महोबा और हमीरपुर में बारिश से फसल नष्ट हुई तो दो कर्जदार किसानों ने मौत को गले लगाया

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के महोबा और हमीरपुर जिले में बाढ़ व अतिवृष्टि से फसल नष्ट होने पर दो कर्जदार किसानों ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। महोबा जिले की सदर तहसील क्षेत्र के उपजिलाधिकारी देवेन्द्र सिंह ने मंगलवार को बताया कि कस्बा श्रीनगर में मुहल्ला भैरवगंज के रहने वाले दस बीघे कृषि भूमि के किसान शंकर कुशवाहा (44) ने महोबा-खजुराहो रेल लाइन में रामश्री डिग्री कॉलेज के पास किसी ट्रेन से कट कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। उन्होंने मृत किसान के भाई मनमोहन के हवाले से बताया कि इस साल उसने अपने खेतों में उर्द, मूंग और तिल की फसल बोई थी, जो बाढ़ और अतिवृष्टि से नष्ट हो गयी है। उसने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत इलाहाबाद बैंक से एक लाख तीस हजार रुपये का कर्ज भी लिया था, जिसकी अदायगी नहीं कर पा रहा था। इसी प्रकार सोमवार को हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के सौखर गांव में सात बीघे कृषि भूमि के किसान रामखेलावन (65) ने खेत की मेड में लगे नीम के पेड़ में फंसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। उसकी तिल की फसल नष्ट हो गयी है। क्षेत्र के तहसीलदार राघवेन्द्र शर्मा ने मंगलवार को मृत किसान के बेटे दयाशंकर के हवाले से बताया कि उसके ऊपर किसान क्रेडिट कार्ड एक लाख रुपये और इतना ही गांव के साहूकारों व रिश्तेदारों का कर्ज है। उन्होंने कहा कि किसान ने फसल नष्ट होने व कर्ज की वजह से फांसी लगाई या अन्य कोई और कारण था, इसकी जांच करवाई जा रही है।

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