केंद्र व राज्य के प्रतिनिधियों के साथ अन्ना की बातचीत बेनतीजा रही ,छठे दिन अनशन जारी

अहमदनगर,सामाजिक कार्यकर्त्ता अन्ना हजारे का अनशन मंगलवार को छठे दिन भी जारी रहा। सोमवार को अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने से इनकार करते हुए हजारे ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे से ‘हल्के-फुल्के तरीके’ से निपट रही है। वह लोकपाल की नियुक्त के लिए पिछले छह दिनों से अनशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा सरकार का रवैया निराश करने वाला है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह लोकपाल विधेयक के मसौदा को लेकर आम आदमी को गुमराह कर रही है। केंद्रीय मंत्री सुभाष भामरे, महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन और हजारे के बीच अहमद नगर के रालेगण सिद्धी गांव में बातचीत सोमवार को भी बेनतीजा रही। पिछले छह दिनों में 81 वर्षीय हजारे का वजन 4। 25 किग्रा कम हो गया है। दिन में किसानों और महिलाओं सहित करीब 2600 ग्रामीणों ने अहमदनगर जिला कलेक्टर के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। वहीं, ग्रामीणों ने उनके अनशन के समर्थन में महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में एक राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया जिससे इलाके में लंबा जाम लग गया। अन्ना हजारे ने केंद्र और महाराष्ट्र में लोकायुक्त की तत्काल नियुक्ति और किसानों के मुद्दों के समाधान के लिए बुधवार को अहमदनगर जिला स्थित अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि में अनशन शुरू किया था। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार से अन्ना हजारे की भूख हड़ताल में हस्तक्षेप करने की अपील की और उससे कहा कि वह सामाजिक कार्यकर्ता की जिंदगी से ना ‘खेले।’ उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय के उस कथित पत्र को ‘निंदनीय’ और ‘हास्यास्पद’ बताया जिसमें हजारे के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की गई है। शिवसेना अध्यक्ष ने कहा कि हजारे की लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है जिसका देश सामना कर रहा है। उन्होंने हजारे से अनशन कर अपनी जान दांव पर लगाने के बजाय लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए अपनी लड़ाई को सड़कों पर ले जाने के लिए कहा।
ज्ञात हो कि 81 साल के अन्ना हजारे की मांगों के समर्थन में किसानों और युवाओं ने आज सुबह यहां से करीब 38 किलोमीटर दूर पारनेर तहसील के सुपा गांव में अहमदनगर-पुणे राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इससे वहां भारी जाम लग गया। आंदोलन के संयोजक शाहिर गायकवाड़ ने कहा कि वे केंद्र में लोकपाल और उन राज्यों में लोकायुक्त की हजारे की मांग का समर्थन करते हैं, जहां यह नहीं है। साथ में, किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और कुछ चुनाव सुधार की मांग का भी समर्थन करते हैं। सुपा थाने के निरीक्षक राजेंद्र भोसले ने कहा कि पुलिस ने आंदोलनकारियों को शांत करने की कोशिश की और उनसे अवरोध खत्म करने को कहा क्योंकि सड़क पर दोनों ओर छह किलोमीटर लंबा यातायात जाम लग गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सड़क से अवरोध खत्म करने के लिए दोपहर को करीब 110 आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया और बाद में उन्हें छोड़ दिया।

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