कानून बना कर अयोध्या में किया जाए मंदिर का निर्माण : नृत्यगोपाल दास

अयोध्या, कारसेवक पुरम में वीएचपी और बजरंग दल की शौर्य सम्मान सभा में आए ज्यादातर संतों संसद में कानून बनाकर मंदिर निर्माण किए जाने की हिमायत की। राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा अब तो केंद्र और उत्तर प्रदेश दोनो जगह हमारी ही सरकारें हैं। ऐसे में कानून बना कर मंदिर निर्माण की राह की सभी मुश्किलों को दूर किया जाना चाहिए। केंद्र में भी और प्रान्त में भी। अब इस काम में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा ऐसा समय बार-बार नहीं आता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अब हिंदूओं की भावनाओं का आदर करना चाहिए। मंदिर निर्माण के लिए यही समय अनुकूल है। अगर अब भी मंदिर नहीं बना, तो आगे कठिनाइयां बढ़ जाएंगी। दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास महाराज ने तो मंदिर निर्माण के लिए सन 2018 की समय सीमा तय कर दी। परमहंस दास ने कहा अगर सन 2019 से पहले मंदिर नहीं बना तो साधुओं के पास भाजपा छोड़कर शिवसेना जिंदाबाद कहने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
राम शंकर दास ने सवाल किया कि इस संबंध में संसद से कानून क्यों नहीं बनाया जाता? जैन मुनि कमल मणिजी महाराज ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बताएं कि जब चार घंटे में नोटबंदी कर सकते हैं, तो फिर मंदिर क्यों नहीं बन सकता?’ कमल नयन दास ने कहा यहां का संत समाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आदेश देता है कि वह संसद में कानून बनाएं। किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं होगा।
मंदिर का सारा सामान तैयार है। विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीश बोले वह मस्जिद नहीं हमारे अपमान का प्रतीक थी। सरदार पटेल ने हिंदू होने के नाते सोमनाथ मंदिर के निर्माण का संकल्प नहीं लिया था। वह संकल्प राष्ट्रीय अस्मिता का था। इस बार भी ऐसा ही कंपल्प लेना होगा। कुछ लोग बीच का रास्ता निकालना चाहते हैं। कोई बीच का रास्ता नहीं है। कोई मस्जिद अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा और बाबरी के नाम पर नहीं बन सकती।

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