विदिशा इंजीनियरिंग कॉलेज की समितियां भंग,प्रशासक तैनात

भोपाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर मप्र की भाजपा सरकार फिर से आक्रामक है। उन्हें विदिशा के एसएटीआई से बाहर कर दिया गया है। इसी इंजीनियरिंग कॉलेज की महाराजा जीवाजी राव एजुकेशन सोसायटी को सरकार ने भंग कर इसे पूरी तरह से अपने हाथों में ले लिया है। सिंधिया इन समितियों के चेयरमैन थे।
अब यहां पर प्रशासन की तैनाती की गई है। यहां पर अब कलेक्टर अनिल सुचारी प्रशासक होंगे। इस संबंध में वाणिय, उद्योग और रोजगार विभाग के उपसचिव वीके बरोनिया ने आदेश जारी किया है। आदेश 27 अप्रैल को जारी कर दिया गया था। इस आदेश में यह कहा गया है कि एक साल के लिए अथवा जब तक नई समिति का निर्वाचन नहीं होता, तब तक के लिए प्रशासन नियुक्त किया जाता है। एसएटीआई में करीब 9 महीनों से उठापटक चल रही है। सिंधिया के कभी बहुत करीबियों में शुमार रहे पूर्व सांसद प्रताप भानु शर्मा ने ही उनके खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने 11 जनवरी को इस समिति के चुनाव करवाकर तकनीकी शिक्षा मंत्री दीपक जोशी को चेयरमैन बना दिया था।
यह था पहला हमला
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा कार्यसमिति में ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जमकर हमला बोला था। इसमें उन्होंने सिंधिया को स्वार्थी तक बोल दिया था। उन्होंने आरोप लगाए थे कि सिंधिया के ट्रस्ट ने लोगों की जमीनों पर बाउंड्री वाल बना ली है। उधर इस मामले में दो साल पहले राय आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में सिंधिया के खिलाफ शिकायत हुई थी, लेकिन मामला ग्वालियर शाखा को देकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। मुख्यमंत्री द्वारा सिंधिया पर लगाए गए तीखे आरोपों के बाद ईओडब्ल्यू ने भी अपनी जांच फिर से शुरू कर दी है। इस मामले में फरियादी को बयान के लिए बुलाया गया है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *