नक्सलियों के हमले में नौ सीआरपीएफ जवान शहीद

सुकमा,छत्तीसगढ़ के सुकमा में मंगलवार को सर्च ऑपरेशन में जुटे सीआरपीएफ के जवानों पर घात लगाकर किए गए हमले में नौ जवान शहीद हो गए। इस हमले में छह जवान घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। जवानों को पहले आईईडी ब्लास्ट से निशाना बनाया गया, फिर फायरिंग की गई। हमले में करीब 100 नक्सली शामिल थे। नक्सल प्रभावित सुकमा के किस्तराम इलाके में दोपहर साढ़े 12 बजे सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन पर यह हमला हुआ। जवान सर्च ऑपरेशन के लिए जा रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया। खबरों के मुताबिक नक्सलियों को जवानों के मूवमेंट की जानकारी हो गई थी और यह पूर्व नियोजित हमला था। इस हमले में पीपल्स लिबरेशन ग्रुप का हाथ माना जा रहा है।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सुकमा नक्सली हमले के शहीदों के परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने हमले में घायल जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने कहा, मैंने डीजी सीआरपीएफ से सुकमा हमले पर बात की है और उन्हें छत्तीसगढ़ जाने को कहा है। नक्सल विरोधी अभियान के स्पेशल डीजी डीएम अवस्थी ने बताया, अतिरिक्त फोर्स घटनास्थल पर पहुंच गई है। फिलहाल गोलीबारी रुकी हुई है। इससे पहले पिछले साल अप्रैल में सुकमा में नक्सलियों के घात लगाकर किए गए हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए थे। ये सभी जवान सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के थे। जवानों की टीम रोड ओपनिंग के लिए जा रही थी। सीआरपीएफ जवान जब खाना खाने वाले थे, तभी घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी थी।
सुबह सीआरपीएफ ने खदेड़ा था
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में मंगलवार दोपहर बड़ा नक्सली हमला हुआ। नक्सलियों ने सीआरपीएफ के वाहन को निशाना बनाया, जिसमें 9 जवान शहीद हो गए। 25 जवान घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए रायपुर भेजा गया है। यह नक्सलियों का सीआरपीएफ जवानों पर जवाबी हमला था। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे नक्सलियों और सीआरपीएफ की 208 बटालियन के कोबरा कमांडोज़ के बीच मुठभेड़ हुई थी। जब कमांडोज़ ने नक्सलियों पर गोलीबारी की तो नक्सली भाग गए। लेकिन दोपहर करीब 12.30 बजे नक्सलियों का झुंड वापस आया और सीआरपीएफ की दूसरी टीम को निशाना बनाया। दोपहर को नक्सलियों ने सीआरपीएफ की 212 बटालियन पर किस्टाराम इलाके में हमला किया। नक्सलियों ने सीआरपीएफ की माइन प्रोटेक्शन व्हीकल को एलईडी ब्लास्ट कर उड़ा दिया। दरअसल, तेलंगाना बॉर्डर पर नक्सलियों के कुछ बड़े कमांडर मारे गए थे, जिसके बाद नक्सलियों ने यह हमला किया। कोबरा कमांडोज़ ने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया। लेकिन दोपहर को करीब 100 से 150 नक्सलियों ने सीआरपीएफ के वाहन पर हमला कर दिया। हालांकि सीआएपीएफ के पास खुफिया रिपोर्ट थी कि फरवरी और मार्च के महीने में नक्सली सुरक्षा बलों पर बड़े हमले कर सकते हैं। नक्सलियों ने बीजापुर के जंगलों में एक बड़ी मीटिंग की थी और इसमें नक्सली कमांडर हिडमा और पुलारी प्रसाद के अलावा 200 नक्सली शामिल थे। बता दें कि सुकमा का इलाका नक्सलियों के निशाने पर रहता है। पिछले साल भी सुकमा इलाके में ही सबसे बड़ा नक्सली हमला हुआ था। इसमें करीब 25 जवान शहीद हुए थे। यह हमला 24 अप्रैल-2017 को किया गया था।

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