भारत के ओलंपिक अभियान को लगा झटका, डोपिंग में फंस रहे खिलाड़ी

नई दिल्ली,निशानेबाज रवि कुमार के बाद अब मुक्केबाज सुमित सांगवान भी राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। ओलिंपिक खेलों से ठीक पहले दो खिलाड़ियों के डोप टेस्ट में नाकाम रहने से भारत के ओलंपिक अभियान को करारा झटका लगा है। ओलिंपियन सुमित के सैंपल में प्रतिबंधित एसिटाजोलामाइड पाया गया जो वाडा ने प्रतिबंधित किया हुआ है। 26 साल के इस युवा मुक्केबाज ने 2017 एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। जांच का परिणाम आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। वह अब भारतीय दल का हिस्सा नहीं हैं।
नाडा ने कहा है कि इस साल डोपिंग में 150 से भी ज्यादा खिलाड़ी फेल हुए है। वहीं इस मुद्दे पर खेल मंत्री किरण रीजिजू ने कहा कि यह जागरुकता की कमी से हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं कह रहा कि डोपिंग में फंसे सभी एथलीटों ने गलती से ड्रग लिए हैं पर ऐसे कई खिलाड़ी है जिन्होंने जानकारी की कमी के कारण अनजाने में ही ऐसे पदार्थ का सेवन किया है। इसलिए जरूरी है कि खिलाड़ियों के बीच इसे लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए। हमें कैंपेन लगाने होंगे ताकि उन खिलाड़ियों को जागरूक किया जा सके जो गलती से ऐसा करते हैं।’ गौरतलब है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल डोपिंग के मामले लगभग दोगुने हो गए हैं। नाडा के मुताबिक इस साल 19 खेलों के 156 खिलाड़ी डोपिंग में फेल हुए हैं जिसमें एथलेटिक्स, निशानेबाजी, मुक्केबाजी और वेटलिफ्टिंग के ओलिंपियन खिलाड़ी भी मौजूद हैं।
रवि कुमार बोले, अनजाने में गलती हुई
डोप परीक्षण में असफल रहे निशानेबाज रवि कुमार को उम्मीद है कि राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) उन्हें कम सजा देगी। रवि ने कहा है कि उनसे अनजाने में गलती हुई है। मई में म्यूनिख में हुए विश्व कप के बाद से ही राष्ट्रीय टीम से बाहर रहे रवि राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी हैं।
यहां घरेलू प्रतियोगिता के दौरान रवि को प्रतिबंधित पदार्थ प्रोप्रेनोलोल के लिए पॉजिटिव पाया गया था। इस पदार्थ का इस्तेमाल उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए किया जाता है और यह विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी की प्रतिबंधित सूची में शामिल है। रवि ने कहा कि मैंने अनजाने में माइग्रेन के उपचार के लिए दवा ली थी जिसका मुझे नुकसान उठाना पड़ रहा है। परीक्षण से कुछ दिन पहले घर में मेरे डाक्टर ने मुझे यह दवा लिखी थी। उन्होंने कहा कि मैंने नाडा को सब कुछ बता दिया है, उन्होंने मुझे कहा कि मेरी एकमात्र गलती यह थी कि मैंने परीक्षण के दौरान यह खुलासा नहीं किया कि मैंने ऐसी कोई दवा ली है जिसमें निशानेबाजी में प्रतिबंधित पदार्थ शामिल है।
रवि अब अपने ‘बी’ नमूने का परीक्षण नहीं कराएंगे और उन्होंने परिणामों को स्वीकार कर लिया है। ‘ए’ नमूने के परिणामों को स्वीकार करने के बाद अधिकतम सजा दो साल है पर रवि को सजा में नरमी बरते जाने की उम्मीदें हैं। नाडा का अनुशासनात्मक पैनल अगले कुछ दिनों में सजा पर फैसला करेगा। रवि ने कहा कि मुझे नतीजा अपने पक्ष में आने की उम्मीद है क्योंकि मैंने यह पदार्थ अनजाने में लिया। इसके साथ ही मैंने अपने डाक्टर को साफ तौर पर बोल दिया था कि मैं खिलाड़ी हूं।

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