भीलांचल में कथोलिये की बिक्री बढ़ी

अलीराजपुर, अलीराजपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में ताड़ी का मौसम चल रहा है,गगन चुम्बी ताड पेड़ो से जो रस मिलता हे उसे ताड़ी कहा जाता है। ताड दो प्रजाति के होते हे बझिया तथा फलनिया बझिया ताड की ताड़ी समाप्ति पर हे इस ताड से ताड़ी उतरने के लिए छोटे बर्तन की जरुरत रहती हे जिसे कुपलिया कहते हे जब कि फलनिया ताड से अधिक रस (ताड़ी)निकलती हे जिसके लिए मिट्टी के बड़े बर्तन की जरुरत होती हे जिसे कथोलिया कहते हे इन दिनो कुम्हार कथोलिया बनाने में जुटे हे पकाने के बाद ये कथोलिया 50 से 70 रु नग के हिसाब से बिकते हे इन दिनों इनकी बिक्री अधिक हो रही है,जिससे कुम्हारों का धंधा अच्छा चल निकला है।

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