लग्जरी फ्लैट देने का वादा कर बिल्डरों ने पूर्व सीएस व न्यायाधीश को भी ठगा

भोपाल, राजधानी के एक नामी बिल्डर द्वारा लुभावने वादा कर प्रदेश के पूर्व सीएस एवं न्यायाधीश को भी ठगी का शिकार बनाया। बिल्डर ने लग्जरी फ्लैट देने का वादा कर लाखों रुपए वसूले और अपना वादा पूरा नहीं किया। सीनियर सिटीजनों को सर्वसुविधायुक्त अपार्टमेंट में फ्लैट उपलब्ध कराने के नाम पर एजी-8 वेंचर्स (आकृति ग्रुप) द्वारा ठगी करने के आरोप लगे हैं। इसकी शिकायत पूर्व सीएस आर परशुराम व न्यायाधीश व्ही के अग्रवाल सहित 64 अन्य सीनियर सिटीजन ने कलेक्टर से की थी। इस मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए एसडीएम हुजूर राजकुमार खत्री ने एजी-8 के चेयरमैन हेमंत कुमार सोनी व डायरेक्टर राजीव सोनी को एक सप्ताह में आकृति सीनियर सिटीजन होम्स दी नेस्ट ट्रस्ट के खाते में 1 करोड़ 94 लाख 64 हजार 194 रुपए जमा कराने और इसका बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। साथ ही नामांकित ऑडिटर से ट्रस्ट का ऑडिट कराकर उसकी रिपार्ट प्रस्तुत करने को कहा। यह आदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण अधिनियम के तहत दिया गया। इस तरह का यह पहला आदेश है। बता दें कि यह राशि एजी-8 ने सीनियर सिटीजन के कल्याण स्वास्थ्य एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए खरीदार बुजुर्गों से ली थी। सीनियर सिटीजनों के अनुसार यदि ऑडिट रिपोर्ट में भी संभावित राशि 2 करोड़ 28 लाख 79 हजार रुपए या उससे अधिक पाई जाती है तो एजी-8 को ट्रस्ट के बैंक खातों में यह पूरी राशि जमा करानी होगी। आदेश का पालन न करने की स्थिति में विभिन्न अधिनियमों के तहत एजी-8 वेंचर्स लिमिटेड पर कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम हुजूर राजकुमार खत्री ने बताया कि बीते दिनों एक शिकायती आवेदन प्राप्त हुआ था। इसे बावड़ियाकलां स्थित दि नेस्ट आकृति ईकोसिटी के फ्लैट नंबर -505 में रहने वाले पुरुषोत्तम तिवारी तथा पूर्व न्यायमूर्ति व्ही के अग्रवाल, पूर्व सीएस आर. परशुराम व अन्य ने दिया था। इसमें बताया था कि आकृति एजी-8 वेंचर्स द्वारा सीनियर सिटीजन के लिए आकृति सीनियर सिटीजन होम्स दी नेस्ट नाम से सर्वसुविधा युक्त मकान देने के लिए एक प्रोजेक्ट लाया गया था। इस 6 मंजिला अपार्टमेंट में 73 फ्लैट बनाए गए। इसमें जनरल ओपीडी, फिजियोथैरेपी, मल्टीपर्पज हॉल, मेडिकल स्टोर, ड्राइवर, सर्वेंट रूम, ऑफिस, होम थिएटर, योगा रूम, पेंट्री ड्राइनिंग-1, डाइनिंग-2 एरिया भी शामिल था। पीड़ितों ने एक फ्लैट की कीमत 14.75 लाख रुपए होने के बावजूद भी 88 लाख रुपए दिए, क्योंकि यहां सीनियर सिटीजन के लिए घर जैसी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही थी। 64 से अधिक सीनियर सिटीजनों ने अपार्टमेंट में अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर फ्लैट खरीदे थे। वहीं गु्रप के चैयरमैन ने अपार्टमेंट के मेंटेनेंस व अन्य सुविधाओं के लिए प्रति वर्गफीट 350 रुपए के हिसाब से रकम भी ली थी। यही राशि आकृति सीनियर सिटीजन होम्स दी नेस्ट ट्रस्ट के खाते में जमा करानी थी, लेकिन एजी8 के चेयरमैन व डायरेक्टर उस राशि का उपयोग स्वयं कर रहे थे। इस राशि को ट्रस्ट के बैंक खाते में जमा कराकर उसके ब्याज से सीनियर सिटीजन के लिए बने अपार्टमेंट का मेंटेनेंस करना था। इस राशि के जमा न होने से सीनियर सिटीजन के स्वास्थ्य, सुरक्षा, खानपान, एवं मूलभूति सुविधाओं के प्रबंधन में कठिनाई हो रही है। इस बारे में पूर्व मुख्य सचिव आर परशुराम का कहना है कि इस सोसायटी में मैं भी एक सदस्य हूं। मेरे मित्रों ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर एसडीएम ने आदेश दिया है।

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