शिप्रा में बाढ़ के कारण फव्वारा लगाकर कराया शनिश्चरी अमावस्या स्नान

उज्जैन, संभवत: यह पहला अवसर है जब शनिश्चरी और सर्वपितृ अमावस्या का संयोग हो और शिप्रा नदी में बाढ़ के कारण श्रद्धालु नदी में डुबकी लगाकर स्नान से वंचित रह गये। प्रशासन ने त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर, रामघाट पर फव्वारे लगाकर स्नान की व्यवस्था की और घाट की तरफ जाने वाले मार्गों को बंद भी कर दिया। हालांकि रामानुजकोट के सामने से नदी तरफ जाने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी सड़क तक आने पर लोगों ने वहीं बैठकर स्नान किया, वहीं त्रिवेणी पर फव्वारों में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने शनिदेव के दर्शन व पूजन किया।
सर्वपितृ अमावस्या पर हजारों श्रद्धालु रामघाट के लिये आये लेकिन यहां नदी के सभी घाट बाढ़ के पानी में डूबे थे। नदी का पानी रामानुजकोट की तरफ सड़क से करीब 3 फीट ऊपर तक भरा था। पुलिस प्रशासन ने नदी की तरफ जाने वाले मार्गों को बेरिकेड्स लगाकर बंद किया गया था। रामानुजकोट के सामने फव्वारे लगाकर लोगों को स्नान कराया गया, उसके बावजूद कुछ लोग नदी की तरफ बढ़े और सड़क पर भरे पानी में ही डुबकी लगाकर स्नान किया। स्नान के बाद लोगों ने राणोजी की छत्री के आसपास खुले स्थान पर कर्मकाण्ड व पूजन अर्चन किया।
त्रिवेणी घाट : हजारों श्रद्धालुओं ने फव्वारों से किया स्नान
लगातार बारिश और नदी नाले उफान पर होने के बावजूद शनिश्चरी अमावस्या पर त्रिवेणी पहुंचकर स्नान और शनि मंदिर में भगवान के पूजन-अर्चन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई। हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचे और मैदान में लगाये गये फव्वारों में स्नान के बाद कतार में लगकर शनिदेव के दर्शन व पूजन किया। शनि मंदिर पहुंचने से पहले प्रशासन द्वारा पूर्व में करीब 200 मीटर दूर वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जाती थी लेकिन इस वर्ष मैदान में पानी भरने व कीचड़ होने के कारण पुलिस द्वारा इंदौर रोड के फोरलेन में से एक लेन का मार्ग वाहन पार्किंग के लिये था। दूसरी लेन से वाहनों का आवागमन कराया गया।
खुले मैदान में स्नान कर पनौती छोड़ी: त्रिवेणी घाट पर शिप्रा का जलस्तर 10 फीट ऊपर था। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था घाटों के ऊपर खुले मैदान में फव्वारे लगाकर की थी। वहीं श्रद्धालुओं ने अपने जूते-चप्पल और कपड़े पनौती के रूप में मैदान ही छोड़ दएि थे। वहीं नगर निगम के कर्मचारी पनौती और अन्य सामान को उठाकर एकत्र कर रहे थे। शनिश्चरी एवं सर्वपितृ अमावस्या पर आज उज्जैन में 28 सितम्बर की रात्रि 12 बजे के पश्चात से त्रिवेणी पर स्नान पर्व प्रारम्भ हुआ। उज्जैन शहर में हुई बारिश एवं नदी में तेज बहाव के मद्देनजर प्रशासन द्वारा घाटों के बाहर फव्वारे लगाकर श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की गई थी।

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