हाफिज सईद के संगठन को भारत के दबाब में पाकिस्तान को बैन करना पड़ा

इस्लामाबाद, पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत की चेतावनी पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 2008 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा और उसके चैरिटी विंग फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को बैन कर दिया है। पकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद यह फैसला किया गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद बैठक से पहले प्रधानमंत्री खान और आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा के बीच अलग मुलाकात भी हुई। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में आर्मी चीफ जनरल बाजवा, सर्विसेज चीफ्स, खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों, सुरक्षा अधिकारियों के अलावा वित्त, रक्षा, विदेश और गृह मामलों के स्टेट मिनिस्टर्स भी शामिल थे।बाद में पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि पुलवामा हमले में उनका देश किसी भी तरह से शामिल नहीं था। इस हमले की कल्पना, साजिश और क्रियान्वयन भारत की धरती पर हुआ। इस दौरान पीएम इमरान खान ने अपनी सेना से कहा कि अगर भारत ने कोई आक्रामक कार्रवाई की तो उसका पूरी दृढ़ता से जवाब दिया जाए।
इमरान खान की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद जारी बयान के मुताबिक देश के टॉप नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने कहा कि पाकिस्तान सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि वह अपने लोगों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक बयान में कहा गया, ‘यह नया पाकिस्तान है और हम लोगों को बताना चाहते हैं कि देश उनकी रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम है।’ पुलवामा हमले को महज एक घटना के तौर पर जिक्र करते हुए बयान में कहा गया, ‘इस घटना की कल्पना, साजिश और क्रियान्वयन देश में ही हुआ।’
बयान में भारत को संदेश देते हुए कहा गया कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को यह अधिकार दे दिया है कि वह भारत द्वारा किए गए किसी भी आक्रामक कार्रवाई का पूरी दृढ़ता से और व्यापक जवाब दे। इससे पहले एक विडियो संदेश में खान ने कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर में हुए हमले में शामिल नहीं था। हालांकि भारत ने यह कहते हुए खान के बयान को खारिज कर दिया कि पाकिस्तान के आतंकियों से रिश्ते छिपे नहीं हैं और वहीं से संचालित जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
ज्ञात रहे कि 14 फरवरी को पुलवामा हमले के मद्देनजर यह बैठक देश के सुरक्षा हालात पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से ताल्लुक रखने वाले एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किए गए अटैक में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के 40 जवान शहीद हो गए थे।
हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि इस घिनौनी हरकत का बदला लेने के लिए सुरक्षा बलों को खुली छूट दे दी गई है।

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