CM के फोन से गायब हुआ नेटवर्क तो पुलिस ने BSNL अफसरों को बंधक बनाया

दुमका, जन चौपाल में हिस्सा लेने गए दुमका गए मुख्यमंत्री रघुबर दास के फोन में नेटवर्क नहीं आया तो पुलिस ने बीएसएनएल के दो कर्मचारियों को आधी रात को उनके घर से उठा कर बंधक बना लिया। मुख्यमंत्री रघुबर दास ‘जन चौपाल’ में हिस्सा लेने के लिए दुमका गए थे। वह स्थानीय गेस्ट हाउस में रुके हुए थे। आधी रात को उन्होंने पाया कि उनके मोबाइल में नेटवर्क नहीं है। उन्होंने इसकी शिकायत अपने स्टाफ से की। इसके बाद पुलिस ने ‘त्वरित कार्रवाई’ करते हुए बीएसएनएल के दो कर्मचारियों को रात में ही उनके घर से उठा कर थाने में बिठा लिया। उन दोनों को सुबह 3 बजे के बाद घर जाने की अनुमति दी गई।
गेस्ट हाउस में ठहरे मुख्यमंत्री के मोबाइल फोन में नेटवर्क न आने की वजह से दुमका के टेलिकॉम जिला प्रबंधक पीके सिंह और सहायक जूनियर टेलिकॉम अधिकारी को सजा के तौर पर पुलिस ने थाने में तीन घंटे तक बिठाए रखा गया। दुमका पुलिस ने दोनों को उनके घर से तब उठा लिया जब आधी रात को सीएम रघुवर दास ने फोन में नेटवर्क न आने की शिकायत की थी। क्षेत्र के पुलिस प्रभारी देवब्रत पोद्दार ने बताया कि स्थानीय गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री रघुवर दास रुके हुए थे। वहां मोबाइल पर बीएसएनएल का नेटवर्क नहीं आ रहा था। इसके बाद पुलिस बीएसएनएल दो अधिकारियों को उनके घर से पुलिस स्टेशन लेकर आए। उन्हें सजा के तौर पर तीन घंटे थाने में बिठाए रखा गया। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। सीएमओ की ओर से घटना की पुष्टि नहीं हुई है।
हालांकि, विपक्ष ने अधिकारियों को कैद में रखे जाने की आलोचना की है। विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे मुख्यमंत्री की फासिस्ट सोच करार दिया है। नेताओं ने कहा कि दो पुलिस अधिकारियों को सिर्फ इसलिए थाने में बुलाना कि सीएम के फोन में नेटवर्क नहीं आ रहा है, मुख्यमंत्री की ‘फासिस्ट सोच’ को उजागर करता है। वहीं घटना को लेकर इलाके के बीएसएनएल कर्मचारियों में काफी गुस्सा है।

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