डिमांड तेज होने से रूम रेट 10 % तक बढ़ाएंगे होटल

नई दिल्ली,यदि आप बाहर घूमने जा रहे हैं तो होटल रूम में ठहरने के लिए आपकों अब अधिक खर्च करना होगा। ऑक्युपेंसी बढ़ने और सप्लाई की तुलना में डिमांड अधिक होने से होटल चेन औसत रूम रेट्स में बढ़ोतरी करने की योजना बना रही हैं। आईटीसी , एकॉर होटल्स और बजट होटल ब्रांड सरोवर ने बताया कि लगभग सभी होटल ब्रांड्स इस वर्ष 8-10 प्रतिशत तक रेट बढ़ा सकते हैं। आईटीसी होटल्स एंड वेलकम होटल्स के चीफ एग्जिक्यूटिव दीपक हक्सर ने बताया, 2018-19 में आईटीसी के सभी होटलों में डिमांड बढ़ी है और यील्ड में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आईटीसी ग्रैंड गोवा, हैदराबाद में आईटीसी कोहिनूर और कोलकाता में जल्द लांच होने वाले आईटीसी रॉयल बंगाल के जुड़ने के साथ औसत रूम रेट्स पिछले वर्ष की तुलना में अधिक होने की संभावना है। अधिकतर शहरों में रेट्स में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है।’
कंसल्टेंसी फर्म एचवीएस एनारॉक के प्रेसिडेंट (साउथ एशिया) मंदीप लंबा ने बताया कि देश की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री का ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस अच्छा रहा है और पिछले दो वर्षों से यह कुछ ग्रोथ हासिल कर रही है। उन्होंने कहा, 2019 में अधिकतर मेट्रो शहरों में रेट्स में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। हमें इंडस्ट्री की ग्रोथ डबल डिजिट में रहने की उम्मीद है। देश का होटल सेक्टर औसम 70 प्रतिशत ऑक्युपेंसी की ओर बढ़ रहा है। 2017-18 में देशभर में ऑक्युपेंसी का औसत रेट लगभग 66 प्रतिशत का रहा। यह लगभग एक दशक में सबसे अधिक है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री पर पिछले वर्ष के अंत में जारी रिपोर्ट में बताया गया था कि शॉर्ट-टर्म में डिमांड के सप्लाई से अधिक रहने का अनुमान है और इससे ऑक्युपेंसी 68-70 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इससे औसत रूम रेट्स में तेजी आएगी। सरोवर ब्रांड अपने सभी होटल्स के रेट करीब 8 प्रतिशत बढ़ा सकता है। सरोवर होटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय बकाया ने बताया, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में रेट्स में ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। 2008 में मंदी आई थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ऑक्युपेंसी बढ़ी है। 2018 में हमारा औसत ऑक्युपेंसी रेट लगभग 70 प्रतिशत रहा। ताज ब्रांड को चलाने वाली इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (रेवेन्यू मैनेजमेंट एंड डिस्ट्रीब्यूशन), बृज भूषण चाचरा ने बताया कि कंपनी के औसत रूम रेट्स पिछले वर्ष बढ़े थे। इस वर्ष भी इनमें वृद्धि होने की संभावना है।

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