कर्नाटक में बागी विधायकों को मनाने की कोशिश, सरकार बचाने की कोशिश करने पहुंचे कमलनाथ

बेंगलुरु, कर्नाटक में जारी राजनीतिक संकट के बीच गठबंधन नेताओं ने अपने बागी विधायकों को मनाने की कोशिश और तेज कर दी, वहीं उसकी मुश्किलें बढ़ाते हुए पांच और विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस्तीफा स्वीकार नहीं किए जाने पर उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। वहीं भाजपा ने कहा है कि वह मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से सोमवार को शक्ति परीक्षण कराने को कहेगी। पूरे दिन चली बातचीत में कांग्रेस के संकटमोचक कहे जाने वाले डी के शिवकुमार, उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर, सीएलपी नेता सिद्धरमैया और कुमारस्वामी शामिल थे। बातचीत के बाद ऐसा लगता है कि कांग्रेस अपने एक बागी विधायक एमटीबी नागराज को मनाने में सफल रही है। उन्होंने संकेत दिया है कि वह अपना इस्तीफा वापस लेने पर विचार कर सकते हैं, लेकिन देर शाम तक इस संबंध में कोई घोषणा नहीं हुई। इस बीच भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कुमारस्वामी से सोमवार को विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने की मांग करेगी।
नागराज की मंशा सपष्ट नहीं
कर्नाटक में गठबंधन सरकार गंभीर संकट से गुजर रही है। उसके 16 विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। इनमें से 13 विधायक कांग्रेस के और तीन जेडी (एस) के हैं। राज्य के आवास मंत्री एमटीबी नागराज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने को कहा। नागराज होसकोट से कांग्रेस विधायक हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। नागराज ने 10 जुलाई को इस्तीफा दिया था। कांग्रेस नेताओं ने उनसे बात करके इस फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा था, लेकिन पूरे दिन बातचीत के बाद भी नागराज की मंशा सपष्ट नहीं हुई।
भाजपा-कांग्रेस दोनों तैयार
विधानसभा में संभवत: अगले हफ्ते होने वाले शक्ति परीक्षण के लिए अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही दलों ने अपने- अपने विधायकों को होटलों और रिजॉर्ट में भेज दिया है। सत्तारूढ़ गठबंधन में विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को छोड़कर कुल 116 विधायक (कांग्रेस के 78, जेडी (एस) के 37 और बीएसपी का 1) हैं। दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ 224 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के विधायकों की संख्या अब 107 है। अगर गठबंधन के 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए जाते हैं, तो सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की संख्या घट कर 100 रह जाएगी।
कमलनाथ 2 दिन बेंगलुरु में रहेंगे
पार्टी हाईकमान के निर्देश पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ संकट को दूर करने के लिए बेंगलुरु पहुंच गए हैं। वे वहां दो दिन रहेंगे। हालांकि, कमलनाथ के नजदीकी लोग उनकी यात्रा को व्यक्तिगत बता रहे हैं। मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि कमलनाथ हमेशा बड़ी जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। इसी कारण पार्टी ने उन्हें कर्नाटक की स्थिति संभालने के लिए भेजा है। उधर, इस्तीफा देने वाले पांच विधायकों ने विधानसभा के स्पीकर रमेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। वहीं, कांग्रेस और जेडीएस के 10 बागी विधायक शनिवार को शिर्डी में थे। उन्हें मुंबई से विशेष विमान से शिर्डी भेजा गया है। इन विधायकों ने दावा किया कि कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ गई है। बेंगलुरु में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी कहा कि भाजपा भी सदन में शक्ति-परीक्षण के लिए तैयार है।

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