पेयजल के लिये 900 करोड़ का नया कार्यक्रम

भोपाल, पीएचई एवं जेल मंत्री सुश्री कुसुम महदेले ने कहा है कि प्रदेश में सतही स्रोत आधारित नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन पर अगले वित्तीय वर्ष में 1149 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण पेजजल कार्यक्रम में चालू माली साल के दौरान 313 करोड़ रुपये व्यय किये जा चुके हैं।
सरकार जेलों की सुरक्षा के साथ ही आधुनिकीकरण और कैदियों को अच्छा नागरिक बनाने की दिशा में प्रयासरत है। सुश्री महदेले आज विधानसभा में पीएचई और जेल विभाग की अनुदान माँगों पर हुई चर्चा का उत्तर दे रही थीं। उन्होंने चर्चा में भाग लेने वाले सदस्यों के निर्वाचन क्षेत्र के लिये अनेक सुविधाओं की घोषणा भी की। सुश्री कुसुम महदेले ने सदन को बताया कि पेयजल व्यवस्था की राष्ट्रीय नीति अब हेण्ड-पम्पों के स्थान पर नल-जल प्रदाय योजनाओं से घरेलू कनेक्शन देकर पेयजल उपलब्ध करवाने की है। इसके लिये वर्ष 2022 तक 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं को घरेलू कनेक्शन के माध्यम से जल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य है। पेयजल उपलब्ध करवाने की योजनाओं को बड़े स्तर पर लागू करवाने के लिये 900 करोड़ रुपये का एक नया कार्यक्रम अगले वित्तीय वर्ष से शुरू होगा।
जेल विभाग
उन्होंने बताया कि भोपाल के सेंट्रल जेल तथा अन्य सभी सेंट्रल जेलों का सुरक्षा
ऑडिट करवाकर प्राप्त सुझावों के अनुसार कार्यवाही की जायेगी। जेलों में गुप्तचर शाखा गठित कर
सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता की गयी है। वर्ष 2016 में 871 प्रहरी एवं अन्य संवर्ग के रिक्त पदों की
पूर्ति की कार्यवाही के साथ ही 6 जिला जेल अधीक्षक एवं 46 सहायक जेल अधीक्षक की नियुक्ति की दिशा में कदम उठाये गये हैं। सुरक्षा अमले में वृद्धि की दृष्टि से अनेक पदों पर भर्ती की गयी है। जेलों के आधुनिकीकरण के लिये 19 एम्बुलेंस क्रय किये गये तथा 15 जेल में सी.सी. टी.व्ही. कैमरे की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही वॉच-टॉवर, वॉकी-टॉकी, इलेक्ट्रिक फेंसिंग, बॉडी एवं बैगेज स्केनर, सायरन, बॉयोमेट्रिक डिवाइस, हाई मॉस्ट लाइट, जीपीएस ट्रेकिंग सिस्टम, बुलेट-प्रूफ जैकेट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। अगले वित्तीय वर्ष में जेलों में 36 नये बैरक, सुरक्षा-गार्ड रूम, कंट्रोल-रूम, वॉच-टॉवर एवं केन्द्रीय जेलों में दोहरी दीवार का निर्माण करवाया जायेगा।

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