दारुल उलूम देवबंद का फतवा, महिलाएं नहीं बनाएं आईब्रो

देवबंद,मुस्लिम धर्म के ठकेदार बनाकर लोगों को राय देने मुस्लिम धर्मगुरुओं पे एक बार फिर फतवा जारी किया है। इस बार फतवे में मुस्लिम महिलाओं के बाल कटवाने और आईब्रो पहीं बनवाने के लिए कहा गया है। फतवा ने जारी किया है। भारत में यह पहला मौका नहीं है जब देवबंद ने महिलाओं के खिलाफ ऐसा कोई फतवा जारी किया हो। इससे पहले अप्रैल 2017 में तंजीम उलेमा ए हिंद के एक मौलाना ने विवादित बयान दिया था। मौलाना ने अपने बयान में मुस्लिम महिलाओं का नौकरी करना इस्लाम के खिलाफ बताया था। तंजीम उलेमा ए हिंद के प्रदेश अध्यक्ष और देवबंद के मौलाना नदीम उल वाजदी ने कहा था कि महिलाओं को नौकरी नहीं करना चाहिए, यह इस्लाम के खिलाफ है। इसकी बजाय उन्हें घर में रहकर घर के काम और बच्चों की परवरिश करनी चाहिए। अगर घर में कोई कमाने वाला हो तो महिला नौकरी ना करे और अगर कमाई के लिए जाना पड़े तो वो चेहरा ढककर काम करे। वहीं एक अन्य मौके पर देवबंद अपने एक फतवे में भारत माता की जय कहने को भी गलत करार दिया था। इसके साथ ही तलाक को लेकर कहा गया था कि इसके लिए महिला का मौजूद होना जरूरी नहीं है, फोन पर भी तलाक दिया जा सकता है। इन फतवों के साबित होता हैं कि मुस्लिम धर्म में अपनी मुस्लिम धर्मगुरुओं की दुकानदारी अभी भी जारी है। यह अलग बात हैं कि आजकल इनके फतवों पर कोई गौर ही नहीं करता हैं। लेकिन बावजूद इसके मुस्लिम धर्मगुरुओं का काम मुस्लिम समाज के लोगों को राय देना होता है। तो वहां देकर ही मानते है। बात दे कि कई बार बालीवुड के दंबग सलमान खान द्वारा घर में गणेशी के बैठने को लेकर भी सलमान के खिलाफ फतवा जारी हो चुका है।

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