महिलाओं का पन्ना

स्मॉग से इस प्रकार अपनी त्वचा को बचा सकतीं हैं आप
वायु प्रदूषण यानि (स्मॉग) सिर्फ सेहत को ही नहीं बल्कि त्वचा को भी काफी बुरी तरह से नुकसान पहुंचा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के शीर्ष 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से आधे भारत में हैं। ऐसे में त्वचा को खास ख्याल की जरूरत होती है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण हमारी त्वचा का सबसे बड़ा दुश्मन होता है।
दरअसल, हवा में मौजूद धूल हमारी त्वचा की कोशिकाओं मे ऑक्सीजन के स्तर को कम कर देता है। त्वचा में ऑक्सीजन की कमी के कारण समय से पहले ही झुर्रियां पड़ जाती हैं। साथ ही यह धूल में मौजूद फ्री रेडिकल्स त्वचा को पूरी तरह से नष्ट करने के साथ ही कोलेजन को बनने से रोकता है।
प्रदूषण से सिर्फ झुर्रियां ही नहीं बल्कि त्वचा रुखी भी पड़ जाती है। त्वचा पर एलर्जी की वजह से जगह-जगह लाल धब्बे पड़ जाते हैं और कील मुहांसे भी काफी ज्यादा निकलने लगते हैं पर कुछ सावधानी रखकर आप अपनी त्वचाको को खराब होने से बचा सकती हैं।
प्रतिदिन हर 4 घंटे बाद अपने स्किन पर क्लींजर और टोनर लगाएं।
यूवी रेज से अपनी स्किन को बचाने और तरोताजा रखने के लिए रोजाना सन स्क्रिन जरूर लगाएं।
जीवाणुओं से होने वाले संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों पर हमेशा सेनिटाइजर लगाएं।
अपने चेहरे को बार बार हाथ न लगायें क्योंकि ऐसा करने से आपके हाथों के जीवाणु आपके चेहरे की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हवा में मौजूद धूल आपकी त्वचा के रोम छिद्र को बंद कर देती है, जिससे त्वचा सांस नहीं ले पाती। इससे आपकी त्वचा में ब्लैक हेड्स और कील मुहांसे निकल आते हैं। इसलिए सप्ताह में 2 बार स्क्रब का इस्तेमाल जरूर करें, खासकर जिनकी तैलीय त्वचा है।
दिन में तकरीबन 4 लीटर तक पानी पिएं। घर से बाहर निकलते वक्त भी पानी पिएं। इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई सही बनी रहेगी और वातावरण में मौजूद जहरीली गैसें अगर ब्लड तक पहुंच भी जाएंगी तो कम नुकसान पहुंचाएंगी।
ऐसे जहरीले स्मॉग में बाहर जाना सबकी मजबूरी होती है लेकिन बाहर से आने के बाद अपने चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से जरूर धोएं।
नहाने के बाद हल्के हाथों से तौलिए का इस्तेमाल करें। संभव हो तो नहाने के तुरंत बाद नारियल के तेल से या किसी ऑयली बॉडी लोशन से पूरे शरीर पर मसाज करें।

गर्भावस्था में बढ़े वजन को इस प्रकार करें कम
गर्भावस्था के बाद महिलाओं में वजन बढ़ना एक आम समस्या है जिसे ठीक करने व्यायाम के साथ ही खानपान का भी ध्यान रखना होगा। इसके अलावा हमारी रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसाले भी उपयोगी रहते हैं। खासकर जीरे वाला पानी विशेष रुप से लाभदायक रहेगा।
जीरे वाला पानी शरीर के कॉलेस्ट्रॉल और बीपी को ठीक करता है। इससे दिल की बीमारी का खतरा भी कम होता है।
शरीर में ग्लूकोज का स्तर ठीक रहता है, डायबिटीज का खतरा भी कम होता है।
डिलीवरी के बाद जीरे वाला पानी वजन घटाने में मददगार साबित होता है।
यह भी माना जाता है कि गर्भावस्था के बाद जीरा पानी पीने से दूध न बनने की समस्या भी ठीक होती है। इस पानी से दूध बनने लगता है।
जीरा पानी से रक्त संचार ठीक होता है। शरीर में समान रूप से रक्त का संचार होता है, जिससे मांसपेशियों के विकास में भी मदद मिलती है। मांसपेशियों में लगी चोट भी इससे ठीक होती है।
जीरा पानी पीने से मेटाबोलिज्म ठीक होता है। इसकी वजह से वजन नहीं बढ़ता।
यह खून की कमी अनीमिया से भी बचाता है।
बुखार कम करने में भी जीरे का पानी सहायक है। इसे पीने से छोटा-मोटा बुखार तो ऐसे ही उतर जाता है।
जीरा पानी पीने से नींद अच्छी आती है। इसलिए अगर आपको नींद न आने की समस्या है तो रोजाना जीरे वाला पानी पीने की आदत डालें।

घरेलू उपायों से निखारें सुंदरता
खूबसूरती बढ़ाने के लिए महिलाएं आजकल तरह तरह के उपाय करती हैं और महंगे सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल करती हैं पर क्या आप जानती हैं खूबसूरती का खजाना आपके रसोईघर में ही उपलब्ध है। आपके घर में ऐसे कई खाद्य पदार्थ मौजूद होते हैं, जो हमारी सुंदरता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
प्रतिदिन चेहरे पर रुई के फाहे से कच्चा दूध लगाने पर चेहरे पर मौजूद ध्ब्बे हल्के हो जाते हैं। बाद में चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से साफ कर लें।आलू का रस निकालकर त्वचा पर लगाने से दाग-धब्बों से राहत मिलती है। आलू में मौजूद पोटैशियम सल्फर, फास्फोरस और कैल्शियम त्वचा की सफाई में मदद करता है।
कच्चे आलू को काटकर आंखों के नीचे प्रतिदिन थोड़ी देर मलने से आंखों के नीचे का
कालापन दूर होता है और त्वचा की रंगत भी निखरती है।शोधों से पता चला है कि आलू का रस बालों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में स्टार्च पाया जाता है, जिससे बालों में मौजूद अतिरिक्त तेल साफ हो जाता है। यही नहीं कच्चे आलू के रस से बालों को धोने पर बाल मजबूत होते हैं।
संतरा : चेहरे पर प्रतिदिन संतरे का ताजा रस लगाने से निखार आता है।
संतरे के छिलकों को थोड़े से पानी के साथ अच्छी तरह पीसकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने से मुहांसों की समस्या दूर होती है। अगर आपकी त्वचा रूखी है तो संतरा एक बेहतरीन मॉइश्चराइजर का काम करता है। एक चम्मच संतरे के रस में आधा चम्मच शहद और एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाकर करीब 15 मिनट के लिए छोड़ दें। बाद में साफ करें।
एक सेब लेकर उसे अच्छी तरह मसल लें। इसे चेहरे पर फेसपैक की तरह लगाएं। इससे त्वचा में निखार आता है। साथ ही कसावट भी आती है।
सेब की एक स्लाइस काटकर इसे दांतों पर मलने से दांतों में चमक आती है।
चेहरे पर ताजा अनानास
का रस लगाने से त्वचा में निखार आता है। बेहतर परिणाम के लिए इसे दिन में कई बार लगाएं।

इस प्रकार हटायें चेहरे से बाल
कुछ महिलाओं के चेहरे पर बाल काफी ज्यादा होते हैं। बाल कम हों तो उसे थ्रेड से निकाला जा सकता है लेकिन जब बाल बहुत अधिक हो तो वैक्स का इस्तेमाल करना पड़ता है। चेहरे के बालों को हटाने के लिए किसी भी तरीके को अपनाने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
यदि चेहरे के बाल ज्यादा लंबे हैं तो उसे वैक्सिंग से ही हटाना चाहिए। थ्रेड से दर्द भी ज्यादा होगा और बाल पूरी तरफ से हटेंगे भी नहीं।
चेहरे पर सही तरह के वैक्स का प्रयोग करना चाहिए। शरीर पर इस्तेमाल किए जाने वाले वैक्स से ये वैक्स थोड़ा स्मूद (नर्म) होना चाहिए।
शरीर से ज्यादा चेहरे पर वैक्स करने में दर्द होता है लेकिन यह दर्द कुछ समय के लिए ही रहता है।
सबकी त्वचा एक-दूसरे से अलग होती है। संवेदनशील त्वचा वाले वैक्सिंग से पहले किसी स्पेशलिस्ट की सलाह ले लें।
वैक्स करने के बाद चेहरा थोड़ी देर के लिए लाल हो सकता है पर इससे घबड़ाना नहीं चाहिए। वैक्स के बाद चेहरे पर अच्छा सा मॉइश्चराइजर लगाना चाहिए।

सुपर फूड्स से रहेंगी फिट
आजकल वजन घटाने सुपर फूड्स को बेहतर विकल्प माना जा रहा है। इस कारण यह पसंद किये जाने लगे हैं।
कई सुपर फूड्स ने धीरेधीरे किचन में जगह बना ली है। जाहिर सी बात है कि किचन के जरिए ये हमारे पेट में भी पहुंच रहे हैं। क्विनोआ के अलावा, चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स, वॉटरमेलन सीड्स, चगा मशरूम, नट ऑयल, मका, ल्यूकूमा, हेम्प सीड्स आदि। हममें से कुछ लोग इन सुपर फूड्स से परिचित हैं तो कुछ को इनके बारे में कुछ भी पता नहीं। फ्लैक्स सीड्स दादी-नानी के जमाने के अलसी के बीज हैं, जिन्हें अपने यहां के कुछ राज्यों में तिसी भी कहा जाता है। कुछ आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं तो कुछ विटामिन और प्रोटीन के। इस आधे बीत चुके साल में इंटरनेट फ्रेंडली हो चुकी जनता अपने खानपान की आदतों को लेकर भी प्रयोग करते रहते हैं।
चिया के बीज भी लोकप्रिय सुपर फूड्स की श्रेणी में शामिल हैं। वैसे तो ये स्वाद रहित होते हैं लेकिन जब इन्हें सही ढंग से पकाया जाता है तो ये आसानी से पच जाते हैं। एनर्जी बूस्टिंग पाउडर के तौर पर ये कमाल के हैं। हालिया शोध तो चिया के बीजों को टाइप 2 डायबिटीज खत्म करने के लिए कारगर मानते हैं। चिया मेक्सिको से आते हैं, जिसका अर्थ ताकत से है। चिया को रनर्स फूड भी कहा जाता है क्योंकि लंबी दौड़ में चिया का इस्तेमाल ऊर्जा स्रोत के तौर पर किया जाता है। कहा जाता है कि केवल एक चम्मच चिया उन्हें 24 घंटे तक ऊर्जावान बनाए रखने में कारगर है। एंटीऑक्सिडेंट, एंटी सन्फ्लेमेट्री, एंटी कैंसर गुण होने के कारण चिया के सेवन का प्रचलन अपने देश में भी बढ़ता जा रहा है। यह एक कंम्प्लीट प्रोटीन भी है क्योंकि इसमें नौ जरूरी अमिनो एसिड हैं। स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए आवश्यक 20 फीसद सॉल्युबल फाइबर और 80 फीसद इनसॉल्युबल फाइबर भी इसमें हैं। यह ब्लड शुगर के स्तर को बनाए रखता है, क्रेविंग को कम करता है और लंबे समय तक आपके पेट को भरा महसूस कराता है।
क्विनोआ पोषण का दोगुना पंच देता है क्योंकि इसमें फाइबर और प्रोटीन दोनों पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यह ग्लूटेन मुक्त होने के साथ पूर्ण प्रोटीन भी है। यह मूलत: एक बीज है, जिसे अनाज के तौर पर खाया जाता है। क्विनोआ तीन तरह के होते हैं- सफेद, लाल और काला। इसे अमूमन ऑर्गेनिक तौर पर ही उगाया जाता है। इसमें फ्लेवेनॉयड्स होता है, जो एंटीऑक्सिडेंट की तरह काम करता है। अन्य अनाजों की तुलना में क्विनोआ में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। क्विनोआ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स करीब 53 है, जो काफी कम है। शोध यह भी बताते हैं कि क्विनोआ मेटाबोलिक स्वास्थ्य को बढ़ाने में लाभदायक है। वजन कम करने की कोशिश में लगे लोगों के लिए क्विनोआ फायदेमंद है क्योंकि वजन कम करने के लिए हमें कम कैलोरी का सेवन करना चाहिए।
अलसी के बीज सालों से हमारे आस-पास ही हैं और एग्जॉटिक नहीं है, इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि यह हमारे संतुलित आहार के लिए पर्याप्त नहीं। सच तो यह है कि अलसी के बीज कमाल के होते हैं! यह न केवल कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर के स्तर को कम करता है बल्कि इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स का बड़ा भाग होता है। इसे लिग्नैन्स कहा जाता है, जिसमें कैंसर से लडऩे के गुण मौजूद हैं। साथ ही यह हार्मोन्स को भी संतुलित करने में मददगार हैं। यह सॉल्युबल और इनसॉल्युबल फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं, जिसका अर्थ है कि यह रोजाना की ऊर्जा और वजन कम करने में लाभदायक हैं। अलसी के बीजों की खासियत यह है कि ये किसी भी डिश में आसानी से घुल-मिल जाते हैं। चाहें तो इन्हें ओटमील पर छिड़क लीजिए या ग्रैनोला में या दही पर या अपने स्मूदी में मिला लीजिए।

 

इस प्रकार करें ब्यूटी प्रोडक्ट का बेहतर इस्तेमाल
खूबसूरती निखारने आप घरेलु नुस्खे भी आजमा सकती हैं। हमेशा महंगे उत्पाद खरीदने की जरुरत नहीं है। मस्कारा व आईलाइनर सूख जाए या फिर खत्म होने की स्थिति में हो तो उसे हल्के गर्म पानी में रखें या कॉन्टेक्ट लेंस सॉल्यूशन की कुछ बूंदे डालकर उनको आप एक बार फिर इस्तेमाल कर सकती हैं। मेकअप हटाने के लिए रिमूवर व क्लीजिंग मिल्क की जगह नारियल तेल , बेबी ऑयल या फिर दूध का उपयोग किया जा सकता है। फाउंडेशन वाला स्पंज अगर खराब हो गया है तो ब्रश से भी फाउंडेशन लगा सकती हैं। ब्रश से उसे फैलाएं, फिर टिश्यू पेपर को हल्का गीला करके उसको एक सार करें।
डार्क शेड के फाउंडेशन को अपनी स्किन टोन से मिलाने के लिए फाउंडेशन और मॉइश्चराइजर के साथ इसे मिलाएं।
लिप बाम बनाने के लिए बची हुए लिपस्टिक किसी स्टिक से निकाल लें फिर उसे माइक्रोवेव में मेल्ट कर लें। फिर उसे एक बाउल में निकाल लें। फिर इसे लिप बाम की तरह इस्तेमाल करें।
स्क्रब खत्म हो जाए तो नया स्क्रब खरीदने की जगह ब्राउन शुगर और शहद को आपस में मिला कर स्क्रब बनाएं।
गालों की ललिमा को बनाए रखने के लिए ब्लशऑन की जगह पिंक लिपस्टिक का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।अगर बॉक्स में ड्राई आईशैडो टूट गया है तो इसे जोडऩे के लिए उसमें एल्कोहल की कुछ बूंदें डालकर मिलाएं और उसी डिब्बी में जमा कर रखें।टूटे कॉम्पेक्ट को एक डिब्बी में एक साथ रख लें। फिर उसे इस्तेमाल करें।टूटी हुई लिपस्टिक को जोडऩे के लिए उसे थोड़ा गर्म करे या फिर हेयर ड्रायर चला कर टूटे हिस्सों को जोड़ दें।

घरेलू उपायों से निखारें खूबसूरती
खूबसूरती निखारने के लिए केवल महंगे क्रीम पाउडर और ब्यूटी पार्लर जाना ही जरुरी नहीं है। महिलाएं घर में उपलब्ध वस्तुओं से भी अपनी खूबसूरती बढ़ा सकती हैं। इसके लिए सारे सामान आपके रसोईघर में ही हैं। इन घरेलू जैविक उपायों का इस्तेमाल करना बेहद आसान है। इससे महिलाएं न केवल त्वचा, बल्कि बाल, हाथ, पांव और नाखून के सौंदर्य पर ध्यान देकर अपनी खूबसूरती बढ़ा सकती हैं।
बालों को मुलायम व रेश्मी बनाने :
सप्ताह में दो बार जैतून के तेल को गर्म करके इसे बालों तथा सिर पर मालिश करें। इसके बाद तौलिए को गर्म पानी में डुबोएं। पानी को निचोड़ने के बाद तौलिए को सिर पर पांच मिनट तक लपेट लें। इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं, इससे बालों तथा सिर पर तेल को सोखने में आसानी होती है।
अंडे का सफेद हिस्सा तैलीय बालों के लिए प्राकृतिक क्लीनजर का काम करता है। अंडे के सफेद हिस्से को बालों को शैम्पू करने से आधा घंटा पहला लगा लीजिए। बालों को पोषण प्रदान करने के लिए अंडे के योक से सिर की हल्की-हल्की मालिश कीजिए और इसे आध घंटा तक रहने दीजिए। बाद में बालों को स्वच्छ पानी से धो डालिए। इससे बाल मुलायम हो जाते हैं तथा बालों में रंग लगाने के दौरान सुलझाने में मदद मिलती और ज्यादा नुकसान भी नहीं होता।
यदि आपके बाल खुश्क पड़ गए हैं तो शैम्पू से पहले कंडीशनर कर लें। एक चम्मच सिरके को शहद में मिलाकर एक अंडे में मिला लीजिए। इस मिश्रण को अच्छी तरह फेंट लीजिए तथा सिर में लगा लें। बाद में सिर को गर्म तौलिए से 20 मिनट तक ढक कर रखिए। इसके बाद बालों को ताजे ठंडे पानी से धो डालिए। इससे आपके बाल चमकदार व सुंदर दिखेंगे।
बालों की चमक बढ़ाने के लिए शैम्पू के बाद चाय के पानी तथा नींबू से खंगाल लीजिए। प्रयोग में लाई जा चुकी चाय पत्ती को उबालकर चाय पानी बना लीजिए तथा इसे ठंडा करने के बाद इसमें नींबू जूस मिलाकर इसका उपयोग करें।
हाथ तथा पांवों को गर्म पानी में डुबोने के बाद क्रीम से मसाज कर लीजिए , ताकि त्वचा कोमल तथा मुलायम बन जाए। हाथों के सौंदर्य के लिए उन्हें चीनी तथा नींबू जूस से रगड़ लें।
तीन चम्मच गुलाब जल में एक चम्मच ग्लीसरीन तथा नींबू का रस मिला लीजिए। इसे हाथों तथा पांवों पर आध घंटा तक लगा रहने दीजिए, इसके बाद ताजे सादे पानी से धो डालिए।
हाथों तथा नाखूनों के सौंदर्य के लिए बादाम के तेल तथा शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर इसे नाखूनों पर लगायें। इसे 15 मिनट तक लगे रहने के बाद गीले तौलिए से साफ कर लीजिए।
चेहरे को साफ करने के लिए शहद को अंडे के सफेद पदार्थ में मिलाइए तथा इसे चेहरे पर 20 मिनट तक लगा रहने के बाद ताजे स्वच्छ पानी से धो डालिए जिनकी त्वचा अत्यधिक खुश्क है , वह आधा चम्मच शहद में बादाम तेल तथा ड्राई मिल्क पाऊडर मिला लें तथा इसका पेस्ट बनाकर इसे चेहरे पर लगा लें। इस पेस्ट को आधे घंटे तक चेहरे पर लगा रहने दें तथा बाद में पानी से धो डालें. चेहरे को धोने के बाद गुलाब जल में रुई लगाकर साफ कर लें। इससे आप का चेहरा खिलाखिला लगने के साथ ही प्राकृतिक निखार लगेगा।

इस प्रकार वापस आयेगा चेहरे का ग्लो
दिवाली में पटाखों से होने वाले प्रदूषण से स्वास्थ्य पर खराब असर तो पड़ता ही है साथ ही इससे चेहरे का ग्लो भी कम हो जाता है। वहीं दिवाली के समय हम अपने खाने पर भी नियंत्रण नहीं रख पाते। मीठे के साथ ही मसालेदार, तीखा, चटपटा खाना हमारी डाइट में शामिल हो जाता है। इससे चेहरे पर पिंपल हो जाते है। इन सब समस्याओं को दूर करने विटामिन ई युक्त क्रीम का प्रयोग करें।
रोजाना 8-10 ग्लास पानी पीना पीयें। इससे चेहरे की चमक बरकरार रहती है।
घर से बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना कभी ना भूलें। व्यायाम करना शुरू करें। इससे पसीना निकलता है और पसीने से शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है। मीठे पर नियंत्रण रखें। ज्यादा मीठा और तला खाना खाने से वजन बढ़ने का डर तो रहता ही है, साथ ही स्किन एलर्जी होने का भी खतरा रहता है।

सर्दियों में रखें त्वचा का ख्याल
सर्दियों में त्वचा को ज्यादा देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि इस दौरान हम पानी कम पीते हैं, जिससे त्वचा की नमी खो जाती है। ऐसे में इन सर्दियों में अगर आप अपनी त्वचा की चमक नहीं खोना नहीं चाहतीं तो दिन भर में पहले की तरह पानी पीतीं रहें। आमतौर पर होता यह है कि सर्दियों में प्यास कम लगती है। इसलिए लोग पानी भी कम पीते हैं। इस मौसम में त्वचा ड्राई होने की ये सबसे बड़ी वजह है। इसलिए प्यास लगे या न लगे पानी पीते रहें। दिन में कम से कम आठ से दस ग्लास पानी जरूर पीयें। इससे आपकी त्वचा खि‍ली-खिली रहेगी।
पोषक तत्वों की कमी या खानपान में कमी की वजह से भी त्वचा खराब होने लगती है। ऐसे में सर्दियों में कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा फल खाएं। इससे आपकी त्वचा पर चमक भी आएगी।
दूध और अदरख वाली चाय की जगह ग्रीन टी का सेवन करें । शुरुआत में यह आपको अच्छी न लगे पर एक बार अगर आपने पीना शुरू कर दिया तो आपको इसकी आदत भी हो जाएगी। ग्रीन टी के कई फायदे हैं। यह न केवल आपकी त्वचा को खूबसूरत रखेगी, बल्क‍ि आपको मोटापे के खतरे से भी बचाएगी। इससे किडनी की बीमारी की आशंका भी कम होती है।
खाने में टमाटर, बीन्स, अनार, नट्स जैसे कि काजू, अखरोट, बादाम आदि का अधिक प्रयोग करें।

बाल कलर करने से पहले रखें ध्यान
अगर आप स्टाइलिश दिखने के लिए बालों को कलर करने जा रही हैं तो अच्छा है पर इससे पहले कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखें। अगर आप ये मानती हैं कि एकबार बाल कलर करने के बाद कलर कई महीनों तक वैसा ही बना रहेगा तो ये आपकी भूल है। कलर करने के कुछ दिनों तक तो आपके बाल बहुत चमकेंगे पर हर वॉश के साथ कलर हल्का होता जाएगा। ऐसे में पहले से ही इस स्थिति के लिए तैयार रहें।
कलर कराने के बाद जब भी बाल वॉश करें कोशिश कीजिए ठंडे पानी का ही इस्तेमाल करें। इससे कलर जल्दी फीका नहीं पड़ेगा। कलर कराने के बाद जब भी बाल धोएं हल्के रंग की तौलिया और हल्के रंग के टॉप पहनने से परहेज करें। वरना तौलिए और टॉप पर रंग के धब्बे पड़ सकते हैं। कलर कराने के बाद बहुत जल्दी-जल्दी बाल मत धो‍एं। इससे बालों का कलर बहुत जल्दी फीका पड़ जाएगा। बाल कलर कराने के बाद हो सकता है कि आपको डैंड्रफ की समस्या हो जाए या फिर आपके बाल बाल दो-मुंहे हो जाएं। बाल कलर करने से पहले दस्ताने पहनना बिल्कुल न भूलें. वरना आपके हाथों में कलर लग जाएगा और इसे छुड़ाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी।

दिवाली में परंपरागत लुक में लगेंगी
दिवाली में इस बार आप परंपरागत लुक में खास नजर आयेंगी। इसके लिए कपड़ों के साथ ही परंपरागत ज्वैलरी पहनें।
अपनी व्यक्तिगत स्टाइल और तरीके के अनुसार तैयार होना आजकल फैशन में है और पारंपरिक आभूषण आजकल चलन में बने हुए आभूषणों के साथ संयोजन कर पहनने से आपको सबसे अलग अपना स्टाइलिश लुक पाने में सहायता मिलेगी।
इस त्योहार के सीजन में अलग अंदाज में नजर आने के लिए आप गले के लंबे हार के साथ एक कम लंबाई वाला हार और परंपरागत कड़े के साथ कफ्स या ब्रेसलेट पहन सकती हैं। आप ब्रेसलेट के साथ प्रयोग कर सकती हैं।आप स्नेक चेन ब्रेसलेट, बैंगल या लेदर ब्रेसलेट पहन सकती हैं। ये भारतीय और पश्चिमी परिधान दोनों के साथ खूब जमते हैं।

इस प्रकार नहीं फैलेगी लिपस्टिक
खूबसूरती बढ़ाने वाली लिपस्टिक जब फैल जाती है तो आपका लुक खराब कर देती है। लिपस्टिक के दाग दांतों पर लगने से आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। सावधानी रखने के बाद भी कभी-कभी लिपस्टिक लगाते समय वह हमारे दांतों पर लग ही जाती है। लिपस्टिक को दांतों से दूर रखना काफी कठिन काम है। इन उपायों से आप लिपस्टिक को दांतों से दूर रख सकते हैं।
मैट लिपस्टिक का प्रयोग करें। मैट लिपस्टिक इधर-उधर नहीं फैलती है। अगर आपके दांतों में लिपस्टिक लग जाती है तो आपके लिए अच्छा होगा कि आप क्रीम और सैटिन लिप कलर्स से दूर रहें। लिक्विड मैट लिपस्टिक का प्रयोग करें। मैट से भी अच्छा लिक्विड मैट होता है। इस लिपस्टिक में शाइन होता है और यह लंबे समय तक रहता है। उंगली से बाहर निकालें लिपस्टिक। दांतों में लिपस्टिक लग जाने के बाद मुंह में कोई भी उंगली डालें। इससे फैली हुई लिपस्टिक उंगली से बाहर आ जाती है।
लिप लाइनर का प्रयोग करें: लिप लाइनर लगाने से लिपस्टिक लाइन के बाहर नहीं जाती और दांत में भी नहीं फैलती।
टिश्यू का प्रयोग करें: दांतों पर लिपस्टिक जाने से रोकने के लिए होठों के बीच टिश्यू पेपर रखें। इससे दांतों पर लिपस्टिक का दाग नहीं लगता।
होठ को रगड़ लें: लिपस्टिक लगाने से पहले अपने होठों को अच्छी तरह से रगड़ लें। अगर होंठ चिकने नहीं है तो लिपस्टिक बह जाती है। लिप ब्रश का प्रयोग करें: लिप ब्रश से एकदम अच्छे से लिपस्टिक लगती है और दांत में दाग भी नहीं लगते।

शादी में जाने इस प्रकार करें तैयारी
शादी ब्याह का सीजन करीब है। ऐसे में सभी महिलाएं इस सीजन से पहले अपनी खूबसूरती निखारना चाहती हैं। वहीं चेहरे पर पिंपल व ऐक्नें आंखों के नीचे काले घेरे और झुरियां होने के कारण आप संशय में हैं कि इस खास मौके के लिए इतनी जल्दी कैसे तैयार हो पाएंगी या अगर आप बढ़ते वजन के कारण खुद को अलग दिखाने की चाहत पूरी न होनी से परेशान हैं तो
कुछ जरूरी बातों पर ध्यान दें। इससे अपनी समस्यें हल जो जाएंगी।
शादी के सीजन में महिलाएं अधिकतर चेहरे की मसाज और फेशियल कराने के लिए बहुत ज्यादा उत्सुक दिखाई देती हैं। उनके बीच एक आम धारणा रहती है कि ये सब कराने से उन्हें ऐंक्नों से राहत मिल जाएगी पर फेशियल और मसाज कराने से ऐक्नों की टेन्डेंसी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इसलिए मसाज और फेशियल से परहेज करें।
त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए सर्दी के मौसम में भी मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें। इससे चेहरे का ग्लो बना रहता है।
स्किन में साबुन ज्यादा न लगायें। इससे रुखापन आता है।
प्रतिदिन 2 लिटर पानी जरूर पिएं। यह त्वचा की ड्राइनेस और झुरियां दूर करता है।
धूप विटामिन डी का सबसे बड़ा स्रोत है। इसलिए सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच सनबाथ लेना बहुत लाभदायक है। किंतु इसके बाद धूप में जाने से परहेज करें।
ऐक्नों की समस्या होने पर लगभग 3 महीने पहले स्किन विशेषज्ञ से मिलें।
खानपान का हमारी त्वचा पर सीधा असर देखने को मिलता है। इसलिए त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए खीरा, गाजर, मूली और नींबू का इस्तेमाल करें। भूख के अनुसार ही समय पर भोजन करें।
खूबसूरती निखारने के लिए सुपर फूड, जैसे- बेरीज और एवोकैडो को अपने डायट में शामिल कर सकते हैं। विटामिन ई से भरपूर फूड लेने से त्वचा खूबसूरत बनेगी।
सलाद-फल खाएं और काफी मात्रा में पानी पीएं। इससे आपका वजन तो कम होगा ही, साथ ही त्वचा पर ग्लो भी आयेगा।
जंक फूड का सेवन न करें।
इसके अलावा योग और पर्याप्त नींद से भी ताजगी आयेगी।

बाहरी नहीं प्राकृतिक सुंदरता निखारना है जरुरी
सभी युवतियां अपनी बाहरी सुंदरता को लेकर बेहद सजग रहती हैं जो ठीक भी है पर इसके साथ ही प्राकृतिक सुंदरता पर भी ध्यान दें। बाहरी त्वचा को सुंदर बनाने के फेर में हम प्राकृतिक सुंदरता का अहसास नहीं कर सकते। अगर आप सचमुच उस प्राकृतिक सुंदरता को पाना चाहती हैं तो अपने अंदर की असली सुंदरता को पहचानें। अपनी जिंदगी में सभी चीजों के बीच संतुलन कायम करने का सफल प्रयास करें। इससे न केवल आप खुश रहेंगे बल्कि आप स्वस्थ भी महसूस करेंगे। इससे आपके अंदर की असली सुंदरता स्वयं निखरकर बाहर आ जाएगी और आप पहले से कहीं ज्यादा सुंदर दिखाई देंगी। इसे ऐसे हासिल करें।
तुलना न करें
जहां बात आती है अपने सुंदर दिखने की तो हम अक्सर दूसरे लोगों से अपनी तुलना करने लग जाते हैं जबकि यह सही नहीं है। अपनी सुंदरता को लेकर दूसरों से अपेक्षा पर निर्भर रहने की बजाय स्वयं उस आंतरिक सुंदरता का दिदार करें। आपकी सुंदरता को निहारने का सबसे पहला अधिकार आपका ही है। इसलिए अपने अंदर की सुंदरता को पहचानें और उससे प्यार करें। आपका खुद के साथ संतुष्ट होना बहुत आवश्यक है क्योंकि इससे आप स्वयं का बहुत ज्यादा ध्यान रखना शुरू कर देंगी।
इसके अलावा खुद को पसंद करना एक महिला के लिए इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इसके माध्यम से वह अपने अंदर छुपी एक ऐसी नारी की पहचान कर लेती है जो पुरूषों को आकर्षित करने का प्रयास नहीं करती, बल्कि असली वास्तविकता से जुडी़ है। यह बिल्कुल मायने नहीं रखता कि कोई पुरूष आपको पसंद करे या न करें। स्वयं के अंदर असली रूप में मौजूद सुंदरता से प्यार करें क्योंकि इससे होने वाली अंदरूनी खुशी के कारण बाहरी सुंदरता भी अपने आप खिल उठती है।
नारीत्व गुण कायम रखें
अक्सर पुरूष उन्हीं महिलाओं को ज्यादा देखना पसंद करते हैं जो
नारीत्व गुण से जुड़ी हुई हैं। जिस नारी के अंदर नारीत्व गुण बना हुआ है, वह आज भी बहुत ज्यादा सुंदर दिखाई देती है। क्योंकि नारीत्व गुण खत्म नहीं हुआ है, यह आज भी मौजूद है। माना कि इसमें त्याग है, सहनशीलता है लेकिन यह बहुत ज्यादा मजबूत है। सबसे ज्यादा आकर्षित होता है एक औरत का उत्साह जिसके बल पर वह अपने को मजबूत महसूस करती है। आप जितना ज्यादा अपनी नारी शक्ति का समर्थन करती है यह उतनी ही ज्यादा आपको मजबूती प्रदान करती है।

ऐसे रख सकतीं हैं आप गर्दन को सुंदर और स्वच्छ
सुंदर दिखने की चाह आखिर किसे नहीं होती, लेकिन सुंदरता को तराशना हर किसी के हाथ में नहीं होता है। ऐसे में आप यदि अपनी गर्दन को सुंदर और स्वच्छ बनाने की सोच रहीं हैं तो यहां आपके लिए कुछ टिप्स पेश हैं। ऐसे में आपको विचार करना होगा कि कहीं आप उनमें शामिल तो नहीं जो चेहरा साफ और सुंदर तो कर लेती हैं लेकिन अपनी गर्दन की अक्‍सर अनदेखी करती हैं। आप जान लें कि चेहरे की सुंदरता में गर्दन की भी मुख्य भूमिका होती है। गर्दन की त्‍वचा कोमल और संवदेनशील होती है, इसलिए इसकी देखरेख भी खास ही होनी चाहिए। सोचें जब आप स्नान करती हैं तो क्या आप अपनी गर्दन को भी शरीर की सफाई करते समय साफ रखने का ध्यान देती हैं, तो आप पाएंगी कि ऐसा नहीं होता है। यही कारण है कि धूल-मिटटी के साथ ही साथ मेल की परत गर्दन पर जमने लगती है, इस कारण गर्दन का रंग काला हो जाता है। इसके अलावा सूर्य की किरणों से भी गर्दन का रंग काला पड़ता है। तेज गर्मी के दिनों में हमारी त्वचा सूरज के संपर्क में आती है और झुलस जाती है, जिससे त्वचा काली और खुरदुरी हो जाती है। ऐसे में कुछ उपाय हैं जो आपकी गर्दन को सुंदर और साफ रख सकते हैं। सबसे पहले स्‍टीमिंग के लिए आप एक छोटा तौलिया लेकर उसे गर्म पानी में डीप करें। फिर तौलिये को निचोड़कर उसे गर्दन पर लपेट लें। करीब पांच मिनट तक तौलिये को गर्दन पर लपेटे रहें। इससे त्वचा में नमी आती है और गंदगी भी फूलकर बाहर आने लगती है। इसके साथ ही मृत त्वचा भी बाहर निकल आती है। इसके बाद एक्‍सफोलीएटिंग करें। इसके लिए एक छोटा चम्मच नमक, एक चम्‍मच बेकिंग सोडा और तीन चम्‍मच नारियल तेल लेकर उसे एक बाउल में मिला लें। इस लेप को गर्दन में लगाएं लेकिन ध्‍यान रहें कि नमक और बेकिंग सोडा तेल में घुलता नहीं है इसलिए आहिस्ता-आहिस्ता ही इसे पूरा करें। इसके बाद पांच मिनट के लिए अपनी उंगलियों से गर्दन के आस-पास धीरे से मसाज और एक्‍सफोलिएट करें। इससे गर्दन की त्‍वचा से गंदगी और मृत कोशिकाएं हट जाएंगी। इसके बाद वाइटनिंग पेस्‍ट का भी इस्तेमाल किया जा सकता है जो कि एक चम्‍मच चंदन पाउडर, एक चम्‍मच मुलतानी मिट्टी, एक नींबू का रस और आधा कप कच्‍चे दूध को मिलाकर बनाया जा सकता है। इस पेस्‍ट को गर्दन पर लगाने के बाद करीब दस मिनट तक छोड़ दें। ऐसा करना प्राकृतिक ब्‍लीच की तरह काम करता है और गर्दन की त्‍वचा को निखारने में मदद करता है। इन उपायों के बाद आप देखेंगी कि आपकी गर्दन साफ और चमकदार हो गई है।

स्ट्रेच मार्क्स से छुटकारा पाने करें घरेलू उपाय
महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान शरीर में खिंचाव व खुजली होना आम बात है। इससे पेट पर स्ट्रेच मार्क्स आ जाते हैं जो अच्छे नहीं लगाते। पेट के अलावा भी यह शरीर के विभिन्‍न हिस्‍सों पर हो सकते हैं, विशेषकर पेट, जांघ, हिप्‍स ब्रेस्‍ट, हाथ और पीठ पर इसका कारण अचानक वजन बढ़ना या फिर गर्भ होना हो सकता है। दरअसल इस दौरान त्वचा खिचने लगती है। इस दौरान होने वाली खुजली के कारण भी स्‍ट्रेच मार्क्‍स हो जाते हैं। बार-बार खुजलाने से त्वचा पर सफेद लकीरें पड़ने लगती है और यह काफी ढीली-सी हो ताजी है, जो देखने में बेहद खराब भी लगती हैं। जरूरत से ज्‍यादा एक्‍सरसाइज जैसे वेट लिफ्टिंग करने से भी स्‍ट्रेच माक्‍स्र आ जाते हैं। इन्हें दूर करने ये घरेलू तरीके अपनायें।
नीबू का रस निकलाकर इन्‍हें स्‍ट्रेच मार्क्‍स पर लगाएं। आलू या फिर टमाटर को काट लें अब इसका एक टुकड़ा अपने स्‍ट्रेच मार्क्‍स पर लगाएं इसें लगभग एक हफ्ते तक ट्राई करें। मार्क्‍स गायब होने लगेंगे1
इसमें एलोवेरा बेहद कारगर रहता है। इसे लगाने के लिए इसका जैल निकाल लें। अब इसे रात को अपने स्‍ट्रेच मार्क्‍स पर लगभग 30 मिनट के लिए लगाकर रखें। बाद में ठंडे पानी से इसे धो लें। फायदा होगा।
अंडा भी आपको स्‍ट्रेच मार्क्‍स से राहत दिला सकता है। अंडे के बाहरी हिस्‍से में मौजूद प्रोटीन स्ट्रेच मार्क्स हटाने में काफी कारगर होता है। इसके लिए 2 अंडे तोड़कर उसका सफ़ेद पार्ट अलग कर लें। अब इसे स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं‌। जब यह सूख जाए तो इसे धो लें। खाने में विटामिन-सी की मात्रा बढ़ाने से भी स्ट्रेच मार्क्स को कम किया जा सकता है।

आधुनिक जीवनशैली की देन है अवसाद
अवसाद (डिप्रेशन) एक मानसिक समस्या होती है, जो आजकल की लाइफस्टाइल की वजह से तेजी से लोगों को अपना शिकार बनाती जा रही है। तनाव या अवसाद के कई कारण हो सकते हैं। इनके कारणों के आधार पर इनके तमाम इलाज भी ढूंढे जाते हैं। अवसाद एक मानसिक समस्या होती है, जो आजकल की लाइफस्टाइल की वजह से तेजी से लोगों को अपना शिकार बनाती जा रही है। लोगों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा, अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष, किसी तरह का मानसिक आघात या फिर रिश्तों में किसी भी प्रकार का मनमुटाव, इनमें से कुछ भी अवसाद का कारण हो सकता है। हाल ही में हुए एक शोध में तनाव के एक और कारण की खोज की गई है। इस शोध में यह दावा किया गया है कि इम्यून (रोग प्रतिरोधी ) प्रणाली में गड़बड़ी की वजह से भी अवसाद की समस्या हो सकती है। इस तरह के अवसाद को एंटी-इन्फ्लेमेट्री यानी कि सूजनरोधी दवाओं के इस्तेमाल से सही किया जा सकता है।
अवसाद के इलाज के लिए फिलहाल जिन तरीकों का प्रयोग किया जाता है उनमें दिमाग में मूड-बूस्टर रसायनों तथा सेरोटोनिन की मात्रा को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाता है। शोधकारों ने अपने अध्ययन में यह पाया है कि इम्यून सिस्टम के ज्यादा क्रियाशील होने से सारे शरीर में सूजन, निराशा की भावना तथा थकान के लक्षण प्रदर्शित होते हैं। हाल के अध्ययनों से यह बात साफ हुई है कि सूजन का इलाज डिप्रेशन का भी इलाज है। रिसर्चर्स का कहना है कि यह बात स्पष्ट रूप से सही है कि सूजन या फिर जलन की वजह से अवसाद हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि सूजन और अवसाद के बीच गहरा संबंध होता है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि सूजनरोधी दवाओं के इस्तेमाल से डिप्रेशन के दूर होने के दावों का मेडिकल परीक्षण अगले साल से शुरू हो जाएगा। ऐसे में यह बात पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी कि इन दवाओं के इस्तेमाल से अवसाद का इलाज किया जा सकेगा या नहीं।

लिपस्टिक है मेकअप का अहम हिस्सा
लिपस्टिक महिलाओं की मेकअप किट का एक बेहद अहम हिस्सा है। इससे चेहरे पर एक अलग ही निखार आ जाता है.
अगर आप त्योहारों पर अपने लुक के साथ एक्सपेरिमेंट करना चाहती हैं तो ऑरेंज, ब्लैक और पर्पल रंग के लिपस्टिक का चुनाव कर सकती हैं। सुर्ख लाल रंग के लिपस्टिक हर अवसर पर इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं, इस रंग का दौर हमेशा बरकरार रहता है।
ऑरेंज रंग की लिपस्टिक या इससे मिलते-जुलते शेड्स इस सीजन में छाए हुए हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह हर ड्रेस और गोरी या सांवली हर महिला पर जंचता है। ब्राउन रंग की लिपस्टिक चमकते लुक के ऊपर खूब जंचते हैं। कम मेकअप के साथ इसे लगाने से यह आपके लुक को अलग अंदाज देगा। पर्पल रंग की लिपस्टिक से होठों को सजा आप इसके साथ मैंचिंग रंग के कपड़े या मिक्स रंग के कपड़े भी पहन सकती हैं। साथ ही इसी रंग का चमकीला आईलाइनर लगाना ना भूलें। यह आपको बोल्ड लुक देगा।काले रंग के लिपस्टिक शेड आजकल लड़कियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। शाम की पार्टी में आप इसे लगाएं. यकीनन आप भीड़ से अलग नजर आएंगी।

खूबसूरती बढ़ाने करें ये घरेलू उपाय
खूबसूरती बढ़ाने के लिए महिलाएं तरह तरह के उपाय करती हैं और महंगे सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल करती हैं पर क्या आप जानती हैं खूबसूरती का खजाना आपके रसोईघर में ही उपलब्ध है। आपके घर में ऐसे ढ़ेर सारे खाद्य पदार्थ मौजूद होते हैं, जो हमारी सुंदरता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
दूध : प्रतिदिन चेहरे पर रुई के फाहे से कच्चा दूध लगाने पर चेहरे पर मौजूद ध्ब्बे हल्के हो जाते हैं। बाद में चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से साफ कर लें।
आलू कच्चे : आलू का रस निकालकर त्वचा पर लगाने से दाग-धब्बों से राहत मिलती है। आलू में मौजूद पोटैशियम सल्फर, फास्फोरस और कैल्शियम त्वचा की सफाई में मदद करता है।
कच्चे आलू को काटकर आंखों के नीचे प्रतिदिन थोड़ी देर मलने से आंखों के नीचे का
कालापन दूर होता है और त्वचा की रंगत भी निखरती है।
शोधों से पता चला है कि आलू का रस बालों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में स्टार्च पाया जाता है, जिससे बालों में मौजूद अतिरिक्त तेल साफ हो जाता है। यही नहीं कच्चे आलू के रस से बालों को धोने पर बाल मजबूत होते हैं।
संतरा : चेहरे पर प्रतिदिन संतरे का ताजा रस लगाने से निखार आता है।
संतरे के छिलकों को थोड़े से पानी के साथ अच्छी तरह पीसकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने से मुहांसों की समस्या दूर होती है। अगर आपकी त्वचा रूखी है तो संतरा एक बेहतरीन मॉइश्चराइजर का काम करता है। एक चम्मच संतरे के रस में आधा चम्मच शहद और एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाकर करीब 15 मिनट के लिए छोड़ दें। बाद में साफ करें।
सेब
एक सेब लेकर उसे अच्छी तरह मसल लें। इसे चेहरे पर फेसपैक की तरह लगाएं। इससे त्वचा में निखार आता है। साथ ही कसावट भी आती है।
सेब की एक स्लाइस काटकर इसे दांतों पर मलने से दांतों में चमक आती है।
अनानास
चेहरे पर ताजा अनानास
का रस लगाने से त्वचा में निखार आता है। बेहतर परिणाम के लिए इसे दिन में कई बार लगाएं।


अगर आप आंखों में लेंस लगाती हैं और इस डर से कि कहीं आंखों को नुकसान न पहुंचे आप आंखों पर मेकअप नहीं लगा पाती हैं तो हम यहां आपके लिए ऐसे टिप्स लेकर आए हैं, जो आपकी यह मुश्क‍िल हल कर सकते हैं।
हाथ साफ रखें
आंखों के साथ कुछ भी करने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह धोना और सुखाना न भूलें ताकि लेंस पर दाग न पड़े।
अंदर की तरफ मेकअप न करें
कई बार हम लोग आंखों के अंदर की तरफ काजल लगा लेते हैं। अगर आप लेंस लगाती हैं तो ऐसा करने से बचें. क्योंकि इसकी वजह से ही आंखों में जलन हो सकती है।
मस्कारा चुनें सावधानी से
मस्कारा लगाने का अगर शौक है तो उसे सावधानी से चुनें क्योंकि यह आंखों में संक्रमण का कारण बन सकता है। खासतौर से फाइबर मस्कारा न लगाएं।
ऑयल फ्री प्रोडक्ट इस्तेमाल करें
हमेशा ऑयल फ्री क्रीम या मॉइस्चराइजर ही लगाएं क्योंकि क्रीम से निकलने वाला तैलीय पदार्थ को लेंस अवसोष‍ित कर सकता है हालांकि इसकी वजह से आपकी आंखों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा, पर इससे लेंस गंदा हो जाएगा और धुंधला दिखने लगेगा।

गर्भावस्था के बाद बजन घटाने करें जीरे के पानी का सेवन
भारतीय मसाले न केवल अपने स्वाद के लिए, बल्क‍ि स्वास्थ्यवर्धक गुणों के कारण पूरी दुनिया में मशहूर हैं। तड़के लगाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला जीरा भी इसमें शामिल है। आयुर्वेदिक डॉक्टरों और विशेषज्ञों की मानें तो जीरा में कुछ ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जिससे दिल से संबंधित बीमारियों का खतरा कम होता है और गर्भावस्था के बाद इसे पीने से कई फायदे होते हैं।
बॉडी कॉलेस्ट्रॉल और बीपी ठीक करता है। इससे दिल की बीमारी का खतरा कम होता है।
शरीर में ग्लूकोज का स्तर ठीक रहता है, डायबिटीज का खतरा भी कम होता है।
डिलीवरी के बाद जीरे वाला पानी वजन घटाने में मददगार होता है।
कहते हैं गर्भावस्था के बाद जीरा पानी पीने से जिन मांओं को दूध न बनने की समस्या होती है, वह खत्म हो जाती है. जीरा वाला पानी पीने से दूध बनने लगता है।
जीरा पानी से रक्त संचार ठीक होता है. शरीर में समान रूप से रक्त का संचार होता है, जिससे मांसपेशियों के विकास में भी मदद मिलती है। मांसपेशियों में लगी चोट भी इससे ठीक होती है.
जीरा पानी पीने से मेटाबोलिज्म ठीक होता है. इसकी वजह से वजन नहीं बढ़ता।
जीरा पानी खून की कमी यानी कि अनीमिया से भी बचाता है।
बुखार कम करने में भी जीरे का पानी कारगर है। इसे पीने से छोटा-मोटा बुखार तो ऐसे ही उतर जाता है।
जीरा पानी पीने से नींद अच्छी आती है। इसलिए अगर आपको नींद न आने की समस्या है तो रोजाना जीरे वाला पानी पीने की आदत डालें।

पायल पहनने के हैं कई फायदे
भारत में पायल पहनना महिलाओं की खूबसूरती बढ़ाने के अलावा सौभाग्यशानी भी माना जाता है। वास्तुशास्त्र के हिसाब से देखा जाये तो महिलाओं के पैरों में पायल पहनने से घर की नकारत्मक शक्तियां दूर हो जाती है। इसके अलावा पायल पहनना महिलाओं के स्वास्थय के साथ-साथ घर को भी बहुत फायदे होते है।
खूबसूरती बढ़ाए
पायल पहनने से पैरों की खुबसूरती भी बढ़ जाती है। इसके अलावा पायल की आवाज से पुरुष आपकी ओर आकर्षत होते है। अगर आप भी अपने पार्टनर को अपनी तरह आकर्षत करना चाहती है तो आज से ही पायल पहनना शुरु कर दें।
पार्टनर के लिए फायदेमंद
आपके पायल पहनने से जब आप अपने कमरे की तरफ जाएगी तो आपके पार्टनर पहले ही सर्तक हो जाएगा। आपकी पायल की आवाज सुनकर आपका पार्टनर खुद को असहज होने वाली स्थिति से बचा लेते है।
रिश्ते में बढ़ता है प्यार
महिलाओं के पायल पहनने से पार्टनर के बीच की नकारात्मका दूर हो जाती है। इससे आपके और पार्टनर के बीच प्यार बढ़ता है। इससे अलावा महिलाओं के पायल पहनने से घर का माहौल भी ठीक रहता है।
हड्डियां होती हैं मजबूत
अच्छे स्वास्थय के लिए पायल पहनना बहुत ही फायदेमंद होता है। पायल आमतौर पर चांदी की होती है और ऐसे में इसको पहनने से हड्डियां मजबूत होती है। पायल के धातु के तत्व त्वचा के द्धारा शरीर के अंदर जाकर हड्डियों को मजबूत करते है।
शरीर का तापमान
पायल से शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है।

गर्भाव्स्था में रखें खानपान में संयम
गर्भाव्स्था के दौरान खानपान का खास ख्याल रखना पड़ता है। मां के खाने से गर्भ में पल रहा बच्चा सीधे तौर पर प्रभावित होता है, इसलिए डॉक्टर्स खानपान में संयम बरतने की सलाह देते हैं।
कच्चा पपीता : इसमें मिनरल्स, कैल्श‍ियम, फाइबर, फ्लेवोनॉइड और कैरोटेनॉयड होता है। यह कोलोन कैंसर से बचाता है पर फिर भी प्रेग्नेंसी में इसे खाने से मना किया जाता है क्योंकि गर्भाव्स्था में पपीता खाने से मिसकैरिज यानी गर्भपात का खतरा रहता है दरअसल, पपीता उन महिलाओं को खाने की सलाह दी जाती है जिनका पीरियड्स समय पर नहीं होता पपीता में लेटेक्स होता है जो यूटेराइन कॉनट्रैक्शन शुरू कर देता है. इसकी वजह से गर्भाव्स्था में समय से पहले ही लेबर पेन शुरू हो सकता है और गर्भपात हो सकता है।
ज्यादा नमक : गर्भाव्स्था के दौरान जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन ना करें हालांकि सामान्य तौर पर भी डॉक्टर्स कम नमक खाने की सलाह देते हैं। इससे दिल की बीमारियों का खरा बढ़ जाता है लेकिन गर्भाव्स्था में न केवल ब्लड प्रेशर बढ़ता है, बल्क‍ि चेहरा, हाथ, पैर आदि में सूजन आ सकता है।

चाइनीज फूड : इसमें एमएसजी होता है। यानी मोनो सोडियम गूलामेट, जो बच्चे के विकास के लिए हानिकारक है और इसके चलते काई बार जन्म के बाद भी बच्चे में डिफेक्ट्स दिख सकते हैं। इसमें मौजूद सोया सॉस में नमक की भारी मात्रा होती है, जो हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती है।
कच्चा अंडा : गर्भाव्स्था के दौरान कच्चा अंडा न खाने की सलाह दी जाती है। दरअसल, अंडे में सालमोनेला बैक्टीरियम होता है, जिसके कारण फूड प्वॉयजनिंग हो सकता है। गर्भाव्स्था के दौरान महिलाओं की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए इस बैक्टीरिया के कारण वो फूड प्वॉयजनिंग की शिकार हो सकती हैं। यहां तक कि सालमोनेला बैक्टीरियम गर्भ में पल रहे बच्चे को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। गर्भवती महिला को इससे उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, सिर में दर्द, बुखार आदि हो सकता है.
आर्टिफिशियल स्वीटनर व फ्रोजेन फूड : पोषक तत्वों के मामले में फ्रोजेन फूड बिल्कुल ठीक नहीं होते। इसमें विटामिन सी, विटामिन बी1, बी2 और विटामिन ए नहीं होते. फलों और सब्ज‍ियों को ताजा खाया जाए तो ही अच्छा होता है. ये बात भी मायने रखती है कि फ्रोजेन फूड को किस तरह से रखा गया है। गर्भाव्स्था में यह फूड प्वॉयजनिंग की वजह भी बन सकता है।

इस प्रकार आइब्रो बनायें आकर्षक
चेहरे की खूबसूरती में आंखें सबसे अहम भूमिका निभाती है और आंखों का खास आकर्षण है आइब्रो (भौहें)। कुछ लड़कियों के आइब्रो बेहद पतले होते हैं, जो मेकअप करने के बाद भी आकर्षक नहीं दिखाई देते। इसके लिए उन्हे आइब्रो पैंसिल का इस्तेमाल करना पड़ता है। फैशन के हिसाब से देखें तो आजकल मोटी भौहों का भी खूब ट्रैंड है। कई बार जल्दी में कहीं जाना है और पैंसिल करने का समय नहीं है, इसके लिए आप पहले से ही घरेलू तरीके अपनाने शुरू करदें। जिससे पतले आइब्रो घने हो जाएंगे।
आईब्रो को घना बनाने के लिए उपाय
आप सस्ते और आसान उपायों से आइब्रो को घना बना सकते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा समय भी खराब नहीं करना पड़ेगा। बस दिन में 5 मिनट इनमें से कोई एक उपाय करके आइब्रो काले और घने बना सकती है।
गुनगुना पानी
हर रोज दिन में 2 बार गुनगुने पानी को रूई के सहायता से आइब्रो पर लगाएं। इसके बाद हल्के हाथों से आइब्रो की मसाज करें। इससे त्वचा में रक्त संचार बढ़ना शुरू हो जाता है। जो बालों की ग्रोथ तेजी से करने का काम करता है।
जैतून का तेल : काले और घने आइब्रो पाने की चाहत रखते हैं तो हर रोज रात को सोने से पहले जैतून के तेल से मसाज करें। इससे फायदा मिलेगा।
अंड़े की जर्दी : अंड़े की जर्दी में सिलेनियम पाया जात है जो आइब्रो को घना बनाने में मदद करता हैष हफ्ते में 2 बार भौहों पर अंड़े की जर्दी लगाएं।
एलोवीरा : रात को सोने से पहले एलोवीरा जैल को रोजाना आइब्रो पर लगाएं। इससे आइब्रो जल्दी काले और घने होने शुरू हो जाएंगे।
कच्चा दूध : दिन में कम से कम 1 बार रूई की सहायता से कच्चा दूध आइब्रो पर जरूर लगाएं। इससे बाल नैचुरल तरीके से काले भी होने शुरू हो जाते हैं।
नारियल का तेल और नींबू : कप नारियल के तेल में 2 चम्मच नींबू के छिलके डालकर पेस्ट तैयार कर लें। इसे किसी डिब्बी में भर कर रख लें। हर रोज रात के समय इस तेल को आइब्रो पर लगाएं।

मीनोपोज के बाद फिट रहने खानपान में करें बदलाव
मीनोपोज ( माहवारी) बंद होने के बाद बढ़ने वाला बैली फैट कई महिलाओं के लिए एक बड़ी समस्या है। ये कोई साधारण फैट नहीं है, जो डाइटिंग और योगा से कम हो जाए! इसलिए इसे जिद्दी फैट भी कहा जाता है। शोधकर्ताओं ने इस वजह को ढूंढ निकाला है कि आखिर मीनोपोज के बाद मोटापा क्यों बढ़ता है? शोधकर्ताओं के मुताबिक, मीनोपोज के बाद एस्ट्रोजन लेवल कम होने से हिप्स और थाईंज का फैट लोअर-एब्डॉमन में चला जाता है लेकिन डाइट में बदलाव करके आप शरीर का एक्सट्रा फैट घटा सकते हैं।
मीनोपोज के बाद के मोटापे को यूं घटाएं
आमतौर पर महिलाएं बेली फैट कम करने के चक्कर में हेल्दी फैट का सेवन करना भी छोड़ देती हैं जो कि गलत है। क्या आप जानते हैं कुछ फैट ऐसे भी होते हैं जिनका सेवन बैली फैट घटाने में मदद कर सकता है। जैसे एवोकैडो, ऑलिव्स, सैल्मन मछली और कोकोनट ऑयल। अध्ययन से पता चला है कि एक महीने के लिए हर सप्ताह तीन बार 28 ग्राम साल्मन मछली खाने से लगभग एक किलो से अधिक वजन घटाया जा सकता है। ऐप्पल साइडर विनेगर (सिरका) आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है। सिरका में शामिल एसिडिक एसिड प्रोटीन वजन कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही ग्रीन स्मूदी भी आपका बैली फैट घटाने में मददगार हो सकती है।

शहद और नारियल से निखरेगी खूबसूरती
खूबसूरत दिखना हर महिला की चाहत होती है। इसके लिए वह तमाम तरह के उपाय आजमाती रहती हैं। कई तरह के कास्मेटिक्स का इस्तेमाल कर सुंदरता बढ़ाने की कोशिशें की जाती हैं। आज के दौर में मेकअप के लिए कई तरह के क्रीम्स, फेस पैक आदि का प्रयोग किया जाने लगा है। प्राचीन काल में इन सुविधाओं के अभाव में लोग प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल ब्यूटी टिप्स के तौर पर किया करते थे। उस दौर में प्रयोग में लाए जाने वाले ब्यूटी ट्रीटमेंट्स आज के तमाम कृत्रिम सौंदर्य प्रसाधनों से ज्यादा बेहतर परिणाम देने वाले थे और इनकी सबसे खास बात यह होती थी कि इनकी वजह से आपके चेहरे पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता था। आज हम आपको ऐसे ही कुछ प्राकृतिक ब्यूटी ट्रीटमेंट्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल कर आप नेचुरल और स्थायी खूबसूरती पा सकती हैं।
नारियल तेल – आजकल नारियल के तेल के उपयोग का परिक्षेत्र काफी बढ़ गया है। खाने-पीने की तमाम चीजों से लेकर रेगुलर ब्यूटी ट्रीटमेंट तक में इसका खूब उपयोग किया जा रहा है। नारियल के तेल का प्रयोग बालों को लंबे, घने और सुंदर बनाने के लिए किया जाता है। इसके लिए आप नारियल तेल को हल्का गर्म करके अपने सिर की त्वचा तथा बालों में लगाकर 8-12 घंटे बाद बाल धो लें।
शहद – शहद का उपयोग चेहरे को बेदाग और चमकदार रखने के लिए किया जाता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह बालों और चेहरे दोनों को खूबसूरत बनाने के लिए प्रयोग में लाए जाते हैं। चेहरे पर से मुहांसे हटाने के लिए शहद का प्रयोग काफी लाभकारी है। कच्चे शहद की एक बूंद मुहांसों पर लगाकर 10-15 मिनट तक यूं ही रहने दें। फिर गर्म पानी से धोकर सूखे कपड़े से पोछ लें। बेजान बालों से छुटकारा पाने के लिए 2-3 चम्मच नारियल तेल में 1-2 चम्मच कच्चा शहद मिलाकर बालों में लगा लें और 15-20 मिनट तक यूं ही रहने दें।
हल्दी – भारतीय परंपरा में शादियों से पहले हल्दी की रस्म निभाई जाती है। इसमें दुल्हन की त्वचा पर हल्दी का उबटन लगाया जाता है। हल्दी में चेहरे को माश्चराइज करने तथा उसे चमकदार बनाने का अद्भुत गुण होता है। आधा चम्मच हल्दी, 2 चम्मच चने का आटा, 1 चम्मच नारियल का तेल और थोड़ा गुलाबजल एक साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट तक के लिए छोड़ दें। बाद में गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।

इस प्रकार आप रहेंगी स्वस्थ
महिलाओं को ऐसी बहुत सी समस्याएं होती है जिसका सही समय पर इलाज न होने पर वो किसी बड़ी बीमारी का रुप ले लेती है। इसलिए उन्हें शुरुआत से ही सावधान रहना चाहिये। वैसे तो लहसुन का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जाता है लेकिन इससे महिलाओं की कई तरह की समस्याएं दूर हो सकती है। रोजाना केवल एक लहसुन का सेवन करने से आप कई तरह बीमारियों से छुटकारा पा सकती हैं। इसके लिए आपको दवाइयों का सहारा भी नहीं लेना पड़ेगा। एक आम समस्या कब्ज की है जो महिलाएं किसी से कह नहीं पातीं।
जिसके कारण उनकी ये समस्यां किसी बड़ी बीमारी का रुप ले लेती है। इसके लिए रोजाना एक लहसुन की कली को शहद में मिला कर खाने से शरीर के विषाक्त पदार्थों बाहर निकल जाएंगे और आपकी कब्ज की समस्या दूर हो जाएगी।
पैरों की झनझनाहट
पैरों में झनझनाहट होने पर आप इसे छोटी सी बात समझ कर अनदेखा कर देते है। लहसुन में मौजुद प्रोटीन, वसा, कार्बोज, खनिज पदार्थ नसों की झनझनाहट की समस्यां दूर हो जाती है। रोजाना एक लहसुन की कली खाने से बार-बार पैरों में झनझनाहट होनी बंद हो जाएगी।
आज के समय में ब्लड प्रैशर की समस्यां ज्यादातर महिलाओं में देखने को मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार हाई बल्ड प्रैशर होने पर खाली पेट लहसुन का सेवन करने से इस समस्यां से छुटकरा पाया जा सकता है। ये ब्लड सर्कुलेशल को बढ़ने से रोकता है। इसके अलावा लहसुन खाना दिल के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है।
इम्युन सिस्टम मजबूत
शरीर की ज्यादातर बीमारियां इम्यून सिस्टम के कमजोर होने पर होती है। रोजाना खाली पेट एक लहसुन का पेस्ट बनाकर नींबू और शहद मिला कर खाने से इम्यून सिस्टम तो ठीक रहता ही है साथ ही इससे कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल में होता है। लहसुन इन दोनों को बेहतर बनाकर शरीर से बीमारियों को दूर रखता है।

इस तरह आप हर उम्र में दिखेंगी सुंदर
एक समय था जब महिलाओं के लिए शादी के कुछ साल बाद तक ही सुंदर दिखना जरूरी समझा जाता था। लेकिन सौंदर्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और बाजार के तेजी से विकास ने इस धारणा को बदल दिया है कि महिलाएं उम्र के एक खास मोड़ तक ही खुद को सुंदर बनाए रख सकती हैं। नई धारणा यह कहती है कि आप हर उम्र में सुंदर दिख सकती हैं। बस जरूरत है तो केवल खुद पर अधिक ध्यान देने की।
किशोरियों के लिए
यह लड़कियों की ऐसी उम्र होती है, जब बाहर की दुनिया में लड़कियों को अपने होने का अहसास होता है। यही वह उम्र भी है जब लड़कियों में शारीरिक बदलाव आते हैं और वे बहुत सारी बातों को जानना और समझना चाहती हैं। और साथ ही वे चाहती हैं खुद सुंदर और सुंदर दिखना। इस उम्र में ही लड़कियों को मुंहासों की परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।
नीम की दो-तीन पत्तियों को सुबह खाली पेट खाने से खून साफ होता है, जिससे मुंहासे नहीं होते।
गुलाब जल में मुल्तानी मिट्टी और चंदन पाउडर मिला कर लगाने से चेहरे पर ग्लो आता है।
मुंहासे ठीक करने के लिए जायफल को दूध में मिला कर चेहरे पर लगाएं।
सबसे पहले अपने चेहरे के प्रकार को पहचानें, त्वचा रूखी, तैलीय, सामान्य तीन तरह की होती हैं। हर त्वचा की देखभाल के तरीके अलग होते हैं। तैलीय त्वचा पर मुंहासों की समस्या ज्यादा होती है। ऐसे चेहरे को गुनगुने पानी से दिन में दो-तीन बार धोएं और एन्टीबैक्टीरियल साबुन का प्रयोग करें। इस उम्र में त्वचा नाजुक होती है इसलिए फेशियल न करवाएं, चेहरे की सफाई पर ज्यादा ध्यान दें।
दिन में 8-10 ग्लास पानी जरूर पिएं। घूप में सनस्क्रीन प्रयोग करें।
मुंहासों को फोड़े नहीं, वरना इनके गहरे निशान पड़ जाते हैं, जो आपके चेहरे पर लम्बे समय तक नहीं जाते।
कम से कम मेकअप करें।
बीस से तीन की उम्र
यह वह उम्र होती है, जब लड़कियों का बाहर की दुनिया से संपर्क बढ़ता है। वे पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ डेटिंग और घूमने फिरने के शौक भी पूरे करती हैं। जाहिर है, इस उम्र में लड़कियों को सुंदर लगने की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस होती है। वे बदलते फैशन के अनुसार खुद को बदलना चाहती हैं इस समय खूबसूरती के लिए यह उपाय करें।
अगर आपके चेहरे पर ज्यादा पसीना आता है तो मेकअप से पहले चेहरे पर बर्फ के टुकड़े से मसाज करें।
कैलामाइन और चंदन पाउडर को गुलाब जल में मिला कर लगाएं।
मेकअप उतारने के लिए कच्चे दूध का इस्तेमाल करें।
रात को सोने से पहले सारा मेकअप उतार दें और कॉटन से चेहरे पर गुलाब जल लगाएं। इससे आपके चेहरे के रोम छिद्र बंद नही होंगे।
इस प्रकार करें मेकअप
हमेशा अपने चेहरे के कॉम्पलेक्शन के हिसाब से फाउंडेशन चुनें।
चेहरे पर अच्छी कम्पनियों के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।
मेकअप से चेहरे के सबसे अच्छे फीचर को हाईलाइट करें।
बरसात के मौसम में वॉटर प्रूफ मेकअप करें और नेचुरल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।
महीने में एक बार फेशियल जरूर करवाएं।
तीस के बाद करें सादा मेकअप
यह लड़कियों की वह उम्र होती है, जब उनकी शादी हो चुकी होती है। और शादी के दो-तीन साल तो वह सुंदरता पर खास ध्यान देती हैं, लेकिन धीरे-धीरे सजने-संवरने की उनकी आदत कम होती जाती है। लिहाजा इस उम्र में महिलाओं के चेहरे पर बढ़ती उम्र के लक्षण दिखने लगते हैं। चेहरे पर हल्की लकीरें उभरना, छोटे-छोटे काले धब्बे होना, झुर्रियां और झाइयां पड़ना शुरू हो जाती हैं। चेहरे में आ रहे इन बदलावों को नजरअंदाज न करें। यह वो उम्र होती है, जब आप अपनी बढ़ती उम्र को रोक सकती हैं।
बहुत से स्किन स्पेशलिस्ट ये सलाह देते हैं कि झुर्रियों की शुरुआत में ही उनकी रोकथाम कर ली जाए तो उन्हें बढ़ने से रोका जा सकता है।
इस प्रकार बढ़ती उम्र में भी रहे स्टायलिश
सबसे पहले अपने खाने-पीने की आदतों में बदलाव लाएं। बढ़ती उम्र में अंदरूनी खूबसूरती पर ध्यान दें।
खाने में विटामिन और कैल्शियम वाली चीजों की मात्र बढ़ा दें।
आंखों के आस-पास उभरने वाली मरीन रेखाओं पर अच्छी आईक्रीम लगाएं।
इस प्रकार के उपाय करें
केले में शहद मिलाकर चेहरे पर 15-20 मिनट तक लगाएं, फिर गुनगुने पानी सें धोएं। इससे झुर्रियों का आना कम होता है।
त्वचा को मुलायम बनाने के लिए पपीते के गूदे को चेहरे पर लगाएं।
चेहरे पर साबुन का प्रयोग न करें। बेसन और दही के मिश्रण से चेहरा साफ करें।
चालीस की उम्र पार करते ही मानो महिलाओं की दुनिया बहुत सीमित हो जाती है। इस उम्र में बच्चों बड़े हो रहे होते हैं और ऐसे में महिलाओं को लगता है कि अब किसके लिए सजना है।
लेकिन यह सोच भी अब बदल रही है। महिलाओं की बाहरी दुनिया का भी विस्तार हो रहा है। और शायद यही वह समय है जब महिलाओं को लग रहा है कि उन्हें इस उम्र में भी सुंदर लगना चाहिए।
15-20 दिन में एक बार फेशियल करवाएं।
खाने पर ज्यादा ध्यान दें, 7 बादाम, 7 किशमिश, 2 अखरोट रोज खाएं।
झुर्रियों को छुपाने के लिए कंसीलर का सही तरीके से इस्तेमाल करें।
धूप में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और किसी अच्छी एंटी- रिंकल क्रीम से फेशियल करवाएं।
ज्यादा हैवी मेकअप न करें, हल्के रंग की लिपस्टिक का इस्तेमाल करें।

गर्भधारण से पहले कम करें वजन
मां बनना हर महिला का सपना होता है पर गर्भधारण करने से पहले अगर कुछ सावधानी रखें तो मां और बच्चा दोनो ही स्वस्थ रहते हैं। इसलिए गर्भधारण करने से पूर्व पूरी तरह से स्वस्थ रहना बहुत जरूरी होता है। इस दौरान आपको अपने वजन का भी खास ध्यान रखना पड़ता है। अगर आप गर्भधारण करने के बारे में सोच रहीं हैं तो आपको सबसे पहले अपने बढ़ते वजन को नियंत्रित करना चाहिए। अगर आप गर्भावस्था से पहले मोटी हैं तो इसके कारण आपको गर्भावस्था के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ किलो वजन घटाकर आप गर्भावस्था से जुड़ी कई तरह की समस्या को दूर कर सकती हैं। तो चलिए हम आपको इसके कुछ और कारण बताते हैं कि क्यों गर्भावस्था से पहले आपको अपना वजन कम कर लेना चाहिए। इन कारणों को जानने के बाद आप वजन घटाने के लिए तैयार हो जाएंगीं।
कई शोधों में ये दावा किया जा चुका है कि गर्भपात, बच्चे में कोई कमी और जन्म के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का कारण मोटापा हो सकता है।
प्रजनन में आती हैं दिक्कतें
मोटापे के कारण आपकी प्रजनन क्षमता भी कम हो सकती है। मोटापे का असर महिलाओं के प्रजनन स्तर पर भी पड़ता है। जी हां, ये बात सच है कि मोटापे के कारण कई महिलाएं शुरुआती स्तर में ही गर्भधारण नहीं कर पाती हैं।
गर्भावस्था के दौरान मोटापे की वजह से उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य कई तरह की समस्यासओं का खतरा बढ़ जाता है। जन्म से ही मधुमेह इन सामान्य खतरों के अलावा आपके बच्चे को कोई घातक परेशानी या रोग भी हो सकता है। अगर गर्भावस्था के दौरान मोटापे के कारण बच्चे को जन्म से ही मधुमेह की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा बच्चे को और भी कई रोग होने का खतरा बना रहता है।
वहीं अगर आपका वजन सामान्य है या सामान्य से थोड़ा ज्यादा है तो आपको बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत बिलकुल नहीं है पर इसका मतलब ये नहीं है कि आप लापरवाह हो जाएं और जो कुछ भी मन करे वो खाएं। इस समय आपके शरीर को कई ज्यादा पोषण और देखभाल की जरूरत होती है। इसलिए गर्भावस्था से पहले, गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद अपने खानपान और वजन का खास ख्याल रखें
खानपान का रखें ध्यान
अगर आपका वजन सामान्य है या सामान्य से थोड़ा ज्यादा है तो आपको बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत बिलकुल नहीं है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप लापरवाह हो जाएं और जो कुछ भी मन करे वो खाएं। इस समय आपके शरीर को कई ज्यादा पोषण और देखभाल की जरूरत होती है इसलिए गर्भावस्था से पहले, गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद अपने खानपान और वजन का खास ख्याल रखें।

सफेद बाल इस प्रकार होंगे काले
आजकल लोगों के बाल समय से पहले ही सफेद होने लगे हैं इससे उन्हें कई प्रकर की मानसिक और सामाजिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके कई बार युवा अवसाद के भी शिकार हो जाते हैं और अपने बालों को फिर से काला करने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं। मगर उन्हें लाभ नहीं मिलता।
हम सब जानते हैं कि बाल हमारी पर्सनैलिटी का सबसे अहम हिस्सा होते हैं। लेकिन आजकल देखा जा रहा है कि समय से पहले ही लोगों के बाल सफेद होने लगे हैं। फिर चाहे वो स्कूल में पढ़ने वाला छात्र हो या फिर कॉलेज जाने वाला। समय से पहले बालों के सफेद होने के कई कारण होते हैं।
इसके पीछे काफी सारे तथ्य दिए जाते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि जरूरत से ज्यादा मानसिक दबाव होने के कारण बाल सफेद हो जाते हैं। तो कुछ लोगों का मानना है कि अलग-अलग शैंपू या फिर तेल लगाने से ऐसा होता है लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि अगर आपके बाल पक गए हैं तो आप घरेलू उपाय कर बेहद सस्ते में इन्हें फिर से काला कर सकते हैं।
आमतौर पर अधिकांश लोग बालों को काला करने के लिए मेहंदी का इस्तेमाल करते हैं पर क्या आप जानते हैं कि कच्चा पपीता भी सफेद बालों को काला करने में बहुत सहायक होता है। विशेषज्ञों की मानें तो पपीते को पीसपर उसका पेस्ट बना लें और फिर उसके बाद उसे अपने बालों में लगा लें। कम से कम 15 मिनट तक उसे बालों में लगा रहने दें। इससे आपके झड़ते बालों को तो फायदा होगा ही साथ ही आपके सफेद बाल भी काले होने लगेंगे।
प्याज भी है सफेद बालों का रामबाण इलाज
प्याज के कई सारे फायदे होते हैं। हम इसे सब्जी में डालकर खात हैं। प्याज हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण रोल निभाती है। प्याज को पीसकर नहाने से 15-20 पहले बालों में लगाए और फिर नहाते वक्त धो लें। ऐसा हर रोज करने से आप महसूस करेंगे कि आपके सफेद बालों की संख्या कम होने लगी है और आपके बालों का रंग फिर से काला होने लगा है।
बीट रुट से भी मिलेगा लाभ
बीट रुट से भी बालों को काला करने में मदद मिलती है। बीट रुट को पीसकर उसे अपने बालों में लगे ले। कम से कम 15-20 मिनट तक उसे अपने बालों में लगा रहने दें। और फिर इसके बाद नहाते वक्त आप उसे धोल लें। ऐसा कम से कम 3-4 महीने लगातार करने से आपको महसूस होगा कि आपके सफेद बालों की संख्या में कमी आई है और आपके बाल फिर से काले होने लगे हैं। बीट रुट से बाल धोने का एक फायदा ये भी है कि आपके बालों को इससे बारगेंडी रंग भी मिल सकता है।

महिलाओं में बढ़ रहे थाइरॉइड के मामले 
महिलाओं में थाइरॉइड के मामले तेजी से बढ़ हैं। जागरुकता के अभाव में यह बीमारी तेजी से फैल रही है। थाइरॉइड की वजह से अस्थमा, कोलेस्ट्रॉल की समस्या, डिप्रेशन, डायबिटीज, इंसोमनिया और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा है। डॉक्टरों की मानें तो कुछ खास चीजों को खाने से थाइरॉइड बढ़ जाता है. ऐसे में यह जान लेना जरूरी है कि थाइरॉइड के दौरान किन चीजें को खाने से परहेज करना चाहिए1
आयोडीन वाला खाना:
थायरॉइड ग्लैंड्स हमारे शरीर से आयोडीन लेकर थायरॉइड हार्मोन पैदा करते हैं, इसलिए हाइपोथायरॉइड है तो आयोडीन की अधिकता वाली खाने-पीने की चीजों से जीवनभर दूरी बनाए रखें. सी फूड और आयोडीन वाले नमक को पूरी तरह नजरअंदाज करें।
कैफीन:
कैफीन वैसे तो सीधे थायरॉइड नहीं बढ़ाता, लेकिन यह उन परेशानियों को बढ़ा देता है, जो थायरॉइड की वजह से पैदा होती हैं, जैसे बेचैनी और नींद में खलल।
रेड मीट:
रेड मीट में कोलेस्ट्रॉल और सेचुरेडेट फैट बहुत होता है. इससे वेट तेजी से बढ़ता है। थायरॉइड वालों का वजन तो वैसे ही बहुत तेजी से बढ़ता है। इसलिए इसे न खायें. इसके अलावा रेड मीट खाने से थायरॉइड वालों को बदन में जलन की शिकायत होने लगती है.
एल्कोहल:
एल्कोहल यानी शराब़, बीयर वगैरा शरीर में एनर्जी के लेवल को प्रभावित करता है। इससे थायरॉइड की समस्या वाले लोगों की नींद में दिक्कत की शिकायत और बढ़ जाती है। इसके अलावा इससे ओस्टियोपोरोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है.
वनस्पति घी:
वनस्पति घी को हाइड्रोजन में से गुजार कर बनाया जाता है। यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल को खत्म करते हैं और बुरे को बढ़ावा देते है। बढ़े थायरॉइड से जो परेशानियां पैदा होती हैं, ये उन्हें और बढ़ा देते हैं। ध्यान रहे इस घी का इस्तेमाल खाने-पीने की दुकानों में जमकर होता ह।. इसलिए बाहर का फ्राइड खाना न ही खाएं तो बेहतर है।