हाईकोर्ट के फैसले के बाद सहकारी बैंकों में भर्ती का रास्ता साफ

भोपाल,हाईकोर्ट जबलपुर ने अपेक्स बैंक (राज्य सहकारी बैंक) की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिए हैं कि पुराने विज्ञापन के आधार पर भर्ती की जा सकती है, बशर्ते आरक्षण तय सीमा से ज्यादा न हो। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद करीब साल भर से असमंजस में चल रही जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। बताया जा रहा है कि कोर्ट का आदेश मिलने के बाद अपेक्स बैंक सहकारिता विभाग से मार्गदर्शन लेकर नतीजे घोषित करने पर जल्द फैसला करेगा। अपेक्स बैंक ने 38 जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में लिपिक और कम्प्यूटर ऑपरेटर्स के रिक्त 1 हजार 634 पद पर भर्ती कराई थी। इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (आईबीपीएस) के माध्यम से 6 मई को प्री और 6 जून को मुख्य परीक्षा हुई थी। 9 जून को नतीजे आने थे। इसी दौरान आरक्षण और जिला बैंकों की भर्ती अपेक्स बैंक द्वारा कराने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर हो गई थी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए आदेश दिए कि जिला बैंक स्वतंत्र संस्था है। इसकी भर्ती के लिए परीक्षा अपेक्स बैंक नहीं करा सकता है। आरक्षण नियम को लेकर जरूर बैंक के पक्ष को सही ठहराया गया था। इस आदेश को लेकर अपेक्स बैंक ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। इस पर पिछले सप्ताह सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि पुराने विज्ञापन से भर्ती की जा सकती है पर आरक्षण तय सीमा से ज्यादा नहीं होना चाहिए। बैंक के प्रभारी प्रबंध संचालक आरके शर्मा ने बताया कि महाधिवक्ता कार्यालय ने हाईकोर्ट के निर्देश के बारे में बताया है पर आदेश की प्रति नहीं मिली है। प्रति मिलने के बाद सहकारिता विभाग से मार्गदर्शन लेकर अंतिम फैसला होगा। लंबे समय बाद सहकारी बैंकों के रिक्त पदों को भरने के लिए सभी बैंकों के पदों को एकजाई करते हुए परीक्षा कराई गई थी। पहली बार बैंक की भर्ती में आरक्षण नियम को लागू किया गया। लगभग 54 हजार उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा दी थी। इसमें 7 हजार उम्मीदवारों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए हुआ था। सूत्रों का कहना है कि अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में आरक्षण तय सीमा से ज्यादा बताया जा रहा है। इसके मद्देनजर यहां की मेरिट नए सिरे से तैयार की जाएगी। इसके बाद ही नतीजे घोषित होंगे।

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