भारत को स्विस बैंकों से धनकुबेरों की जानकारी मिलना शुरू, पहले दौर की सूचनाओं का विश्लेषण आरम्भ

नई दिल्ली, स्विस बैंकों में पैसे रखने वाले भारतीयों के खातों से जुड़ी जानकारियां भारत को मिलनी शुरू हो गई हैं। स्विट्जरलैंड ने स्वचालित व्यवस्था के तहत इस महीने पहली बार कुछ सूचनाएं भारत को उपलब्ध कराई हैं। इन सूचनाओं के विश्लेषण की तैयारी चल रही है और इनमें खाताधारकों की पहचान तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध होने का अनुमान है। बैंकों और नियामकीय संस्थाओं के अधिकारियों ने बताया कि ये सूचनाएं मुख्यत:उन खातों से जुड़ी हैं,जिन्हें लोगों ने कार्रवाई के डर से पहले ही बंद करा दिया है। बैंक अधिकारियों ने कहा कि स्विट्जरलैंड की सरकार के निर्देश पर वहां के बैंकों ने डेटा इकट्ठा कर भारत को सौंपा। इसमें हर उस खाते में लेन-देन का पूरा विवरण दिया गया है,जो 2018 में एक भी दिन सक्रिय रहे हों। उन्होंने कहा कि यह डेटा इन खातों में अघोषित संपत्ति रखने वालों के खिलाफ ठोस मुकदमा तैयार करने में बेहद सहायक साबित हो सकता है। इसमें जमा, हस्तांतरण तथा प्रतिभूतियों एवं अन्य संपत्ति श्रेणियों में निवेश से प्राप्त आय की पूरी जानकारी दी गई है।
एनआरआई बिजनसमैन से जुडे़ खाते
कई बैंक अधिकारियों और नियामकीय अधिकारियों ने नाम गोपनीय रखने के अनुरोध के साथ कहा कि ये जानकारियां मुख्यत:कई दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों, अमेरिका, ब्रिटेन,कुछ अफ्रीकी देशों तथा द. अमेरिकी देशों में रह रहे अनिवासी भारतीयों सहित व्यवसायियों से संबंधित हैं। बैंक अधिकारियों ने माना कि कभी पूरी तरह से गोपनीय रहे स्विस बैंक खातों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर शुरू हुई मुहिम के बाद पिछले कुछ सालों में इन खातों से भारी स्तर पर पैसे निकाले गए और कई खाते बंद हो गए। हालांकि, साझा की गई जानकारियों में उन खातों की भी सूचनाएं शामिल हैं, जिन्हें 2018 में बंद करा दिया गया।
100 बंद खातों का भी ब्योरा
इसके अलावा, भारतीय लोगों के कम से कम 100 वे पुराने खाते भी हैं, जिन्हें 2018 से पहले ही बंद करा दिया गया। स्विट्जरलैंड इन खातों की जानकारियों को भी यथा शीघ्र साझा करने की प्रक्रिया में है। ये खाते वाहन कल-पुर्जा, रसायन, वस्त्र, रीयल एस्टेट, हीरा एवं आभूषण, इस्पात आदि कारोबार से जुड़े लोगों से संबंधित हैं। नियामकीय अधिकारियों ने कहा कि स्विस बैंकों से प्राप्त जानकारियों के विश्लेषण में उन सूचनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है,जो राजनीतिक संपर्क रखने वाले लोगों से संबंधित हैं।

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