आयुष्मान भारत फ्लॉप बीमा जरूर पर इलाज नहीं,15-20 अमीर कारोबारियों के हाथ में सिमटी योजना – राहुल गांधी

रायपुर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भारत’ की आलोचना करते हुए कहा है कि आप बीमा दे रहे हो लेकिन आपके पास जो अस्पतालों का, स्वास्थ्य कर्मियों का जो ढांचा है वो उसका समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि आपने बीमा दे भी दिया तो वो कौन से अस्पताल में जाकर इलाज कराएगा, पूरा का पूरा नेटवर्क व्‍यवस्थित तरीके से हर राज्‍य में बनाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आयुष्मान भारत योजना की मुख्य रूप से इसलिए आलोचना करता हूं कि यह अस्पताल एवं चिकित्सकीय पेशेवरों की उचित समर्थन संरचना के बिना बीमा मुहैया कराती है। स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की क्षमता के बिना कोई बीमा प्रणाली काम नहीं कर सकती।”
उन्होंने कहा कि फिर से गरीब होने का सबसे बड़ा कारण स्वास्थ्य सेवा है। उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई यह जानता है। स्वास्थ्यसेवा आधार है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह आधार मजबूत हो।” राहुल गांधी ने आयुष्मान भारत योजना के बारे में कहा, ‘‘मैं इसे एक सीमित योजना के तौर पर देखता हूं जिसमें सीमित स्वास्थ्यसेवा मामलों को लक्ष्य बनाया गया है। यदि मैं स्पष्ट कहूं तो यह भारत के चुनिंदा 15-20 अमीर कारोबारियों के हाथ में है। हम इस प्रकार की योजना नहीं लाएंगे।”
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य सेवा एवं शिक्षा में सार्वजनिक क्षेत्र के व्यय की आवश्यकता है। निस्संदेह निजी संस्थाओं, बड़े कारोबारों और बीमा की भी इसमें भूमिका है, लेकिन इसमें मुख्य भूमिका सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की ही होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि वह शिक्षा में जीडीपी का पांच से छह प्रतिशत व्यय करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा एवं स्वास्थ्यसेवा में ‘नाटकीय असफलता’ का मुख्य कारण विकास को लेकर भाजपा एवं आरएसएस के सोचने के तरीके में अंतर है।
राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जेपी नड्डा ने सिलसिलेवार ढंग ट्वीट कर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा ‘राहुल गांधी का आयुष्‍मान भारत पर बयान उनके अल्प ज्ञान का प्रतीक है। उनको अश्योरेंस और इंश्योरेंस का फ़र्क़ समझ नहीं आता है। अच्छे काम की प्रशंसा करने की ना तो राहुल गांधी की नीयत है, ना सोच है, ना ताक़त है। ये नकारात्मकता के प्रतीक बन चुके हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘गरीबी से उठकर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों की पीड़ा को दूर करने के लिए अनेकों योजनाएं बनायीं। विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्‍मान भारत के तहत अब तक 15 लाख से अधिक गरीब, जो कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे, उनको 2000 करोड़ से अधिक का मुफ्त उपचार प्राप्त हुआ। आयुष्मान भारत पर ये तथ्यहीन बयान कि यह योजना इंश्योरेंस कंपनियों को फ़ायदा देने के लिए है, उन ग़रीब लोगों का अपमान है, जिनकी जान इस योजना के कारण बची है।’

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