5 फर्मों ने हिसार और सिरसा में 400 करोड़ रुपए के टैक्स में की हेराफेरी

हिसार,जीएसटी के बाद से फर्जी फर्में बनाकर टैक्स चोरी करने का सिलसिला अभी रुका नहीं है। जीएसटी डिपार्टमेंट ने हिसार, आदमपुर और सिरसा में ऐसी करीब 5 और फर्मों को पकड़ा है, जिन्होंने फर्जी बिल व पतों के सहारे करीब 400 करोड़ रुपए के टैक्स की गड़बड़ी की है।
प्रदेश में यह दूसरा मामला है जब एक ही तरीके से जीएसटी कानून की कमी का फायदा उठाकर फर्मों ने सैकड़ों बिल काट दिए,मगर सरकार को इसके एवज में टैक्स के नाम पर कुछ नहीं दिया। ऐसी फर्मों पर एफआईआर कराने को जीएसटी डिपार्टमेंट ने तैयारी कर ली है। यह फर्में लोहे और कॉटन में डील करती हैं।अफसरों की मानें तो इस अवैध धंधे में प्रदेश के कई जिलों में व्यापार करने वाले लोग पर्दे के पीछे रहकर टैक्स चोरी की नया तरीका अपना रहे हैं।
रजिस्ट्रेशन के समय कोई सत्यापन नहीं –
सबसे पहले फर्जी पता देकर फर्म बनाई गई, ताकि जांच हो तो पते पर कोई दफ्तर ही नहीं मिलेगा। फर्जी बिल बुक तैयार की गई। फर्म ऐसे लोगों के नाम पर बनाई गई, जिनका व्यापार से कोई रिश्ता ही नहीं है। दरअसल,जीएसटी में फर्मों के रजिस्ट्रेशन के समय कोई विशेष प्रकार का सत्यापन नहीं है, यही कारण है ऐसी फर्मों को बढ़ावा मिल रहा है। इस मामले में 4 फर्में लोहे में डील करती हैं। इन फर्मों ने लोहा खरीदने वाले को लाखों रुपए का बिल तो दिया,लेकिन सामान गया ही नहीं। इस पर जो 18 प्रतिशत जीएसटी लगा,वह इन्होंने बचा लिया। इस तरह से इन्होंने सैकड़ों बिल काट दिए। इसके साथ ही सिरसा की कॉटन की एक फर्म है, जिसने कॉटन में बिलों को आगे बढ़ाया,मगर माल नहीं भेजा।

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