4 घंटे की मशक्कत से पुलिस ने निकाला टवेरा में फंसा शव, एक की मौत तीन घायल

मुलताई, नगर से लगभग 10 किलोमीटर दूर बैतूल की ओर हाईवे पर बुधवार-गुरूवार की दरमियानी रात्री मार्ग के किनारे खड़े कंटेनर से टवेरा वाहन टकरा गया जिससे मौके पर एक की मौत हो गई वहीं तीन अन्य घायल हो गए। दुर्घटना में कंडक्टर सीट पर बैठे युवक का शव वाहन में फंस गया जिससे पुलिस को शव निकालने के लिए लगभग 4 घंटे मशक्कत करना पड़ा जिसके बाद शव निकाला गया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार रात्री लगभग 1.30 बजे टवेरा क्रमांक एमपी 48 जी 7777 से चंद्रभान पिता संतोषराव करोले 24 वर्ष निवासी बैतूल बाजार, राजेश पिता रामू यादव 30 वर्ष कुटखेड़ी थाना बोरदेही,शेख इरशाद पिता शेख गफ्फार 30 वर्ष, संतोष उपासे उम्र 30 वर्ष निवासी बैतूल नागपूर से बैतूल की ओर जा रहे थे जो नगरकोट के पास खड़े कंटेनर से टकरा गए। दुर्घटना में चंद्रभान करोले की मौके पर ही मौत हो गई वहीं राजेश, शेख इरशाद तथा संतोष उपासे गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर टवेरा में से लगभग 4 घंटे की मशक्कत के बाद शव निकाला। वहीं तीन घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
हाईवे पर खड़ा था कंटेनर, ड्राईवर गया था ढाबे पर
नगरकोट के पास हाईवे पर कंटेनर खड़ा करके ड्राईवर विपरित दिशा में स्थित ढाबे पर गया था। हाईवे पर कंटेनर खड़ा रहने से तेज गति से बैतूल की ओर जा रही टवेरा अनियंत्रित होकर सीधे कंटेनर से टकरा गई। पुलिस ने बताया कि पहले कंटेनर में फंसी टवेरा को भारी मशक्कत के बाद निकाला गया जिसके बाद टवेरा में से फंसे शव को बामुश्किल निकाला गया। इस दौरान पुलिस को शव निकालने में लगभग 4 से 5 घंटे लग गए। थाना प्रभारी सुनील लाटा ने बताया कि शव बुरी तरह टवेरा में फंसा हुआ था जिसे निकालने के लिए पुलिस सहित ग्रामीणों को मशक्कत करना पड़ा।
पूर्व में भी हुआ था कंटेनर से हादसा
लगभग चार वर्ष पूर्व मुलताई के पास हाईवे पर खड़े कंटेनर से एक वाहन टकराने से नगर के ही पांच लोगों की घटनास्थल पर मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि कंटेनर चालक ढाबे पर जाने के लिए कंटेनर हाईवे पर ही खड़ा कर देते हैं उन्हे ढाबे परिसर में नही ले जाया जाता जिससे कई बार तेज गति से आने-जाने वाले वाहन उससे टकरा जाते हैं। नियमानुसार कंटेनर हाईवे पर खड़े ना होकर ढाबा परिसर में खड़े होने चाहिए लेकिन इसके बावजूद कंटेनर हाईवे पर खड़े कर दिए जाते हैं जिससे लगातार हादसे होते रहते हैं।

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