नंदा देवी के बजाए 8 लापता पर्वतारोहियों का दल अनजान चोटी पर क्यों गया ?

पिथौरागढ़, पहाड़ों के शिखरों को छूने की तमन्ना लिए आठ पर्वतारोहियों के दल के गायब होने की खबर से अभियान दल में सन्नाटा है। नंदा देवी चोटी पर पहुंचने से पहले दल के सदस्यों के लापता होने की दुखद घटना के बाद एक सवाल पूछा जा रहा है कि ये सभी नंदा देवी की जगह अनजान चोटी पर चढ़ने क्‍यों गए? ये पर्वतारोही 25 मई को लापता हुए थे, बाद में इनमें से पांच के शव सर्वे के दौरान देखे गए। इस सवाल का जवाब टीम के डेप्‍युटी टीम लीटर मार्क थॉमस ने पिथौरागढ़ के अधिक‍ारियों को लिखे एक लेटर में दिया है। मार्क को बेस कैंप से तीन दूसरे पर्वतारोहियों के साथ बचाया गया था। अपने पत्र में मार्क ने लिखा है कि लापता पर्वतारोही नंदा देवी पर चढ़ाई करने से पहले ‘अभ्‍यस्‍त होने और ट्रेनिंग’ के लिए अपेक्षाकृत कम ऊंचाई वाली दूसरी चोटी (पीक 6477 मीटर) की ओर निकले थे। बाद में इसी के रास्‍ते में इनके शव मिले। असल में इन पर्वतारोहियों का शुरुआती इरादा नंदा देवी चोटी को फतह करने का था जिसे नंदा देवी ईस्‍ट कहा जाता है। अपने लेटर में मार्क ने कहा है, ‘तीन दूसरे लोगों और दो शेरपाओं के साथ मुझे नंदा देवी ईस्‍ट का रास्‍ता साफ करने का काम सौंपा गया था। जो हमने पूरा किया और कैंप 2 स्‍थापित किया। टीम लीडर मार्टिन मोरान और छह दूसरे सदस्‍यों ने नंदा देवी ईस्‍ट पर चढ़ाई शुरू करने से पहले अभ्‍यास के लिए एक दूसरी छोटी चोटी पर चढ़ने का फैसला किया।’
मुंसियारी एसडीएम को लिखे इस खत में डेप्‍युटी टीम लीडर मार्क थॉमस ने दावा किया है कि उनके ग्रुप को भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (आईएमएफ) ने कहा था कि अगर वे बेस कैंप के आसपास किसी दूसरी चोटी पर चढ़ना चाहते हैं तो इसके लिए उन्‍हें संपर्क अधिकारी को सूचित करना होगा। अगर वे किसी ऐसी चोटी पर चढ़ते हैं तो उन्‍हें अतिरिक्‍त ‘पीक फीस’ देनी पड़ेगी। पिछले कुछ दिनों में इस बात को लेकर विवाद रहा है कि क्‍या किसी नई चोटी पर चढ़ाई की कोशिश करके पर्वतारोहियों के इस समूह ने किसी नियम का उल्‍लंघन किया है या नहीं, जबकि उन्‍हें अनुमति नंदा देवी ईस्‍ट पर चढ़ने की मिली थी। इस मामले में सफाई देते हुए थॉमस का कहना था कि नई चोटी पर चढ़ने की जानकारी आईएमएफ के संपर्क अधिकारी चेतन पांडे को दी गई थी। अपने पत्र में थॉमस ने लिखा है, ‘चेतन से यह भी पूछा गया था कि क्‍या वह नई चोटी पर चढ़ने वाले मार्टिन मोरान के ग्रुप में शामिल होना चाहेंगे, क्‍योंकि चेतन भी कुशल पर्वतारोही थे। वह मान गए। बाद में आईएमएफ को देने के लिए मार्टिन मोरान ने चेतन को लिखित में अंडरटेकिंग भी दी थी।’

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