अयोध्या विवाद पर फैसले का इन्तजार, इसके 12 के बाद आने के आसार

नई दिल्ली, हर किसी की निगाहें अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। प्रशासन के हाई अलर्ट के बीच फैसले को लेकर अटकलों का बाजार भी गरम होता जा रहा है। अयोध्या में सुरक्षा इंतजाम सख्त होते जा रहे हैं। प्रशासन ने सीमाएं सील करने का काम तेज कर दिया है। केंद्र सरकार ने भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी भी जारी कर दी है। शीर्ष कोर्ट कब फैसला सुनाएगी, इस पर भी कयासबाजी हैं। इस सब गहमागहमी के बीच फैसले को लेकर कयास लग रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने की संभावना 12 नवंबर के बाद ही बन रही है। इसके पीछे तीन प्रमुख कारण हैं।
कारण नंबर: 1
अयोध्या में वर्तमान में 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा के लिए 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु जुटे हुए हैं। हालांकि परिक्रमा गुरुवार को खत्म हो गई है। मगर इतनी बड़ी संख्या में जुटे लोगों के वापस जाने में समय लगेगा।
कारण नंबर: 2
इसके अगले दिन शनिवार को भी फैसला आना इसलिए मुश्किल है क्योंकि 9 और 10 नवंबर को देशभर में ईद ए मिलाद उन नबी का त्योहार है।
कारण नंबर: 3
सुप्रीम कोर्ट में शनिवार और रविवार को छुट्टी होगी। सुप्रीम कोर्ट के कैलेंडर के मुताबिक सोमवार और मंगलवार को भी कोर्ट नहीं खुलेगी। ऐसे में फैसला नहीं सुनाया जा सकेगा। सोमवार को स्थानीय छुट्टी और मंगलवार को गुरुनानक जयंती है।
13, 14 या 15 को निर्णय संभव
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में वह अपना फैसला रिटायरमेंट से पहले ही सुनाना चाहेंगे। इसके लिए उनके पास 13, 14 और 15 नवंबर का ही समय होगा।
गृह मंत्रालय ने राज्यों को किया अलर्ट
अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखने को कहा है। इसके साथ ही अर्धसैनिक बल के 4,000 जवानों को एहतियातन उत्तर प्रदेश भेजा गया है। दूसरी ओर, आरपीएफ ने भी अपने सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर 78 महत्वपूर्ण स्टेशनों की सुरक्षा-व्यवस्था का अलर्ट जारी किया है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को भेजे सामान्य परामर्श में कहा है कि वे किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बनने दें। सुरक्षा-व्यवस्था बनाने में यूपी सरकार की मदद के लिए 40 कंपनी अतिरिक्त अर्धसैनिक बल भेजे गए हैं। इनकी तैनाती खासतौर से अयोध्या सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर की जाएगी। गौरतलब है कि सीजेआई रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में इस मामले का फैसला उससे पहले आने की संभावना है।
अयोध्या में सुरक्षा कड़ी, सील हो रहीं गलियां-सड़कें
फैसले को लेकर अयोध्या में भी सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन मुस्तैद हो गया है। अतिसंवेदनशील विवादित परिसर के पीछे मिश्रित आबादी वाले मोहल्लों की सड़कें-गलियां बल्लियों से सील कर दी गईं। यहां से पैदल भी सड़क पर आने का रास्ता नहीं छोड़ा गया है। लोग अपनी और परिवार की सुरक्षा के साथ ही खाने-पीने व जरूरत के सामान जुटा रहे हैं। हर चेकपोस्ट-बैरियर पर सघन तलाशी की जा रही है।
भीड़भाड़ वाले 78 स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सभी जोन कार्यालयों को भेजे सात पेज के परामर्श में प्लेटफॉर्म, स्टेशन, यार्ड, सुरंग, पुल, पार्किंग, वर्कशॉप की खास निगरानी करने को कहा है। संवेदनशील और ऐसे स्थानों की पहचान करने को कहा गया है, जहां असामाजिक तत्व विस्फोटक छिपा सकते हैं। आरपीएफ कर्मियों की छुट्टी रद कर ट्रेनों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे परिसरों और आसपास बने धार्मिक स्थलों की भी निगरानी करने को कहा गया है। आरपीएफ ने दिल्ली, महाराष्ट्र और यूपी सहित देश के 78 ऐसे स्टेशन चिह्नित किए हैं जहां, यात्रियों की आवाजाही ज्यादा होती है। इन सभी की सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है।

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