व्यापमं को बंद करने कि तेयारी, राज्य कर्मचारी चयन आयोग बनाया जा सकता है

भोपाल, प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (व्यापमं) को बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने पिछले सप्ताह वचन-पत्र से जुड़े मुद्दों की समीक्षा कर इस वादे को पूरा करने की गेंद तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के पाले में डाल दी है। बताया गया है कि व्यापमं का गठन तकनीकी शिक्षा विभाग ने किया है और बंद करने का फैसला भी वो ही कर सकता है। मिली जानकारी के अनुसार बड़े घोटालों का आरोप झेल रहा मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल बंद किया जा रहा है। इसके लिये नयी सरकार ने ये फैसला ले लिया है, कमलनाथ सरकार अब व्यापम की जगह राज्य कर्मचारी चयन आयोग जैसी नयी संस्था बनाने पर विचार कर रही है। इसके स्थान पर प्रदेश में अब जल्द ही नयी संस्था आकार लेने वाली है, प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड की जगह अब राज्य कर्मचारी चयन आयोग जैसी संस्था का बनायी जा रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस सरकार व्यापम को बंद कर युवाओं से किया अपना चुनावी वादा पूरा करने जा रही है। गोरतलब है कि शिवराज सरकार पर सबसे बड़ा आरोप व्यापम घोटाले का ही लगा था, ओर इसे लेकर कांग्रैस ने भी उस समय सत्ता पर काबिज भाजपा पर सडक से लेकर सदन तक जमकर हमला बोला :था। फिलहाल व्यापम के ज़रिए प्रोफेशनल कोर्सेस में एडमिशन और सरकारी नौकरियों में भर्ती घोटाले का मामला सीबीआई जांच मे है। इसी मुददे को लेकर चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में व्यापम बंद करने का वादा किया था। अब सामान्य प्रशासन विभाग संस्था का नया प्रारूप तैयार कर रही है। गोरतलब है कि व्यापम यानि प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर हमेशा घिरता रहा है। एमपीपीएससी में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आयीं. सहायक प्राध्यापक भर्ती को लेकर भी व्यापम पर सवालिया निशान लग चुके है। कांग्रेस के सत्ता में आने के फौरन बाद ग्रुप चार के परीक्षार्थियों ने मुख्यमंत्री से न्याय की मांग की थी। व्यापम पर चारों तरफ से घिरने के बाद भाजपा सरकार ने इसका नाम बदलकर प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड कर दिया था। लेकिन व्यापम का नाम बदलने के बाद भी परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत सामने आती रहीं।

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