मप्र में 10 नए अभयारण्य बनाये जायेंगे, विरोध भी शुरु

भोपाल, स्थानीय आदिवासियों के विरोध के बीच प्रदेश में 10 नए अभयारण्यों के गठन की कार्यवाही शुरू हो गई है। विभाग ने इस आशय का प्रस्ताव प्रशासकीय मंजूरी के लिए वनमंत्री उमंग सिंघार को भेज दिए हैं। वन सचिवालय ने ओंकारेश्वर, माधवराव सिंधिया अभयारण्य श्योपुर, सरदार वल्लभभाई पटेल अभयारण्य सीहोर और महात्मा गांधी अभयारण्य बुरहानपुर के प्रस्ताव वनमंत्री को भेज दिए हैं। इसी बीच अभयारण्यों के गठन का विरोध भी शुरू हो गया है। इसके चलते सरकार को संजय गांधी अभयारण्य छिंदवाड़ा का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डालना पड़ा तो मंडला विधायक अशोक मर्सकोले ने राजा दलपत शाह अभयारण्य मंडला के गठन को लेकर आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि इससे स्थानीय लोगों का रोजगार छिन जाएगा। इस विरोध के बाद मंडला अभयारण्य के प्रस्ताव में फेरबदल किया गया है। इन अभयारण्यों के गठन से प्रदेश को हर साल करीब पांच सौ करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वन मंत्री सिंघार ने प्रदेश में 11 अभयारण्य प्रस्तावित किए थे। इनमें से छिंदवाड़ा अभयारण्य के गठन की मनाही हो गई है। छिंदवाड़ा के लोगों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री ने अभयारण्य के गठन पर रोक लगाई है। वहीं विधायक मर्सकोले भी मंडला अभयारण्य को निरस्त कराने की कोशिश में जुटे हैं। वहां भी जनता ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
विधायक मर्सकोले ने मुख्यमंत्री और वनमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने अभयारण्य के निर्माण से स्थानीय लोगों का रोजगार छिनने की बात कही है। उनके मुताबिक अकेले मंडला क्षेत्र से सरकार को हर साल 340 करोड़ रुपए का नुकसान होगा, क्योंकि अभयारण्य बनने के बाद क्षेत्र में कूप कटाई पूरी तरह से बंद हो जाएगी तो तेंदूपत्ता भी नहीं तोड़ा जा सकेगा। जंगल से वनोपज लाने पर भी रोक लग जाएगी। अकेले कूप कटाई से वन विभाग को करीब 300 करोड़ रुपए इस क्षेत्र से मिलते हैं। ऐसे ही हालात दूसरे जिलों में हैं। जिलों के वर्किंग प्लान के मुताबिक किसी में 10 तो किसी में 40 करोड़ सालाना का नुकसान है। ऐसे करके यह आंकड़ा पांच सौ करोड़ से अधिक होता है। प्रस्तावित सभी अभयारण्यों के नाम महापुरुषों के नाम पर रखे गए हैं। मंडला में राजा दलपत शाह, हरदा में डॉ. राजेंद्र प्रसाद, इंदौर में अहिल्याबाई होलकर, नरसिंहपुर में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, सागर में डॉ. भीमराव आंबेडकर, सीहोर में सरदार वल्लभभाई पटेल, बुरहानपुर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, श्योपुर में माधवराव सिंधिया और इंदौर में ओंकारेश्वर अभयारण्य बनाया जा रहा है।धार में प्रस्तावित अभयारण्य प्रदेश की राजनीति में कद्दावर नेता रहीं जमुना देवी के नाम पर रहेगा।

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