गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पंड्या की हत्या के दोषी असगर अली को अहमदाबाद लाया गया

अहमदाबाद, गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पंड्या हत्याकेस के दोषी असगर अली को गुजरात पुलिस ने ट्रांसफर वारंट के आधार पर हैदराबाद से गिरफ्तार कर अहमदाबाद ले आई है और उसे साबरमती जेल भेज दिया है. गौरतलब है कि 26 मार्च 2003 को अहमदाबाद के लॉ गार्डन क्षेत्र में तत्कालीन गृह मंत्री हरेन पंड्या की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह घटना उस समय हुई जब हरेन पंड्या मॉर्निंग वॉक पर थे. इस मामले में 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था.
पिछले महीने 5 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. मार्च 2003 के हरेन पंड्या हत्याकेस में गुजरात हाईकोर्ट ने सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया था. गुजरात हाईकोर्ट ने सुनवाई में कहा था कि सीबीआई की जांच की स्पष्ट दिशा नहीं है. हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि जांच के दौरान कुछ तथ्यों की अनदेखी की गई है और बहुत कुछ छूट गया है. हाईकोर्ट में मामला जाने से पहले सत्र न्यायालय ने आरोपियों को हत्या करने और आपराधिक षडयंत्र रचने का दोषी माना था. आतंकवाद निरोधक कानून के तहत विशेष पोटा कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. आरोपियों ने विशेष कोर्ट के फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. 29 अगस्त 2011 को गुजरात हाईकोर्ट ने विशेष अदालत का फैसला पलट दिया और सभी आरोपियों को बरी कर दिया.
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सीबीआई ने 2012 में सुप्रीम कोर्ट का द्वार खटखटाया. सीबीआई की अपील के 7 साल बाद यानी 5 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश अरुण मिश्रा और जस्टिस विनित सरन की खंडपीठ ने आरोपियों को दोषी ठहराया था. सुप्रीम कोर्ट ने अहमद करीमी, अनिस माचिसवाला, महमद युनूस सरेसवाला, रेहान पूठावाला, महमद रियाज, महमद परवेज शेख, परवेज खान पठान, सिद्दीकी एवं महमद फारूक उस्मानगनी ताउम्र यानी जीवित रहने तक कैद की सजा सुनाई थी. असगरअली के अलावा अन्य दोषियों ने 23 जुलाई को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था. जबकि मुख्य दोषी असगरअली को गुजरात पुलिस हैदराबाद की जेल से अहमदाबाद ले आई है| असगर अली को ट्रांसफर वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया था.

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