तीन तलाक पर फिर आया अध्यादेश, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

नई दिल्ली,राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को लोकसभा चुनाव से पहले तीन तलाक बिल पर दूसरे अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार तुरंत ट्रिपल तलाक को अवैध बनाने के लिए अध्यादेश लेकर आई थी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले फौरी तीन तलाक की प्रथा पर रोक लगाने एवं उसे दंडनीय अपराध बनाने के संबंध में केंद्रीय कैबिनेट ने अध्यादेश को मंजूरी दी थी। तलाक-ए-बिद्दत को खत्म करने के संबंध में संसद में पेश विधेयक फिलहाल राज्यसभा में लंबित है।
मौजूदा लोकसभा के भंग होने के साथ ही ३ जून को यह विधेयक भी समाप्त हो जाएगा। इसके तहत मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अध्यादेश, 2019 के तहत एक बार में 3 तलाक लेना गैरकानूनी, अवैधानिक होगा और पति को इसके लिए तीन साल की कैद हो सकती है। सितंबर 2018 में जारी किए पिछले अध्यादेश को कानून की शक्ल देने के लिए लाया गया एक विधेयक लोकसभा से तो पारित हो गया था लेकिन वह राज्यसभा में लंबित रहा। विधेयक को संसदीय मंजूरी नहीं मिलने के चलते नया अध्यादेश जारी किया गया है।
प्रस्तावित कानून के दुरुपयोग के डर को कम करने के लिए सरकार ने इसमें कुछ निश्चित सुरक्षा उपाय शामिल किए जैसे कि मुकदमे से पहले आरोपी की जमानत के प्रावधान को इसमें जोड़ा गया। कैबिनेट ने इन संशोधनों को 29 अगस्त, 2018 को मंजूरी दे दी थी। भले ही अध्यादेश इसे एक ‘गैर जमानती’ अपराध बनाता है लेकिन एक आरोपी मुकदमे से पहले ही जमानत के लिए मजिस्ट्रेट के पास जा सकता है। एक गैर जमानती अपराध में जमानत सीधे पुलिस या पुलिस थाने से नहीं मिल सकती।

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