लोकपाल नहीं बनाया तो हर हाल में अपना पद्म भूषण लौटा दूंगा : अन्ना

रालेगण सिद्धि, पिछले 5 दिन से लोकपाल को लेकर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने रविवार को कहा अगर केंद्र सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया तो वह अपना पद्म भूषण पुरस्कार सरकार को वापस लौटा देंगे। इससे पहले, भाजपा की सहयोगी शिवसेना हजारे के समर्थन में आगे आई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उनसे आग्रह किया कि वे समाजवादी कार्यकर्ता जयप्रकाश नारायण की तरह भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करें।
अन्ना हजारे ने केंद्र में लोकपाल और महाराष्ट्र में लोकायुक्त की तत्काल नियुक्ति और किसानों के मुद्दों के समाधान के लिए बुधवार को अहमदनगर जिले में स्थित अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि में अनशन शुरू किया था। हजारे ने रविवार को कहा अगर यह सरकार अगले कुछ दिनों में देश से किए अपने वादों को पूरा नहीं करती तो, मैं अपना पद्म भूषण सम्मान लौटा दूंगा। उन्होने कहा कि मोदी सरकार ने लोगों के विश्वास को तोड़ा है।
गौरतलब है कि 81 वर्षीय कार्यकर्ता को 1992 में तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान दिया गया था। हजारे केंद्र में भ्रष्टाचाररोधी निकाय लोकपाल और राज्य में लोकायुक्तों की नियुक्ति के अलावा किसानों की परेशानियों को हल करने के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और चुनाव सुधार की मांग कर रहे हैं।
अन्ना हजारे की मांगों के समर्थन में, किसानों एवं युवाओं ने यहां से करीब 38 किलोमीटर दूर पारनेर तहसील के सुपा गांव में अहमदनगर-पुणे राज्य राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। सड़क पर दोनों ओर 6 किलोमीटर लंबा यातायात जाम लग गया था। पुलिस ने सड़क पर से अवरोध खत्म करने के लिए 110 आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया और बाद में उन्हें छोड़ दिया। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने इस मामले में प्रदेश की भाजपा सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा कि वह सामाजिक कार्यकर्ता की जिंदगी से न खेलें। ठाकरे ने हजारे से अपनी जिंदगी ‘त्यागने’ के बजाय सड़क पर उतरने को कहा। साथ में उनसे अनुरोध किया कि उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में जयप्रकाश नारायण जैसी भूमिका निभानी चाहिए। शिवसेना प्रमुख ने कहा कि हजारे की स्थिति जीडी अग्रवाल की तरह नहीं होनी चाहिए, जिन्होंने स्वच्छ गंगा के लिए अनशन किया था और उनका निधन हो गया था। अन्ना हजारे ने अपनी मांगों पर चर्चा के संबंध में राज्य सरकार के दूत और मंत्री गिरीश महाजन से मिलने से इनकार कर दिया था।

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