विश्वसनीयता के संकट से जूझ रहे हैं मोदी-राहुल

तिरुवनंतपुरम, कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष आज विश्वसनीयता का संकट है। तिरुवनंतपुरम में दिवंगत आरएसपी नेता बेबी जॉन के जन्मशती समारोह के सिलसिले में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ”तीन साल पहले मोदी सत्ता में आए क्योंकि जनता को उनसे काफी उम्मीदें थीं। देश में ज्यादातर लोगों को उस वक्त नरेंद्र मोदी और उनके शब्दों में विश्वास था। लेकिन आज परिस्थिति बदल चुकी है। आज तीन साल बाद पीएम नरेंद्र मोदी विश्वसनीयता के संकट का सामना कर रहे हैं।”
राहुल गांधी ने बीजेपीको भी निशाने पर लिया। उन्होंने बीजेपी पर बरसते हुए कहा कि गुजरात में विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान के दौरान भगवा दल के पूर्ण दिवालिएपन का पर्दाफाश हो गया। राहुल नेकहा, ”जैसे-जैसे चुनाव प्रचार अभियान आगे बढ़ा, हमें बीजेपी में पूर्ण दिवालियापन दिखा। वे एक मुद्दे से दूसरे मुद्दे पर भटकते रहे। सबसे पहले उन्होंने नर्मदा की बात की, उसके बाद ओबीसी और उसके बाद वे विकास की ओर मुड़ गए और अंत में हमने एक तमाशा देखा।”
राहुल ने कहा कि चुनाव प्रचार अभियान के आखिरी तीन-चार दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ अपनी बात की और और देश के पूर्व प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) का अपमान किया। गुजरात में पार्टी के अच्छा प्रदर्शन करने का भरोसा जताते हुए राहुल ने कहा, हम उन ताकतों को हराने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ”वे ताकतें हमारे सामने नहीं खड़ी रह पाएंगी। ऐसी ताकतों की नींव काफी कमजोर है… उनकी आवाज काफी ऊंची है लेकिन आवाज खोखली है।”
राहुल ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस लोगों को जाति तथा धर्म के नाम पर बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे केरल में पांव जमाने का प्रयास कर रहे हैं। यह हमारा कर्तव्य है कि हम न सिर्फ केरल में बल्कि पूरे देश में ऐसी ताकतों से मुकाबला करें। कांग्रेस नेता ने कहा कि गुजरात के लोगों के साथ समय बिताने के बाद वहां के लोगों ने कहा कि पिछले 22 साल (बीजेपी के शासन काल) बेकार गए। उन्होंने दावा किया कि श्रमिकों, किसानों और महिलाओं को भुला दिया गया। स्वास्थ्य व्यवस्था नष्ट हो गई है।
इससे पहले राहुल गांधी ने दक्षिणी केरल में चक्रवात ओखी से प्रभावित कुछ स्थानों का दौरा भी किया। उन्होंने बार-बार इस तरह की त्रासदियों को होने से रोकने के लिए बेहतर चेतावनी प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया।

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