PM मोदी सीदी सैयद मस्जिद में जापानी PM शिंजो आबे के गाइड बनेंगे

अहमदाबाद, अहमदाबाद की मशहूर सीदी सैयद मस्जिद की इन दिनों जितनी चर्चा हो रही है, उतनी शायद ही पहले कभी नहीं हुई होगी। वजह यह है कि जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे अपनी भारत यात्रा के दौरान इस मस्जिद को देखने आने वाले हैं। उनके साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी होंगे। मोदी चाहते हैं जब शिंजो आबे उनके साथ इस मस्जिद में जाएं, इससे जुड़ी सभी अहम बातें, उन्हें पता होनी चाहिए। ताकि वह आबे को इसके बारे में बता सकें। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सुन्नी वक्फ कमेटी से 16वीं शताब्दी में बनी इस मस्जिद के स्थापत्य और इतिहास से संबंधित सारी जानकारियां भेजने को कहा है। म्युनिसिपल कमिश्नर मुकेश कुमार ने बताया, ‘प्रधानमंत्री मोदी और आबे सीदी सैयद मस्जिद देखने पहली बार आ रहे हैं। हालिया दिनों में यूनेस्को के डायरेक्टर जनरल इरिना बोकोवा को छोड़कर कोई नामचीन हस्ती इस मस्जिद को देखने नहीं आया। इरिना गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी को वर्ल्ड हेरिटेज सर्टिफिकेट सौंपने आए थे।’
सुन्नी वक्फ कमेटी के अध्यक्ष रिजवान कादरी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद जापानी पीएम शिंजो आबे को सीदी सैयद मस्जिद की अहमियत और इतिहास बताना चाहते हैं। यह मस्जिद संस्कृति और खूबसूरती का मिश्रण है। यह अहमदाबाद की पहचान है। सूत्रों का कहना है कि 2013 में ओमान के मंत्री मोहम्मद बिन कासिम की अगुवाई में तीन सदस्यीय दल इस मस्जिद को देखने आया था, लेकिन यह अनौपचारिक दौरा था। जापानी पीएम 13 सितंबर को भारत पहुंच रहे हैं। आबे अपने भारत दौरे के पहले ही दिन अहमदाबाद की यात्रा करेंगे। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे भारत के अपने दो दिवसीय दौरे में अहमदाबाद में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ एक रोड शो में भी शामिल होंगे। आठ किलोमीटर लंबा रोड शो अहमदाबाद एयरपोर्ट से शुरू होगा और साबरमती आश्रम तक जाएगा।
पीएम मोदी और शिंजो आबे के लिए खासतौर पर फोटो सेशन का कार्यक्रम रखा गया है। शाम 6.45 के करीब दोनों पीएम यहां फोटो खिंचवाएंगे। सूर्यास्त के वक्त वह नजारा बेहद मनोरम होता है। सीदी सैयद मस्जिद का इतिहास बेहद दिलचस्प है। इसे 1572 में सुल्तान शमसुद्दीन मुजफ्फर शाह (तृतीय) के शासनकाल में इथियोपिया के हब्शी सीदी सैयद ने बनाया था। मुजफ्फर शाह गुजरात सल्तनत के आखिरी सुल्तान थे। वैसे यह मस्जिद पूरी तरह बनकर तैयार 1573 में तैयार हुई, जब मुगल बादशाह अकबर ने गुजरात पर कब्जा कर लिया था।

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