खाली पड़ी रही कुर्सी, नहीं पहुंचे किसान,सिर्फ पांच किसानो को ही दे पाए प्रमाणपत्र

अशोकनगर,मुख्यमंत्री भावांतर योजना का शुभारंभ सोमवार को हो गया है। लेकिन इस योजना के कार्यक्रम में टेंट की कुर्सियां खाली देखीं गईं। उगली पर गिनने वाले ही किसान दिखाई दिए। कृषी मण्डी से 15 किसानों के लिए प्रमाणपत्र तैयार कर देने के लिए लाए थे लेकिन पांच किसान ही प्रमाणपत्र लेने के लिए पहुंचे। 10 प्रमाणपत्र मण्डी सचिव वापिस ले गए। किसानों को खाना और पानी की व्यवस्था भी सही नहीं थी।
भावांतर भुगतान योजना के शुभारंभ अवसर पर विधायक गोपीलाल जाटव ने कहा कि मुख्यमंत्री भावांतर योजना किसानों के लिए काफी हितकारी होगी। यह योजना प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मध्यप्रदेश के किसानों को आज से शुभारंभ कर समर्पित की। सरकार किसानों को हर तरफ से सहूलियत देने के लिए कार्य कर रही है। इसके पूर्व शून्य प्रतिशत् पर कृषि ऋण एवं फसल बीमा योजना जैसी योजनाएं लागू कर खेती को फायदे का धंधा बनाने की दिशा में किसानों के हित में कार्य किए गए हैं।
इस अवसर पर इस योजना के तहत सर्वप्रथम अपनी 11.35 क्विंटल उड़द बेचने वाले ग्राम सेमरखेडी निवासी बृजपाल सिंह यादव को विक्रय पत्र देकर अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही ग्राम सुहागपुर निवासी सुखदेव सिंह तथा ग्राम हैदर निवासी यशवंत सिंह को विक्रय प्रदत्त किया गया। कार्यक्रम में किसान मोर्चा के अध्यक्ष अनिल रघुवंशी, सत्येन्द्र कलावत, जनप्रतिनिधि, मंडी सचिव सहित कृषकगण उपस्थित थे।

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