग किलोमीटर की मैपिंग कर सकता है।

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