92 के नायक रहे लालकृष्ण आडवाणी 92 के हुए पीएम ने घर पहुँच कर दी बधाई

नई दिल्ली, भारतीय राजनीति में 1992 का साल आयोध्या आंदोलन के नायक भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के नाम दर्ज है। आज शुक्रवार 8 नवम्बर को वे 92 साल के हो गए। इस अवसर पर पीएम स्वयं आडवाणी के घर गए और उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी के अलावा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी आडवाणी के घर जाकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। इससे पहले ट्विटर पर पीएम मोदी ने आडवाणी को जन्मदिन की बधाई दी। पीएम नरेंद्र मोदी ने आडवाणी के योगदान को याद करते हुए उन्हें एक राजनेता, विद्वान बताया। पीएम मोदी ने कहा कि आडवाणी ने भाजपा मजबूत बनाने के लिए दशकों तक काम किया।
पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘विद्वान, राजनेता और देश के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक, नागरिकों को सशक्त बनाने में लालाकृष्ण आडवाणी के योगदान को भारत सदा याद रखेगा। उनके जन्मदिन पर उनकी लंबी आयु की कामना करता हूं।’ लाल कृष्ण आडवाणी जी ने दशकों तक भाजपा को सशक्त बनाने के लिए मेहनत की है। अगर पिछले सालों में हमारी पार्टी भारतीय राजनीति में प्रमुख स्थान रखती है तो यह आडवाणी जी जैसे स्वार्थरहित कार्यकर्ताओं की दशकों तक की गई मेहनत का परिणाम है। आडवाणी जी हमेशा मूल्यों से जुड़े रहे। जीवन में एक बार भी उन्होंने अपनी मूल विचारधारा के साथ समझौता नहीं किया। जब भी हमारे लोकतंत्र की रक्षा का सवाल आया तो वह सबसे आगे रहे। एक मंत्री के तौर पर उनकी प्रशासनिक योग्यता का लोहा सबने माना है। लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को सिंध (अब पाकिस्तान) में हुआ था। भाजपा के सबसे कद्दावर नेताओं में रहे आडवाणी को अस्सी के दशक के अंत और नब्बे के दशक की शुरूआत में अयोध्या आंदोलन के जरिए पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण शक्ति बनाने का श्रेय दिया जाता है। वह अटल सरकार सरकार में उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का पद संभाल चुके हैं।

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