जवानों पर फिदायीन हमले के बाद 5 अलगाववादियों की सुरक्षा सुविधा छीनी, घबराया पाकिस्तान, एलओसी से दूर किया बंकर

नई दिल्ली/श्रीनगर, 40 जवानों की शहादत से देशभर के लोगों में गुस्सा है। इस बीच, केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मोदी सरकार ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के अलगाववादियों की वीवीआईपी सुरक्षा वापस ले ली । पहले चरण में 5 अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक, अब्दुल गनी भट, बिलाल लोन, हाशिम कुुरैशी और शब्बीर शाह की सुरक्षा हटाई गई है। अब इन नेताओं को किसी भी तरह की सरकारी सुविधा नहीं दी जाएगी। अब तक इन्हें वाहन, सरकारी सुरक्षा सहित कई वीवीआईपी सुरक्षा दी जाती थीं। यह कार्रवाई 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमले के बाद की गई है। सरकार को कई बार यह इनपुट मिले हैं कि यह अलगाववादी नेता ही युवाओं को हिंसा के लिए उकसाते हैं।
10 हजार करोड़ से ज्यादा बचेंगे
यह पढ़कर भले ही आपको ताज्जुब हो सकता है, लेकिन सरकार इन अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा पर सरकार सालाना करीब 10 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च करती थी। यह अलगाववादी नेता महंगी गाडिय़ों में घूमते थे और फाइव स्टार श्रेणी के अस्पतालों में इलाज करवात थे। एक अलगाववादी नेता पर 20 से लेकर 25 सुरक्षाकर्मी दिनरात अलर्ट रहते थे। अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा पर सालाना 10.88 करोड़ रुपए खर्च किए गए। यह राज्य में कई तरह की वीवीआईपी सुरक्षा पर खर्च होने वाले बजट का करीब 10 प्रतिशत है। मीरवाइज उमर फारुख की सुरक्षा सबसे मजबूत है। उसकी सुरक्षा में डीएसपी रैंक के अधिकारी हैं। उसके सुरक्षाकर्मियों के वेतन पर पिछले एक दशक में 5 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो चुके हैं।
जेड प्लस सुरक्षा मिली
सज्जाद लोन, बिलाल लोन और उनकी बहन शबनम, आगा हसन, अब्दुल गनी बट्ट और मौलाना अब्बास अंसारी को सुरक्षा कवच मिला हुआ था, जबकि हुर्रियत नेता बट्ट की सुरक्षा पर एक दशक में करीब ढाई करोड़ खर्च हुए हैं। वहीं, अब्बास अंसारी पर 3 करोड़ रुपए। राज्य में 25 लोगों को जेड प्लस सुरक्षा है। इसके अलावा करीब 1200 लोगों के पास अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा है।
भारत की सख्ती से घबराया पाकिस्तान, हटाए आतंकी शिविर
पुलवामा हमले के बाद भारत ने हमले के लिए सीआरपीएफ को खुली छूट दे दी है । इस खबर से पाकिस्तान में हलचल मच गई। सर्जिकल स्ट्राइक के डर से पाकिस्तान ने एलओसी के किनारे मौजूद आतंकवादियों के लॉन्च पैड्स को हटया दिया है। पाकिस्तान ने यह कार्रवाई तब की है जबकि पीएम मोदी ने बीते दिनों एक सभा में कहा था कि सुरक्षा बलों को आगे की कार्रवाई के लिए, समय क्या हो, स्थान क्या हो और स्वरूप कैसा हो, ये तय करने के लिए पूरी इजाजत दे दी गई है। एलओसी पर हमला करने का कोई लक्ष्य नहीं है, जहां से आतंकवादी घुसपैठ करने की तैयारी करते हैं।
-बॉलीवड सितारों ने मनाया काला दिन
– अभिताभ शहीदों के परिवार को देंगे पांच-पांच लाख रुपए
– सलमान खान भी परिजनों को देंगे आर्थिक अनुदान
पुलवामा आतंकी हमले के 40 शहीदों को मुंबई की फिल्म सिटी में श्रद्धांजलि दी गई। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एम्पलाई के 24 संगठनों ने आतंकी हमले के विरोध में ब्लैक डे का ऐलान किया। रविवार दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक फिल्म सिटी में शूटिंग और पोस्ट प्रोडक्शन का काम नहीं हुआ। इस दौरान क्रिकेटर हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, मो. कैफ, सुरेश रैना भी मौजूद थे। वेस्टर्न सिने इम्प्लाइज एसोसिएशन के प्रमुख सलाहकार अशोक पंडित ने कहा कि सिद्धू को अपने बयान के लिए सेना से माफी मांगनी चाहिए। पुलवामा हमले पर सिद्धू ने कहा था कि चंद लोगों की वजह से पूरे देश को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। वीरेंद्र सहवाग ने कहा- हमारा कोई भी काम फौजी भाइयों की ड्यूटी और उनकी शहादत के आगे कुछ भी नहीं है।
– पाकिस्तानी विदेश मंत्री बोले
शक था, चुनाव से पहले भारत में ऐसा कुछ हो सकता है
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने स्थानीय मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि उन्हें पहले से ही ऐसे किसी हमले की आशंका थी। उन्होंने कहा, हम ऐसे हमले की निंदा करते हैं। हिंसा हमारा रास्ता कभी नहीं रहा है।

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