भाजपा को सत्ता से दूर करने के लिए कांग्रेस को दे रहे हैं समर्थन: मायावती

लखनऊ, कहते हैं राजनीति में कोई भी दोस्त और दुश्मन नहीं होता, चुनाव से पूर्व कांग्रेस से दूरी बनने वाली बहनजी और अखिलेश अब कांग्रेस के समर्थन में आ चुकी है। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती द‌्वारा मध्यप्रदेश में कांग्रेस को समर्थन देने के बाद बड़ी खबर है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मध्यप्रदेश में कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की है। बता दें मध्यप्रदेश चुनाव में बसपा ने दो सीटों पर कब्जा जमाया है और समाजवादी पार्टी ने एक सीट जीती है। मायावती के कांग्रेस को समर्थन देने के ऐलान के कुछ ही देर बाद अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर हैंडल से समर्थन का ट्वीट किया। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद मध्यप्रदेश और जरूरत पड़ी तो राजस्थान में कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है। इस दौरान बीएसपी सुप्रीमो ने ये भी कहा कि ये कदम उन्होंने सिर्फ बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए उठाया है।
कांग्रेस की कई नीतियों से वह अभी भी सहमत नहीं हैं। मायावती ने कहा कि बीएसपी ने कांग्रेस और बीजेपी, दोनों से मुकाबला किया है। मायावती ने कहा कि खासकर मध्यप्रदेश में जनता ने दिल पर पत्थर रखते हुए नहीं चाहते हुए भी पूर्व में कई सालों तक सत्ता में रही कांग्रेस को अपना वोट दिया है। कांग्रेस ने इसका पूरा लाभ उठाया है और इस ये लोकसभा आम चुनाव में भी भुनाने की पूरी कोशिश करने वाले है। मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों से मुकाबला किया। लेकिन हमारी पार्टी अपने मकसद में कामयाब नहीं हुई है। बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस की सोच और कुछ नीतियों से सहमति न होने के बाद भी मध्यप्रदेश में कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है। मायावती ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस ने एससी एसटी वर्ग का उद्धार नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में दलितों का भला नहीं हुआ इस कारण बीएसपी पार्टी का जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि अगर राजस्थान में जरूरत पड़ी तो बसपा वहां भी कांग्रेस को समर्थन देगी। मायावती ने कहा कि राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सरीखे राज्यों में लोग पूरी तरह से बीजेपी के खिलाफ थे, बड़े विकल्प मौजूद न होने की हालत में जनता ने कांग्रेस को चुना है।

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