भिलाई-चरोदा में यात्री देखते रहे और ट्रेन रुके बिना सरपट दौड़ती हुई गुजर गई

भिलाई, घर से निकलकर गंतव्य की ओर जाने स्टापेज में खड़े हजारों रेल यात्री देखते रह गए जब बिना रुके ही उनकी ट्रेन उनके सामने से गुजर गई। ऐसा नजारा आज रेलवे के लोकल व पैसेंजर ट्रेनों के लिए निर्धारित भिलाई-चरोदा के ए, डी और सी केबिन स्टापेज पर सुबह से ही देखा जाता रहा। इन तीनो ही स्थानों पर रेलवे ने आज से दस दिनों के लिए सभी मेमू लोकल व पैसेंजर ट्रेनों का स्टापेज रद्द कर दिया है। रेलवे के आनन-फानन में एक दिन पहले ही लिए गए इस अप्रत्याशित निर्णय से हजारों स्थानीय यात्री हलाकान होते रहे।
भिलाई-3 चरोदा इलाके में रेलवे के यात्रियों के सुविधा के तहत बनाये गए तीन स्टापेज पर आज कोई भी लोकल और पैसेंजर ट्रेने नहीं रुकी। इस वजह से आने जाने वाले स्थानीय रेल यात्रियों को खासा दिक्कत का सामना करना पड़ा। ए, डी और सी केबिन इन तीन स्टापेज में शामिल है। ए केबिन चरोदा और कुम्हारी स्टेशन के बीच उरला गांव तथा डी केबिन रेलवे हाईस्कूल के पीछे डाउन लाइन पर है। इन दोनों केबिन के पास रेलवे ने अपने कर्मचारियों की घर से कार्यस्थल आवाजाही की सुविधा को देखते हुए लोकल व पैसेंजर ट्रेनों का स्टापेज निर्धारित कर रखा है। ऐसी ही सुविधा अप लाइन पर कुम्हारी और जी केबिन चरोदा के बीच देवबलोदा में सी केबिन पर भी लंबे समय से दी जा रही थी। लिहाजा रेलवे ही नहीं बल्कि अन्य सरकारी विभाग और निजी संस्थानों के नौकरीपेशा सहित छात्र-छात्राओं के द्वारा आने जाने के लिए इन स्टापेज से ट्रेन में आवाजाही किया जाता है। लेकिन आज अप और डाउन लाइन की इन तीनों ही स्टापेज में कोई भी लोकल व पैसेंजर ट्रेनों के नहीं रूकने से सफर शुरू और खत्म करने वाले रेल यात्री हलाकान रहे। हालांकि 18 से 28 जुलाई तक इन तीनों ही केबिन पर मेमू और पैसेंजर, ट्रेनों का स्टापेज रद्द रहने की सूचना एक दिन पहले ही विभागीय तौर से जारी कर दी गई थी। लेकिन इस सूचना के कम समय की वजह से प्रचारित नहीं हो पाने से ज्यादातर रेल यात्री अनभिज्ञ रहे और उन्हें गंतव्य तक पहुंचने यातायात के दूसरे साधन अपनाने को मजबूर होना पड़ा।
गौरतलब रहे कि डाउन लाइन पर ए और डी तथा अप लाइन के सी केबिन के पास रेलवे स्कूल, हास्पीटल, कैरिज एंड वैगन रिपेयरिंग शॉप, आरपीएफ पोस्ट तथा भिलाई मार्शलिंग यार्ड है। इन जगहों पर नौकरी करने वाले रेल कर्मचारियों में अनेक ऐसे भी है जो डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, पावर हाउस, भिलाई-3 आदि में निवास करते हैं। ऐसे रेल कर्मियों को कार्यस्थल तक आने जाने में सहुलियत के लिए ही रेलव द्वारा बरसों से लोकल व पैसेंजर ट्रेनों का स्टापेज इन तीनों ही केबिन के पास दिया गया है। इसके अलावा इन तीनों ही केबिन से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी रायपुर, भिलाई व दुर्ग के शैक्षणिक केन्द्रों तक आने जाने के लिए सफर शुरू व खत्म करते हैं। ऐसे यात्रियों को आज ट्रेनों के स्टापेज स्थगित रहने पर तैयारी के अभाव में खासा हलाकान होना पड़ा।
एक दिन पहले जारी हुआ आदेश
दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के प्रिसीपल चीफ आपरेशन मैनेजर कार्यालय से भिलाई मार्शलिंग यार्ड के ए, सी और डी केबिन पर 18 से 28 जुलाई तक 10 दिनों के लिए मेमू लोकल व पैसेंजर ट्रेनों का स्टापेज रद्द रहने का आदेश महज एक दिन पहले 17 जुलाई को पूर्वान्ह 11.17 बजे जारी किया गया है। इस आशय की खबरें आज सुबह के अखबारों में प्रकाशित भी हुई। लेकिन सुबह जल्दबाजी में अखबार देखे बिना ही ट्रेन पकडऩे निकले यात्रियों को अचानक गंतव्य तक जाने दूसरी व्यवस्था करनी पड़ी। ऐसी ही हालत इन तीनों केबिन में ट्रेन से उतरने वालों की भी बनी रही। अनेक रेल कर्मचारी कुम्हारी और जी केबिन में उतरने के बाद पदयात्रा करते हुए अपने कार्यस्थल पहुंचे।
10 ट्रेनों पर पड़ा असर
रेलवे के ए, डी और सी केबिन में 10 दिनों तक स्टापेज रद्द करने का असर 10 ट्रेनों पर पड़ा है। इसमें दोनों दिशा में चलने वाली आठ मेमू लोकल तथा पैसेंजर श्रेणी की तीन ट्रेनें शामिल है। पैसेंजर ट्रेन में गोंदिया से झारसुगुड़ा के बीच चलने वाली जेडी, इतवारी-रायपुर तथा दुर्ग से विशाखापट्नम तक चलनेवाली वाल्टेयर पैसेंजर है। बिना किसी ठोस कारण बताए इन 10 ट्रेनों के स्टापेज तीन केबिनों में 10 दिन के लिए रद्द कर दिए जाने से रेलयात्री सशंकित है। रेल यात्रियों को लगता है कि दस दिन के बाद हमेशा के लिए स्टापेज खत्म करने की साजिश रची जा रही है।

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