नोटबंदी पर बोले स्वामी

कोयंबटूर. बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने नोटबंदी के फैसले पर नरेंद्र मोदी का बचाव किया है। पर कहा कि कैश की कमी और परेशानियों की वजह फाइनेंस मिनिस्ट्री की लापरवाही है। मंत्रालय ने पहले से तैयारी की होती तो ये नौबत नहीं आती। 2014 में सरकार ने ये फैसला कर लिया था…
– स्वामी ने कहा कि सरकार ने ब्लैकमनी और करप्शन के खात्मे के लिए 2014 में नोटबंदी का फैसला कर लिया था।
– “फाइनेंस मिनिस्ट्री की जिम्मेदारी थी कि वह इसके लिए जरूरी तैयारियां करती।”
– “मिनिस्ट्री ने तैयारियों में तेजी नहीं दिखाई और प्रधानमंत्री ने यह सोचकर नोटबंदी का एलान कर दिया कि सब कुछ ठीक है।”
– स्वामी ने यह भी कहा कि 500 और 2000 के नए नोटों का आकार काफी छोटा है, यह भी परेशानी का कारण है। संसद की कार्यवाही ठप होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके लिए भाजपा नहीं, बल्कि कांग्रेस जिम्मेदार है।
100% कैशलेस की बात कभी नहीं की, 15-20% भी हो जाए तो अचीवमेंट: गंगवार
– इधर, कैशलेस इकोनॉमी के दावों पर हो रही सरकार की खिंचाई पर रविवार को फाइनेंस स्टेट मिनिस्टर संतोष गंगवार भी सामने आए।
– उन्होंने कहा कि सरकार ने 100% कैशलेस होने की बात कभी नहीं की। सरकार यह मानती है कि 15 से 20 फीसदी कैशलेस हो जाना भी अचीवमेंट है।
– राज्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों में कैशलेस लेन-देन का सिस्टम है, लेकिन वहां भी यह 100 फीसदी नहीं है।
– भारत में नकदी सिस्टम बदलकर 20 फीसदी कैशलेस भी होना बड़ी अचीवमेंट होगी।
– एक्सपर्ट्स की नजर में नोटबंदी का इकोनॉमी पर उलटा असर पड़ेगा? इसके जवाब में गंगवार ने कहा- ”यह उन विशेषज्ञों की व्यक्तिगत राय है।”
– ”सरकार ने भ्रष्टाचार और कालेधन के खात्मे के लिए नोटबंदी का फैसला किया है।”
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