पर्रिकर पंचतत्व में विलीन,मीरामार बीच पर किया गया अंतिम संस्कार

पणजी,गोवा के दिवंगत मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की पार्थिव देह आज शाम यहाँ मीरामार बीच पर पंचतत्व में विलीन हो गई, उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उन्हें श्रद्धांजलि देने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पणजी पंहुचे थे। पर्रिकर की अंतिम यात्रा में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा पार्टी के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज से किया गया,जबकि उनके ज्येष्ठ पुत्र ने मुखाग्नि दी। उनका अंतिम संस्कार गोवा के पहले मुख्यमंत्री दयानन्द बंदोदकर के समाधि स्थल के करीब किया गया। जैसा की पता है चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे पर्रिकर का लम्बी बीमारी के बाद रविवार शाम को देहांत हो गया था। एक आम आदमी की तरह काम करने वाले गोवा के मुख्यमंत्री और देश के रक्षामंत्री रहे मनोहर पर्रिकर के शव पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उन्हें गन सल्यूट भी दिया गया। इस दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष अमित शाह, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और कई अन्य नेता मौजूद रहे।
सोमवार को अंतिम दर्शन के लिए उनका शव कला अकैडमी रखा गया। जहां से मीरामार बीच तक पर्रिकर की आखिरी यात्रा निकाली गई। इस दौरान पर्रिकर के दोनों बेटे भी मौजद रहे। पीएम मोदी ने भी उनके दोनों बेटों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। जैसे ही उनकी चिता में आग लगाई गई पूरा मैदान ‘भारत माता की जय’ और ‘मनोहर पर्रिकर अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा।
​आम आदमी के असली ‘पोस्टर बॉय’ थे मनोहर पर्रिकर
मनोहर गोपालकृष्ण प्रभु पर्रिकर की जिंदगी 13 दिसंबर 1955 को गोवा के मापुसा एक मध्यमवर्गीय परिवार से शुरू हुई। सामान्य परिवेश से निकलर उन्होंने आईआईटी मुंबई से शिक्षित होने से लेकर गोवा के मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और फिर गोवा के मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी सांस ली। पर्रिकर की जिंदगी एक आम आदमी के पोस्टर बॉय बनने की कहानी की जबरदस्त मिसाल है। गोवा के इस दिग्गज राजनेता को राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी सादगी और जीवट के लिए याद किया जाता है। जीवन के आखिरी वक्त तक वह सक्रिय रहे और कैंसर से लड़ते हुए मुख्यमंत्री के दायित्व निभाते रहे। गोवा की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में पर्रिकर रक्षा मंत्री के तौर पर शामिल हुए। रक्षा मंत्री रहने के दौरान देश के दूर-दराज के इलाकों में भी लोग उनकी सादगी के कारण उन्हें बेहद पसंद करते थे। आधी बांह के ट्रेडमार्क शर्ट-पैंट, चश्मे और सिंपल घड़ी में नजर आनेवाले पर्रिकर की सादगी, लेकिन तकनीक और विज्ञान के लिए दिलचस्पी ने उन्हें देशभर के युवाओं का फैन बना दिया।
पर्रिकर ने ही पीएम मोदी का नाम पीएम के लिए आगे किया
मनोहर पर्रिकर को देश में राजनीति के भविष्य के संकेतों को समझनेवाले के तौर पर भी देखा जाएगा। 2013 में पर्रिकर बीजेपी के पहले अग्रणी नेताओं में से थे जिन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी का नाम उस वक्त बीजेपी के पीएम कैंडिडेट के तौर पर आगे किया था। गोवा में बीजेपी की सत्ता में वापसी कराने और गठबंधन के साथ सरकार चलाने के लिए भी बीजेपी आलाकमान ने पर्रिकर पर ही भरोसा किया। 2017 में गोवा चुनाव के बाद बीजेपी के पास बहुमत नहीं था, लेकिन पर्रिकर दिल्ली से गोवा पहुंचे और आखिरकार जोड़तोड़ के बाद सरकार बनाने में कामयाब रहे।
​सरकार बनाने की कवायद भी तेज
मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली हो गई है। सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस है, जिसके पास 14 विधायक हैं। कांग्रेस ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है। वहीं, बीजेपी का कहना है कि सोमवार को ही नया मुख्यमंत्री शपथ ले लेगा। हालांकि, अभी इसपर कोई औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है।

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