ई-टेंडर घोटाले में EOW ने बैंगलूरु मे डाला छापा, चारो आरोपी 18 तक रिमांड पर

भोपाल, करोडो रुपये के ई-टेंडर घोटाले में ईओडब्ल्यू टीम द्वारा गुरुवार को गिरफ्तार किये गये ऑस्मो आईटी साल्यूशन के आरोपी डायरेक्टर आरोपी विनय चौधरी, सुमित गोलवलकर और वरुण चतुर्वेदी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया था। तीनो ओरोपियो की रिमांड खत्म होने पर ईओडब्ल्यू की टीम ने उनके साथ ही आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) द्वारा रविवार को गिरफ्तार किये गये राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम (एसईडीसी) के ई-प्रिक्योरमेंट के ओएसडी नंदकिशोर ब्रह्मे को भी कोर्ट मे पेश किया गया। अदालत ने चारो आरोपियो को 18 अप्रैल तक रिमांड पर सोंप दिया है। वही मामले मे पहली बार रिमांड पर दिये गये ब्रह्मे को घोटाले का मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है जानकारी के अनुसार टैंडर घोटाले मे ईओडब्ल्यू टीम द्वारा बैगलूरु मे स्थित कंपनियो मे भी छापामार कार्यवाही की गई है। सुत्रो के अनुसार टीम ने यहॉ एड सॉफ्टवेयर कंपनी, पर छापा मारा। बताया गया है की टीम यहा के कर्मचारियो अधिकारियो से पूछताछ मे जुटी है, इसके साथ ही टीम के अधिकारिये ने यहॉ बरामद हुए कंप्यूटर, लैपटाप के हार्ड डिस्क का क्लोन बनाया है। यह छापा प्रदेश मे हुए ई टैंडर घोटाले को लेकर मारा गया है। गोरतलब है की ईओडब्ल्यू की टीम ने बैंगलूरु की टीसीएस ओर एन्टेस प्रा.लि. कंपनी को भी आरोपी बनाया है, यह कंपनिया सॉफ्टवेयर बनाने का काम करती है। इसके साथ ही टीम द्वारा कंप्यूटर लैपटाप समेत अन्य सामान की भी पडताल कर रही है। इसके साथ ही पुलिस द्वारा राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम (एसईडीसी) के ई-प्रिक्योरमेंट के ओएसडी नंदकिशोर ब्रह्मे के घर पर भी सर्चिंग की जा रही है। गोरतलब है की पूर्व मे मारे गये छापे के दोरान ईओडब्ल्यू टीम को कंपनी के मानसरोवर कॉम्प्लेक्स स्थित दफ्तर के कम्प्यूटरो से टेंडरो में छेड़खानी करने की जानकारी सामने आई थी। यह भी पता लगा है, कि जिस यूजर आईडी के द्वारा दो आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कर टेंडरों में छेड़छाड़ की गई, इस आईपी से कंपनी के डायरेक्टर विनय चौधरी का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लिंक है। जानकारी के अनुसार गुरुवार को जांच एजेंसी ने ऑस्मो के मानसरोवर कॉम्प्लेक्स स्थित दफ्तर की तलाशी ली थी। ईओडब्ल्यू के अधिकारियो ने बताया कि कंपनी के दफ्तर से सभी कम्प्यूटरो की हार्ड डिस्क हैश वैल्यू निकालकर जब्त किये जाने की कार्यवाही के साथ ही 30 से ज्यादा हार्डडिस्क जब्त की गई है। ईओडब्ल्यू एसपी अरुण मिश्रा का कहना है की कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम की रिर्पोर्ट के बाद ही यह कार्रवाई की गई है। हार्ड डिस्क की जांच रिर्पोर्ट मिलने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कोन कोन से सिस्टम टेंपरिंग के लिए इस्तेमाल किए गए थे। गोरतलब है की ई टैंडर घोटाले मे फंसी ऑस्मो डिजिटल सिग्नेचर बनाने वाली कंपनी है, ओर शुरू से ही इस कंपनी की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

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