दो शार्प शूटर गिरफ्तार, छबील पटेल और मनीष गोस्वामी ने करवाई थी जयंती भानुशाली की हत्या

अहमदाबाद,भाजपा के पूर्व विधायक और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष जयंती भानुशाली की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने दो शार्प शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है. हांलाकि भानुशाली की हत्या की साजिश रचने वाले मुख्य षडयंत्रकारी छबील पटेल और मनीषा गोस्वामी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं.
गुजरात के पुलिस महानिदेशक अजय तोमर ने बताया कि निजी दुश्मनी के चलते जयंती भानुशाली की हत्या करवाई गई. भाजपा नेता और पूर्व विधायक छबील पटेल और जयंती भानुशाली पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली मनीषा गोस्वामी मामले की मुख्य आरोपी है. छबील पटेल घटना से पहले विदेश भाग गया था. जबकि मनीषा गोस्वामी फरार है. छबील पटेल और मनीषा गोस्वामी ने जयंती भानुशाली की हत्या करवाई थी. हत्या के लिए दोनों ने पूणे के शार्पशूटर को सुपारी दी थी. छबील पटेल आर्थिक और राजनीतिक रूप से जयंती भानुशाली के कट्टर प्रतिद्वंद्वी थे. कहना गलत नहीं होगा कि छबील पटेल और जयंती भानुशाली एक-दूसरे के शत्रु थे. मनीषा गोस्वामी को जयंती भानुशाली के भतीजे द्वारा की गई एक एफआईआर के कारण कई दिन जेल में बिताना पड़ा था. हांलाकि बाद में छबील पटेल की मदद से मनीषा गोस्वामी जेल से बाहर आई थी. छबील पटेल और मनीषा गोस्वामी दोनों का दुश्मन एक ही था. जिससे दोनों ने मिलकर जयंती भानुशाली की हत्या की योजना बनाई थी. छबील पटेल और मनीषा गोस्वामी ने पूणे के सुरजित भाऊ गैंग का सपंर्क कर जयंती भानुशाली की हत्या की सुपारी दी थी. शार्पशूटर सुरजीत भाउ, शशीकांत कांबले और शेख असरफ नामक शख्सों ने भानुशाली की हत्या को अंजाम दिया. घटना के एक सप्ताह पहले से तीनों छबिल पटेल के कच्छ स्थित फार्म हाउस में ठहरे थे, जहां रहकर जयंती भानुशाली की गतिविधियों पर नजर रखी और उनकी हत्या की योजना बनाई थी. भानुशाली की हत्या के पांच दिन पहले 3 जनवरी को छबील पटेल मस्कत भाग गया था. जबकि मनीषा गोस्वामी 3 से 6 जनवरी तक कच्छ में रही और छबील पटेल के दो सहयोगी राहुल पटेल और वसंत पटेल नामक शख्सों ने फार्म हाउस में ठहरे तीनों शार्पशूटरों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई थी. जयंती भानुशाली के ट्रेन से भुज से अहमदाबाद जाने की पूरी जानकारी शार्पशूटरों को देने के बाद मनीषा गोस्वामी भी फरार हो गई. 7 जनवरी की रात 11 बजे जयंती भानुशाली ट्रेन संख्या 19116 सयाजीनगरी एक्सप्रेस में भुज से सवार हुए थे. भानुशाली की हत्या के लिए शार्पशूटर शशीकांत और शेख असरफ रात करीब 12 बजे भचाऊ रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए थे और रात करीब 12.55 बजे जयंती भानुशाली को गोली आंख और सीने में गोली मार दी. बाद में चैन पुलिंग कर अन्य साथियों के साथ कार में राधनपुर होते हुए पूणे फरार हो गए. इस दौरान शार्पशूटर गुजरात के कई टोल टेक्स बूथ के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए थे. पुलिस की जांच में जयंती भानुशाली का लापता मोबाइल भी हाथ लगा है. छबील पटेल के फार्म हाउस में शार्प शूटरों को सुविधा मुहैया करानेवाले वसंत पटेल और राहुल पटेल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

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