हरियाणा में एसडीआरएफ का गठन किया जायेगा, गृह विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने दी मंजूरी

चंडीगढ़, हरियाणा में पहली बार स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स (एसडीआरएफ) का गठन होने जा रहा है। एसडीआरएफ का इस्तेमाल तमाम प्राकृतिक और मानवीय आपदाओं की स्थिति से निपटने के साथ साथ परमाणु हमले और कैमिकल हमले से निपटने के लिए भी किया जाएगा। हरियाणा सरकार के गृह विभाग के इस प्रस्ताव को वित्त विभाग ने भी मंजूरी दे दी है। मंजूरी के बाद एक साल के अंदर करीब 1150 जवानों से बनी एसडीआरएफ की एक पूरी बटालियन काम शुरू कर देगी। हरियाणा सरकार भविष्य में हर चुनौती और जोखिम से निपटने के लिए तैयार हो रही है। खासकर भविष्य में प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ अगर देश पर परमाणु या कैमिकल हथियारों से भी हमला होता है, तो उससे भी निपटने की योजना तैयार की जा रही है। स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स की बटालियन में करीब 1150 खास तौर प्रशिक्षित जवान होंगे। 6 कंपनियां होंगी और करीब 18 स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाएंगी। इस बटालियन को आधुनिक ट्रेनिंग दी जाएगी और ये बेहद प्रोफेशनल बटालियन होगी।
परमाणु और कैमिकल हमले की स्थिति से निपटने के लिए सिर्फ एनडीआरएफ ही एकमात्र विकल्प है और मौजूदा पुलिस इस प्रकार की स्थिति से निपटने में बिल्कुल सक्षम ही नहीं है। सरकार भी मानती है कि पुलिस के भरोसे ऐसी स्थिति से नहीं निपटा जा सकता है, इसीलिए एसडीआरएफ का गठन किया जा रहा है। इस बटालियन को विशेष तौर पर न्यूक्लियर और कैमिकल हमलों से निपटने के लिए भी तैयार किया जाएगा। प्रदेश में अभी तक ऐसी कोई फोर्स मौजूद नहीं है। एसडीआरएफ में एक डॉग स्क्वॉड भी होगा। बटालियन को पूरे प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर स्टेशन किया जाएगा ताकि पूरे प्रदेश में किसी भी आपदा के वक्त एसडीआरएफ के जवानों को कहीं भी तुरंत तैनात किया जा सके। हाल ही में गुरुग्राम में एक इमारत गिरने की घटना में इसकी बानगी देखने को मिली थी। देश में बढ़ती दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ परमाणु और कैमिकल हमले की आशंका को देखते हुए केन्द्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को अपनी-अपनी एसडीआरएफ के गठन के निर्देश दिए थे। हरियाणा एसडीआरएफ का गठन सबसे पहले करने वाले चुनिंदा राज्यों में से एक है।

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