कांग्रेस की श्रद्धा होती तो आज करतारपुर साहिब पाकिस्तान में नहीं होता

रेवाड़ी,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के ऐलनाबाद में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर हमले किए। प्रधानमंत्री ने कहा केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि कपूरथला से तरन-तारन के पास गोविंदवाल साहिब तक जो नया राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया गया है, उसको अब गुरु नानक देव मार्ग के नाम से जाना जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार को नानक देव से लगाव होता तो आज उनकी जन्मस्थली पाकिस्तान में नहीं होती।
पीएम मोदी ने करतारपुर साहिब का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार को एक सौभाग्य मिला है। हमारे गुरु के पवित्र स्थान करतारपुर साहिब और हमारे बीच की दूरी अब समाप्त होने वाली है। लेकिन दुख की बात है कि कांग्रेस और उसके जैसे अन्य राजनीतिक दलों ने हिंदुस्तानियों की आस्था, परंपरा और संस्कृति का कभी सम्मान नहीं किया।
कांग्रेस पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 1947 में जो, बंटवारे की रेखा खींचने के लिए जिम्मेदार थे, क्या उनको यह ख्याल नहीं था कि सिर्फ 4 किलोमीटर के फासले से भक्तों को गुरु से अलग नहीं किया जाना चाहिए? इसके बाद भी, 70 सालों में क्या इस दूरी को मिटाने के प्रयास कांग्रेस की सरकार को नहीं करने चाहिए थे?
प्रधानमंत्री ने कहा कांग्रेस की जो दृश्टि हमारे इन पवित्र स्थानों के साथ रही है, वही जम्मू कश्मीर के साथ भी रही है। कांग्रेस सरकारें 70 साल तक लगातार समस्याओं में उलझाती गईं, लेकिन कभी इसके समाधान के लिए ईमानदारी से कोशिश नहीं की। अनुच्छेद 370 का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले दिल्ली में जो लोग काबिज थे, उन्हें राष्ट्रीय हितों की कोई चिंता नहीं थी। इसी वजह से कश्मीर मसला बेकाबू होता गया। प्रारंभ में पाकिस्तान ने हमारा कुछ हिस्सा छीन लिया। उसके कुछ सालों के बाद योजनाबद्ध तरीके से, कश्मीरियत को दफना दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गलत नीति और रणनीति से देश को तबाह कर दिया।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर दोषारोपण करते हुए कहा कि 70 साल तक कश्मीर के मसले पर कोई सार्थक पहल नहीं करके आपने ही वहां के एक तबके को अलगाववाद की ओर जाने का रास्ता दिखाया। लेकिन अब हम इसके बीच चट्टान बन कर आ खड़े हुए हैं। हम अब ऐसा नहीं होने देंगे।
कांग्रेस की गलत नीति और रणनीति का भुगतान हरियाणा के किसानों को करना पड़ा है। हमारे हक का पानी हमारे काम आ सके, इसके लिए 70 सालों में कोई सार्थक कदम ही नहीं उठाया गया। हमारी नदियों से हमारे हिस्से का पानी बहकर पाकिस्तान चला जाता रहा और सरकारें देखती रहीं। हरियाणा में सिंचाई की सुविधा में व्यापक सुधार हुआ है। लेकिन आने वाले 5 वर्षों में हम हरियाणा को, भारत को, सूखा मुक्त, जल युक्त, बनाने के लिए निकल चुके हैं।

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