जयपुर के ईडी दफ्तर में मां और प्रियंका संग पंहुचे वाड्रा, ऑफिस के बाहर पोस्टर वार

जयपुर, राजस्थान के चर्चित बीकानेर लैंड डील मामले की जांच के सिलसिले में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ हो रही है। मंगलवार सुबह वाड्रा अपनी मां मौरीन के साथ जयपुर स्थित ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के दफ्तर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं। प्रियंका जब ईडी दफ्तर के बाहर पहुंचीं तो वहां मौजूद समर्थकों ने प्रियंका गांधी जिंदाबाद के नारे लगाए। वाड्रा सोमवार को ही अपनी मां के साथ जयपुर पहुंच गए थे। जहां उन्होंने अपने और अपने स्टाफ के लिए सात कमरे बुक कराए हैं। लखनऊ में रोड-शो खत्म करने के बाद उनकी पत्नी और कांग्रेस की नवनियुक्त महासचिव प्रियंका वाड्रा भी रात नौ बजे जयपुर पहुंच गईं है। उधर, ईडी ऑफिस के आसपास के इलाके को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पोस्टरों से पाट दिया है।
राजस्थान के बीकानेर मनी लॉन्ड्रिंग केस में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आज फिर पूछताछ कर रहा है। पोस्टरों में रॉबर्ट वाड्रा, उनकी पत्नी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तस्वीर है। इस पर लिखा है-कट्टर सोच नहीं, युवा जोश। बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग और बेनामी लेनदेन के जरिए विदेश में संपत्ति खरीदने के आरोपी रॉबर्ट वाड्रा आज चौथी बार ईडी के सामने पेश हुए हैं। प्रवर्तन निदेशालय के अफसर बीकानेर के जमीन घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में उनसे पूछताछ करेगी। इसके अलावा दुबई में आलीशान विला को लेकर अब उनसे सघन पूछताछ हो सकती है।
सूत्रों का कहना है, लंदन में 12 अलर्टन हाउस में 26 करोड़ के फ्लैट के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ की। अब दुबई के ई-74 जुमैराह में 14 करोड़ की कीमत के विला के संबंध में उनसे पूछताछ की जाएगी। ईडी वॉड्रा से इस संपत्ति खरीद में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर सकती है। ईडी के अधिकारी स्काईलाइट इनवेस्टमेंट में बहुत बड़े अमाउंट में कैश जमा करने को लेकर भी वाड्रा से पूछताछ की जा सकती है। इससे पहले निदेशालय ने विदेश में संपत्ति खरीद में कथित धनशोधन में अपनी जांच के संबंध में नई दिल्ली में वाड्रा से पूछताछ की थी।
बीकानेर लैंड डील में ईडी ने 2015 में एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। इसमें राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और आरोप पत्रों का संज्ञान लिया गया था। दरअसल बीकानेर के तहसीलदार ने भारत-पाकिस्तान सीमा होने के कारण संवेदनशील माने जाने वाले इलाके में जमीन आवंटन में कथित फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। तहसीलदार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 34 गांवों में सरकारी जमीन जो बीकानेर जिले में आर्मी के लिए फायरिंग रेंज की तरह इस्तेमाल होने वाली थी, उसको लैंड माफिया ने हथिया लिया है। शिकायत के मुताबिक जमीन कुछ सरकारी अफसरों की मिलीभगत से फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर कब्जाई गई थी। ईडी सरकारी जमीन कब्जाए जाने के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग ऐंगल की जांच कर रहा है। सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला 1400 एकड़ के भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है। जमीन 2009 से 2011 के बीच सात कंपनियों को बेची गई थी। इनमें से एक वाड्रा से कनेक्शन वाली कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी भी थी, जिसने इलाके में जमीन खरीदी थी।

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