भीलांचल में भगोरिया की धूम, उत्सव मनाने बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव वापस लौटे

झाबुआ, झाबुआ का पारंप‎रिक भगो‎रिया उत्सव कई मायनों में खास होने जा रहा है। इस उत्सव की अह‎मियत को भांपते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने पूरी तैया‎रिया कर ली हैं यहां आने वाले ग्रामीणों को ‎रिझाने के ‎लिए। इस उत्सव को मनाने मजदूरी के लिए बाहर गए ग्रामीण अब अपने अंचल वापस लौटने लगे हैं। तो अंचल में ढोल-मांदल की गूंज भी सुनाई दे रही है। मजदूरी कर आए ग्रामीण अब होली तक यहीं रहेंगे। उधर, इस बार भगोरिया हाट राजनीतिक पार्टियों के लिए चुनाव प्रचार का जरिया भी बनेंगे। बाहर से आए ग्रामीणों को अपने पक्ष में करने की पूरी को‎शिश रहेगी। गुरुवार को पारा, समोई, सारंगी, हरिनगर और चेनपुरा में भगोरिया हाट लगेंगे। जहां ग्रामीणों की कुर्राटी और ढोल-मांदल की थाम सुनाई देगी।
लगभग रविवार को हाट बाजार के दिन शहर में नजर आने वाली ग्रामीणों की भीड़ अब रोजाना दिखाई दे रही है। ग्रामीणों की शादी-ब्याह का सीजन और भगोरिया व होली का त्योहार नजदीक आने से अच्छे कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है। व्यापारियों की मानें तो दीपावली के बाद सबसे ज्यादा खरीदी इस समय होती है। कपड़े-जूतों की दुकानों पर अभी से भीड़ उमड़ रही है तो सराफा व्यापारियों के यहां पूरे समय ग्रामीणों का मजमा लग रहा है। भगोरिया उत्सव की शुरुआत 14 मार्च से हो रही है। इसकी हलचल पिछले एक सप्ताह से देखी जा रही है। बुधवार को छतरी चौक से लगाकर मुख्य बाजार तक के हिस्से में बड़ी संख्या में ग्रामीण खरीदारी करते नजर आए। जिन लोगों ने अपनी रकम गिरवी रखी है वे भी अब कमाई कर लौटे तो उसे छुड़वा रहे हैं।
जनप्रतिनिध निकालेंगे यहां गैर
बता दें ‎कि राजनीतिक पार्टियों के नेता हर बार भगोरिया हाट में अलग-अलग गैर निकालते हैं। लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। झाबुआ व आलीराजपुर जिले में कांग्रेस-भाजपा दोनों ही पार्टी के नेता व पदाधिकारी भगोरिया में शक्ति प्रदर्शन करते भी नजर आएंगे।
शहरों में काम करने वाले युवा अब होली तक यहीं रहेंगे
इस उत्सव की खा‎सियत ही है ‎कि देश के ‎किसी भी कोने में रहने वाले आ‎दिवासी भगोरिया के वक्त अपने घर लौट आता है। मेघनगर रेलवे स्टेशन के साथ ही बस स्टैंड पर अब ग्रामीणों की भीड़ नजर आने लगी है। गुजरात-राजस्थान राज्य की बसों से भी रोजाना ग्रामीण उतर रहे हैं। बुधवार को सुनिल डामोर और मैथू डामोर राजकोट से झाबुआ पहुंचे। वे मूलत: ग्राम पाडलवा के रहने वाले है। सुनिल ने बताया वह पांच महीने पहले राजकोट मजदूरी करने अपने परिवार के साथ गया था। अब परिवार के साथ भगोरिया के लिए आया है। इसी तरह मैथू चार महीने से गुजरात में अपने परिवार के साथ मजदूरी कर रहा है। वह भी झाबुआ आ गया। उसका कहना है वह जिले के विभिन्न स्थानों पर लगने वाले भगोरिया में जाकर इस पर्व को उत्साह के साथ मनाएगा।

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