निवेशकों में भय कहीं रियल एस्टेट कम्पनियाँ डिफॉल्टर न हो जाएँ

मुंबई,इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस ने बताया कि उसने सुपरटेक के दो प्रोजेक्ट्स के लिए 600 करोड़ का कर्ज दिया था। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस को हिल टाउन प्रोजेक्ट के लिए एस्क्रो एकाउंट में हर महीने 30 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। यह 70 लाख वर्ग फुट का प्रोजेक्ट है और इसका 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस ने एनसीआर में सुपरनोवा प्रोजेक्ट के लिए भी कंपनी को कर्ज दिया है। यह बिल्डिंग तैयार है और इसके लिए ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट का इंतजार किया जा रहा है।
इंडियाबुल्स ने कहा कि सुपरटेक उससे लिए गए लोन का भुगतान समय पर कर रही है। उसने यह भी बताया कि कंपनी को वाटिका और रेडियस से भी पेमेंट्स मिल रही हैं, जिनकी फाइनेंशियल हेल्थ को लेकर बाजार में अटकलें लग रही हैं। इंडियाबुल्स के प्रवक्ता ने बताया, ‘सुपरटेक, वाटिका, रेडियस के सभी लोन एकाउंट 30 सितंबर तक स्टैंडर्ड थे। लीज रेंटल डिस्काउंटिंग फैसिलिटी और कंस्ट्रक्शन फाइनेंस फैसिलिटी का भुगतान कंपनी की तरफ से एस्क्रो एकाउंट में जमा कराए गए एस्क्रो एकाउंट से हो रहा है। यह पैसा टेनेंट या होम बायर्स की तरफ से आ रहा है। इन प्रॉपर्टीज के लिए एडिशनल कोलैटरल कंपनी ने जमा कराया है।’ कंपनी ने बताया कि गिरवी रखे गए एसेट्स लोन की वैल्यू से कई गुना ज्यादा कीमत के हैं। निवेशकों को डर है कि कई हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां बिल्डरों के डिफॉल्ट करने से फंस सकती हैं। रियल एस्टेट मार्केट में लंबे समय से सुस्ती बनी हुई है। उन्हें लग रहा है कि अगर यही हाल रहा तो और रियल एस्टेट कंपनियां डिफॉल्ट करेंगी। इसकारण होम लोन कंपनियों ने म्यूचुअल फंड्स से जो पैसा लिया है, वह उसका भुगतान समय पर नहीं कर पाएंगी और उन्हें आगे के लिए बढ़ाना होगा। पिछले दो महीने में क्रेडिट मार्केट की स्थिति नाजुक हुई है। इस संकट की शुरुआत इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी के डिफॉल्ट से हुई थी।
रिजर्व बैंक ने यस बैंक के सीईओ राणा कपूर का कार्यकाल बढ़ाने की बैंक की अपील ठुकरा दी है। इससे यह डर बना है कि रियल एस्टेट कंपनियों को फंडिंग में समस्या आ सकती है। यस बैंक ने रियल एस्टेट कंपनियों को काफी कर्ज दिया है। एलएंडटी फाइनेंस, पीएनबी हाउसिंग और सरकारी बैंकों ने भी रियल एस्टेट कंपनियों को कर्ज दिया है। सुपरटेक पर करीब 1,900 करोड़ रुपये का कर्ज है, जो उसने सिंडिकेट बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस और एलएंडटी हाउसिंग फाइनेंस से लिया है। कंपनी की एवरेज फंडिंग कॉस्ट 12 पर्सेंट है।

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