14 से 31 मई तक चार चरणों में ग्रामोदय से भारत उदय अभियान

भोपाल, प्रदेश में 14 अप्रैल से 31 मई तक चार चरण में ग्रामोदय से भारत उदय अभियान चलेगा और 15 अप्रैल से 2 मई तक कृषि महोत्सव मनाया जायेगा। इसके लिये सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। ग्रामोदय अभियान का शुभारंभ डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर जयंती पर उनकी स्मृति को नमन करने के साथ होगा। दूसरा चरण 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा। तीसरा चरण एक से 21 मई और चौथा चरण 22 से 31 मई तक चलेगा। जिलों के प्रभारी मंत्री इस अभियान की शुरूआत करेंगे।
मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय में तैयारियों की समीक्षा करते हुए हर गाँव में जल का कम से कम एक स्त्रोत विकसित करने या जीवित करने पर ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने की रणनीति बनाने के भी निर्देश दिये।
ग्राम संसदों का आयोजन
अभियान के दौरान ग्राम संसदों का आयोजन किया जायेगा। अधोसंरचना विकास, ग्रामीण विकास की विभिन्न योजना के हितग्राहियों का चयन, अभियान की गतिविधियों की समीक्षा और कार्यवाही प्रतिवेदन पर चर्चा की जायेगी। पिछले साल सफलता से संपन्न ग्रामोदय अभियान में उत्कृष्ट काम करने वाले जिला कलेक्टरों, अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरुस्कृत किया जायेगा। अभियान में राजस्व, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, कृषि, महिला-बाल विकास, स्वास्थ्य विभागों के सहयोग से गतिविधियाँ क्रिवयित की जायेंगी। ग्राम संसदों में कृषि आय को दोगुनी करने की कार्य-योजना पर चर्चा होगी और इसे अंतिम रूप दिया जायेगा।
इन पर चर्चा
अभियान में गाँवों के स्वच्छता प्लान, जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार, जलाभिषेक कार्यक्रम की तैयारी, गाँवों में गरीबी उन्मूलन की दीनदयाल अंत्योदय योजना जैसे कार्यक्रम, मनरेगा में किये जाने वाले कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का चयन, गाँव को खुले में शौच जाने से मुक्त बनाने का अभियान, ग्रामीण विकास के विभिन्न योजना के नये हितग्राहियों की पहचान करने, महिलाओं का स्वस्थ्य परीक्षण, बच्चों में कुपोषण के प्रति जागरूकता लाने, कृषि ग्राम सभाओं का आयोजन जैसी गतिविधियाँ संचालित की जायेंगी।
कृषि महोत्सव 15 अप्रैल से
ग्रामोदय अभियान के शुभारंभ के एक दिन बाद 15 अप्रैल से कृषि महोत्सव की भी शुरूआत हो रही है। पाँच वर्ष में किसानों की आमदनी दोगनी करने, खेती के नये तरीकों की जानकारी देने, माँग के अनुरूप कृषि उपज की बोनी करने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने, जैविक खेती को अपनाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण करने जैसी गतिविधियाँ संचालित की जायेगी। पूरे प्रदेश में 600 से ज्यादा कृषि क्रांति रथ किसानों को जागरूक बनायेंगे। इन रथों के माध्यम से किसानों को खेती की नई तकनीकी की जानकारी और परामर्श दिया जायेगा। सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करवाया जायेगा।

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