फैशन

नाखून से बढ़ती है हाथों की खूबसूरती
नाखून अगर खूबसूरत हों, पूरी तरह शेप में हों और मजबूत हों तो हाथों की खूबसूरती और बढ़ जाती है। लंबे नाखूनों को आप तरह-तरह के नेल आर्ट बनाकर सजा भी सकती हैं। इसी कारण लंबे और खूबसूरत नाखून पर किसी की चाहत होती है पर
बहुत सी लड़कियों को ये शिकायत होती है कि उनके नाखून बढ़ने के साथ ही टूट जाते हैं। ऐसे में कभी भी वो परफेक्ट शेप मिल ही नहीं पाती जिसकी उम्मीद होती है। पर क्या आपने कभी ये सोचा है कि नाखून टूटते क्यों हैं? कई बार हॉर्मोनल कारणों की वजह से तो कई बार पोषण की कमी के चलते नाखून टूट जाते हैं। प्राकृतिक उपायों के जरिये आप नाखूनों को ठीक कर सकती हैं।
लहसुन की एक कली लें, उसके छिलके उतार दें। कली को बीच में से काट ले और इसे अपने नाखूनों पर 10 मिनट तक रगड़ें। ऐसा करने के 10 दिन के भीतर ही वह मजबूत होने लगेंगे।
अंडे के सफेद हिस्से को एक कटोरी में निकाल लें। इसमें दो चम्मच संतरे का रस मिला लें। इस घोल को अपने नाखूनों पर 5 मिनट तक लगा कर छोड़ दें. इसमें विटामिन सी होता है जो कोलजिन का प्रोडक्‍शन करता है जिससे नाखून मजबूत बनते हैं.
अपने नाखूनों पर जैतून का तेल लगा कर मालिश करें। इसमें विटामिन ई होता है जो नाखूनों को पोषण प्रदान करता है जिससे नाखून तेजी से बढ़ते हैं।
नारियल तेल से नाखूनों की मसाज करने पर फायदा होता है। एक चम्‍मच घिसा लहसुन लें और उसमें एक चम्‍मच वेनिगर मिलाएं। इसे अपने नाखूनों पर लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद हाथों को साफ पानी से धो लें। नाखून खूबसूरत नजर आयेंगे।

मेंहदीं लगाएं लेकिन कौन सी
मेंहदी लगाना किसे पसंद नहीं होता है। छोटी बच्चियों से लेकर युवा और उम्रदराज महिलाओं तक में मेंहदी को लेकर चार्म देखा जाता है। किसी खास फंक्शन के समय या त्यौहारों में लड़कियों और महिलाओं को मेंहदी लगाना बहुत भाता है। सावन ही नहीं बल्कि अन्य मौसमों में भी मेंहदी अब रचाई जाती है। शादी-विवाह या फिर कोई त्यौहार हाथों में बगैर मेंहदी रचाए तो मानों पूरा ही नहीं होता है। इस प्रकार सभी महिलाओं की पहली पंसद मेंहदी रचाना ही होती है। फिर इस के लाभ और हानि के बारे में आपको जानना जरुरी हो जाता है। दरअसल आज कल बाजारों मे मिलने वाली मेंहदी आपको नुकसान पंहुचा सकती है। बाजार वाली मेंहदी में अनेक खतरनाक रसायन जो मिले होते हैं। देखने में तो ये मेंहदी को रचाने और गाढ़ा करने में सहायक होते हैं, लेकिन कुछ समय बाद इनमें मौजूद रसायन त्वचा को नुकसान भी पहुंचाते हैं, इसलिए इनके उपयोग से पहले इनके बारे में जान लेना उचित होगा। दरअसल बाजारों में मिलने वाली मेंहदी में पैरा फैनिलिनडायमिन (पीपीडी) और डायमीन नामक रसायन पाया जाता है, जो कि त्वचा में संक्रमण पैदा कर सकता है। रंग को गहरा करने के लिए ये खतरनाक रसायन का मिश्रण मेंहदी में किया जाता है। इसके संपर्क में आने से त्वचा में जलन, सूजन, खुजली और खरोंच जैसे बारीक निशान पढ़ जाने का खतरा बना रहता है। यहां तक कि इन रासायनों के सूर्य की किरणों से संपर्क होने पर गंभीर त्वचा रोग एवं कैंसर तक होने की आशंका बनी रहती है। बाजार की मेंहदी में पीपीडी ही नहीं बल्कि इनमें मौजूद अमोनिया, आक्सीडेटिन, पैराक्साइड, हाइड्रोजन तथा अन्य केमिकल भी त्वचा को नुक्सान पहुंचाने वाली होते हैं। इसमें मौजूद पीएच एसिड भी नुकसानदायक ही होता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि जब आप मेंहदीं लगाएं तो नेचुरल पत्ते वाली मेंहदी ही लगाएं।

सभी से अलग दिखने के लिए क्या करें
कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियां ही नहीं बल्कि आम घरेलु महिलाओं की भी ख्वाहिश हमेशा ही सुंदर दिखने की होती है। खासतौर पर तब जबकि घर में कोई समारोह हो या फिर त्योहार का समय चल रहा हो। ऐसे में खूबसूरत दिखना और सभी से अलग दिखने का मन तो बहुत करता होगा आपका भी, लेकिन कैसे दिखें और क्या करें यह बहुत कम ही जानती होंगी। अभी नवरात्र का समय चल रहा है ऐसे में आप मेकअप के दौरान कुछ उपायों को अपनाकर न केवल सुंदर, बल्कि दूसरों से अलग भी दिख सकती हैं। इन दिनों गरबा महोत्सव होने के साथ ही झांकी देखने जाने के लिए महिलाएं दुल्हन की तरह सजती और संवरती हैं। ऐसे में आप गोल्ड फांउडेशन का चयन भी कर सकती हैं। इसे मुख पर लगाकर गीले स्पंज से ब्लेंड करें और गालों को ब्लशर से उभारें। मेकअप करने की इस विधि में इसे चिकबोन पर लगाकर हॉले-हॉले ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर की ओर घुमाएं। इसके बाद चिकबोन पर हल्के रंग हाइलाइटर लगाकर अच्छे तरीके से ब्लेड कर लें। इससे पहले जरुरी है कि आपकी त्वचा साफ हो वर्ना मेकअप काम नहीं करेगा और भद्दा भी दिखेगा। इसके लिए आपकी त्वचा साफ, सुथरी और निखरी होनी चाहिए। इसीलिए पहले अपने चेहरे की त्वचा को क्लींजिंग मिल्क या अन्य पदार्थ से जो कि आप इस्तेमाल करती हों से साफ कर कर लें। इसके बाद ही मेकअप करें इससे आप निखरी-निखरी और सभी से अलग नजर आने लगेंगी।

सही हेयर स्टाइल से बदलेगा लुक
खूबसूरती बढ़ाने में बालों का भी अहम स्थान होता है। केवल हेयर स्टाइल में बदलाव करके भी आप अपने लुक को नया रुप दे सकती हैं। वहीं हमेशा हेयर स्टाइल बदलने की जगह सही हेयर कट को अपनाकर भी आप अपनी पर्सनैलिटी को अलग लुक दे सकती हैं। हेयर एंड ब्यूटी एक्सपर्ट के अनुसार अगर आप कामकाजी हैं तो आपको ऐसा हेयर कट करवाना चाहिए, जिसकी देखभाल आप खुद कर सकें। जैसे अगर लंबे बालों के साथ आप कई लेयर कट रखना चाहती हैं तो आपके लिए हर समय बाल खुले रख पाना संभव नहीं है। ऐसे में आपको फ्रंट कट और स्ट्रेट बाल रखने चाहिए,जिन्हें आप ज़रूरत पडऩे पर बांध भी सकें।
चेहरा अगर हार्ट शेप का है तो इस पर फ्रेमिंग लेयर्स हेयर कट खूब अच्छा लगेगा। बाल लंबे हैं तो लेयर्ड वेव्स करवाएं, वहीं छोटे बालों के लिए बाउंसी बॉब कट फबेगा।
ओवल फेसकट के लिए आप शॉर्ट या लॉन्ग लेंथ दोनों ही रख सकती हैं। कामकाजी हैं तो ब्लंट कट कराने के बजाय लेयर या थ्री लेयर कराएं। बाल अगर हलके हैं तो ब्लंट कट करवाने से बचना चाहिए।
राउंड फेस पर थ्री स्टेप कटिंग ही करवाएं। इसकी लेयर्स की लेंथ चिन तक ही करवाएं। फ्रंट से छोटा न करवाएं।
किसी भी प्रकार के बालों और फेसकट के लिए यह साइड लेयर कट अच्छा लगता है। कर्ली और वेवी बालों पर भी यह स्टाइल जंचता है। इसके लिए बालों को वेट ड्रायर से सेट करें। ध्यान रखें, बालों को उसी ओर सेट करें, जो आप पर सूट करता हो। साइड लेयरिंग फेस को यंग लुक देने के साथ ही मॉडर्न भी बनाती है। बालों पर कलर हो तो लेयरिंग स्टाइल काफी स्टाइलिश लुक देगी। बालों की पोनी बनाकर क्लिप से इनको एक अलग अंदाज़ दिया जा सकता है।
बालों को शॉर्ट के साथ हेवी दिखाना चाहते हैं तो शैग हेयर कट करवाएं। इनमें कुछ बाल फोरहेड पर आते हैं, जिससे बालों को वॉल्यूम मिलता है। अगर बाल हलके हों तो इस कट को आज़माकर देखें।

हर मौसम में खास है खादी
आजकल खादी का प्रचलन भी बढ़ता जा रहा है। इसके परिधान अब स्टायलिश होने के साथ ही हर अवसर पर एक विशेष लुक देते हैं। आजकल खादी पहनना एक स्टेटस सिंबल भी बनता जा रहा है। बदलते मौसम में कपड़ों के लिए फैब्रिक चुनना जरा मुश्‍किल लगता है पर खादी ऐसा मैटेरियल है जो आप हर मौसम में बिंदास पहन सकते हैं। खास तौर से गर्मियों हर कोई ऐसे कपड़े पहनना चाहता है, जो कंफर्टेबल होने के साथ-साथ स्टाइलिश भी हों। अगर आप भी अपने लिए कंफर्ट और स्टाइल की तलाश कर रही हैं तो खादी से बेहतर विकल्प क्या हो सकता है।
खादी में हैं कई विकल्प
फैशन के रोजाना बदलते ट्रेंड में खादी फैब्रिक्स की खासी डिमांड है। इसमें पैच, कांथा, फुलकारी वर्क और ब्लॉक प्रिंटिंग जैसे कई वरायटीज वाले आउटफिट्स इन दिनों ट्रेंड में हैं। प्रिंट्स और डिजाइंस से अलग प्लेन खादी ड्रेस भी अलग लुक देती है। इस फैब्रिक से बने नेहरू जैकेट्स यंगस्टर्स के बीच खासे पसंद किए जाते हैं। साड़ी और सलवार-सूट्स से अलग अब शर्ट, पैंट और स्कट्र्स में भी कई तरह के आउटफिट्स देखे जा सकते हैं।
अलग अंदाज और स्टाइल में नजर आने के लिए स्पेगेटी टॉप को स्कर्ट या लुक पैंट्स के साथ पहना जा सकता है। खादी के क्रॉप टॉप और रैप-अराउंड स्कर्ट का कॉम्बो बेहद आकर्षक लगता है।
खास है खादी की साड़ी
खादी की हाथ से बनी साड़ी को बेहद पसंद किया जाता है। ये विभिन्न रंगों और स्टाइल में मिलती हैं। मॉडर्न लुक के लिए जरदोंजी की कढ़ाई और ब्लॉक प्रिंट वाली साड़ी चुनें। रंगीन प्लेन साड़ी को कढ़ाईदार शर्ट ब्लाउज के साथ भी पहन सकती हैं, जो आपको एकदम नया लुक देगी।
खादी के कुर्ते देते हैं सोबर लुक
गर्मियों के मौसम में सहज महसूस करना चाहती हैं तो खादी के कुर्ते या शॉर्ट ड्रेस पहन सकती हैं। गले पर बढिय़ा कढ़ाई वाली कुर्ती के साथ कुछ आभूषण भी पहन सकती हैं, जिससे आपके लुक में चार-चांद लग जाएंगे। गहरे रंग के स्कार्फ या दुपट्टे को प्लेन ड्रेस के साथ पहन सकती हैं। दुपट्टे को हलके रंग की कुर्ती के ऊपर पहनें, जिससे आप निश्चित रूप से भीड़ से अलग नजर आएंगी। खादी के शॉर्ट पैंट या श्रग भी पहन सकती हैं। शॉट्र्स पर श्रग आपको बेहद स्मार्ट लुक देगा।

इस प्रकार मेंहदी लगेगी खूबसूरत
हमारे देश में मेंहदी लगाना न केवल सोलह श्रृंगार में से एक है बल्क‍ि इसे शुभ शगुन के तौर पर भी देखा जाता है। भारत में कोई भी खास मौका हो, हाथों में मेंहदी रचाए बिना पूरा नहीं माना जाता। पर मेंहदी तभी खूबसूरत लगती है, जब उसका रंग गहरा हो और यह सही से रचे। मेहंदी का एक खास गहरा लाल रंग होता है जो हाथों पर बेहद खूबसूरत लगता है।
कई बार ऐसा होता है कि मेंहदी लगी तो बहुत अच्छी होती है लेकिन सही से न रचने के कारण खूबसूरत डिजाइन भी खिलकर नहीं आ पाता। ऐसे में आप इन उपायों को अपनाकर गहरी और खूबसूरत मेंहदी रचा सकती हैं। पहले यह तय कर लें कि आपकी मेंहदी का घोल अच्छे से तैयार किया गया हो।
इन उपायों को अपनाने से गहरी रचेगी मेंहदी
मेंहदी लगाने के बाद धैर्य रखना बहुत जरूरी है। कम से कम पांच से छह घंटे के लिए मेंहदी को हाथों पर रचे रहने दें। इससे मेंहदी का रंग गहरा चढ़ता है।
नींबू और चीनी के घोल के इस्तेमाल से भी मेंहदी का रंग गहरा चढ़ता है। दरअसल, इस घोल को लगाने से मेंहदी ज्यादा देर के लिए हाथों में चिपकी रहती है और इससे उसका रंग गहरा हो जाता है।
मेंहदी छुड़ाने के लिए पानी का इस्तेमाल न करें। हो सके तो 10 से 12 घंटों तक हाथों पर पानी के इस्तेमाल से बचें। साबुन के इस्तेमाल से दूर ही रहें तो बेहतर होगा। मेंहदी छुड़ाने के बाद सरसों के तेल को हाथों पर मल लें। इन उपायों को अपनाने से मेंहदी का रंग गहरा चढ़ता है।

कछुए वाली रिंग का फैशन बढ़ा
आजकल हर कोई जल्दी अमीर बनना चाहता हैं और इसके लिए कोई टोटका भी करना पड़े तो परहेज नहीं होता कुछ इसी तर्ज पर आजकल कछुए वाली रिंग का चलन बढ़ा है विशेषकर लड़कियों में इस प्रकार की रिंग के लिए दीवानगी जैसे हालात हैं।
फैशन के मामले में लड़कियां बहुत आगे रहती हैं। कोई भी फैशन निकलते देर नहीं लगती जब लड़कियां उसे आगे बढ़कर अपना न लें। ऐसे ही फैशन में आजकल एक रिंग का फैशन चला है। इस रिंग को आमतौर पर लड़की के हाथ में देखा जा सकता है। अपनी हैसियत के हिसाब से कोई गोल्ड, तो कोई सिल्वर तो कोई ऐसे ही सस्ती वाली रिंग पहन रहा है, लेकिन ये रिंग लड़कियों के हाथ में ज्यादा देखने को मिलती है। कहीं भी बाहर निकलते समय जिस लड़की पर भी ध्यान जाता है उसकी ऊँगली में यही रिंग दिख जाती है। आखिर ऐसा फैशन अचानक क्यों चल गया इस कछुए वाली रिंग का? और लड़कियां इसकी दीवानी क्यों हो गईं हैं। असल में फेंगशुई में कछुए को पैसे का आवक माना गया है। ऐसी मान्यता है कि घर में कछुआ रखने से पैसे की कमी कभी नहीं होती। घर में जीवित कछुआ रखने से लेकर कछुए की आकृति भी लोग रखने लगें।
धीरे धीरे ये कछुए वाली रिंग का ट्रेंड में परिवर्तित हो गया जैसा की सभी जानते हैं लड़कियों को पैसे की चिंता हमेशा लगी रहती हैं वो सोचती हैं कि किधर से पैसा आए और कितना वो अपने बैंक में रख लें।
ऐसे में सभी लड़कियां अपनी हैसियत के अनुसार कछुए का रिंग बनवा रही हैं और उसे हमेशा पहने रहती हैं। उन्हें लगता है कि इससे जल्द ही उनके पास बहुत सारा पैसा आ जाएगा। यह सही भी है। आज के ज़माने में हर इंसान को बेहतर जीवन जीने के लिए पैसा ही चाहिए। ऐसे में अगर लड़कियां भी ऐसा कर रहीं हैं तो गलत नहीं हैं पर उन्हें अंधविश्वास से बचना होगा।

उमस भरे मौसम में इस प्रकार करें मेकअप
उमस के मौसम में मेकअप टिक नहीं पाता और फैल जाता है फाउंडेशन मेल्ट हो जाते हैं और आई लाइनर फैल जाता है, वहीं लिपस्टिक चिपचिपे हो जाते हैं, ऐसे में महिलाओं को मेकअप संबंधी परेशानी होती है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए मेकअप विशेषज्ञ उमस भरे मौसम में टिकाऊ मेकअप इस प्रकार करें।
अगर आपके चेहरे पर ज्यादा दाग-धब्बे और हल्के गड्ढ़े या दाने हैं, तभी मेकअप-प्राइमर लगाएं क्योंकि ऐसा करना इस मौसम में उपयुक्त होगा, यह त्वचा की सतह को समतल कर देगा और इससे मेकअप ज्यादा देर तक टिका रहेगा, लेकिन जिन्हें ऐसी समस्या नहीं हैं, उन्हें प्राइमर लगाने की कोई जरूरत नहीं है।
उमस के मौसम में पसीने के साथ बहने की संभावना के चलते लिक्विड या क्रीम फाउंडेशन के बजाय ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर का हल्का कोट लगाया जा सकता है, टच-अप के लिए हल्का कॉम्पैक्ट पाउडर लगा सकती हैं। अगर आप दाग-धब्बों या काले घरे को छिपाना चाहती हैं तो ऑयल-फ्री कंसीलर लगा सकती हैं, क्योंकि ऑयल युक्त कंसीलर उमस में चेहरे को चिपचिपा और तैलीय बनाता है1 हमेशा ऑयल-फ्री मेकअप उत्पाद ही खरीदें।
मानसून के दौरान हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आपका ब्लश सौम्य और परिधान को सूट करते हुए होना चाहिए1 पाउडर आईशैडो खरीदें क्योंकि ये क्रीम आई शैडो के मुकाबले ज्यादा देर तक टिके रहते हैं। हल्का रंग का थोड़ा सा आई शैडो लगाएं।
लिक्विड आईलाइनर लगाएं क्योंकि ये वैक्स वाले पेंसिल आईलाइनर की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं.
बरौनियों पर वाटरप्रूफ मस्कारा लगाएं, यह ज्यादा देर तक टिकेगा।
लिप ग्लॉस आसानी से मिट जाते हैं, इसलिए लिप बॉम लगाकर होंठ को मुलायम बनाएं और लिपस्टिक लगाएं, विकल्प के तौर पर आप ज्यादा देर तक टिका रहने वाला शीयर ग्लॉस लगा सकती हैं। इस मौसम में होंठ पर शीमर न लगायें।

काजल से कम हो सकती है आंखों की रोशनी
काजल से भरी आंखों को लेकर महिलाओं में खासा आकर्षण रहता है। इससे आंखें बहुत ही खूबसूरत भी लगती हैं लेकिन इसके कई नुकसान भी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हद से ज्यादा आंखों का मेकअप रोशनी को प्रभावित कर सकता है।
एक अध्ययन के मुताबिक, ज्यादा आई मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में से 40 प्रतिशत को आंखों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। काजल का आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है क्योंकि, आंखों के ऑयल ग्लैंड्स को ब्लॉक कर देता है। काजल या फिर आई लाइनर हमारे मेबोमियन ग्लैंड्स को ब्लॉक कर देता है। जिससे आईलिड यानी पलकों पर गांठें बन जाती हैं।
हालांकि इनकी वजह से दर्द नहीं होता लेकिन यह हमारे विजन यानी देखने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। मेबोमियन ग्लैंड डिसफंक्शन को ड्राई आई सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है। अगर इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है। इससे ब्लेफरिटिस यानी धुंधला दिखने की समस्या हो सकती है। मेबोमियन ग्लैंड डिसफंक्शन या एमजीडी के मामलों की वजह अभी तक बढ़ती को माना जाता रहा है। लेकिन अब ऐसा नहीं है और अब यह समस्या कम उम्र की महिलाओं को भी हो रही है।
डॉक्टरों के मुताबिक, आईलाइनर और आंखों पर किया जाने वाला दूसरा कोई भी मेकअप मेबोमियन ग्लैंड्स को ब्लॉक कर देता है। ग्लैंड्स के ब्लॉक हो जाने पर ये ऑयल पैदा नहीं कर पातीं। कभी-कभी ऑयल गाढ़ा हो जाता जिससे गांठें बन जाती हैं। एमजीडी ड्राई आई सिंड्रोम, ब्लेफैरिटिस और आंखों की रोशनी चले जाने समस्याओं की मुख्य वजह है।
आंखों में ऐसे 40 ग्लैंड मौजूद होते हैं, जो ऑयल पैदा करते हैं, यही ऑयल आंसुओं के रूप में हमारी आंखों से निकलता है और नमी को बनाए रखता है। आईलाइनर और मस्कारा जैसे प्रोडक्ट्स में पाराबेन और यलो वैक्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे ये वाटरप्रूफ रहें। यही केमिकल्स ऑयल को भी ब्लॉक करते हैं और एमजीडी की वजह बनते हैं।

बारिश में त्वचा और बालों का रखें ध्यान
मानसून के इस मौसम में बालों और त्वचा की देखभाल को लेकर काफी दिक्कत महसूस होती है। एक तरफ जहां फेस वाइप्स से चेहरा साफ करके ताजगी महसूस की जा सकती है, वहीं हफ्ते में दो या तीन बार बालों को धोकर बेहतर महसूस किया जा सकता है। ये टिप्स अपनाकर बारिश के मौसम में त्वचा और बालों की देखभाल की जा सकती है।
बरसात के मौसम में त्वचा के रोम छिद्रों का खुला रहना बेहद जरूरी है। ज्यादा मेकअप के इस्तेमाल से रोम छिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे मुंहासे भी हो सकते हैं, इसलिए इस मौसम में कम से कम मेकअप करें।
अगर आप बारिश में भीग गए हैं तो देर तक गीले कपड़ों में ना बैठें। बारिश में भीगने के बाद साफ पानी से जरूर नहाएं।
मानसून में अधिकांश लोग तले हुए भोजन जैसे पकौड़ी आदि खाना पसंद करते हैं। इस मौसम में त्वचा पर दाग-धब्बों से बचने के लिए तली चीजों का सेवन कम करना चाहिए.
त्वचा में प्राकृतिक चमक व नमी बरकरार रखने के लिए सभी को पानी खूब पीना चाहिए।
अपने साथ फेस वाइप्स जरूर रखें। थोड़ी देर के अंतराल से चेहरे को साफ करते रहने से चेहरा साफ रहेगा और ताजगी भी महसूस होगी।
मानसून के दौरान सिर में खुजली होना और डैंड्रफ होना आम समस्या है। इसलिए एंटी-डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल करना चाहिए।
बाल धोने से कम से कम एक घंटा पहले तेल की मालिश करनी चाहिए। इससे बालों में चमक बनी रहेगी साथ ही बारिश के मौसम में बाल चिपचिपे भी नहीं होंगे।
मानसून के दौरान हफ्ते में कम से कम तीन बार बाल धुलें। जब तक बाल सूख न जाएं तो बालों को खुला रखें। इस मौसम में गीले बाल बांधने से जूं होने का खतरा रहता है।हेयर ड्रायर या स्ट्रेटनर का इस्तेमाल कम करना चाहिए क्योंकि इससे बाल बेजान दिखाई देने लगते हैं।

सैंडिल भी बताती है महिलाओं का व्यक्तित्व
महिलाएं हमेशा से ही पुरुषों के लिए एक अनसुलझी पहेली रही है। वे उन्हें और उनके व्यक्तित्व को जानने के नए-नए तरीके खोजते रहते हैं लेकिन इन सब से इतर अगर केवल बिना बात किए एक झलक में ही उनके बारे में पता चल जाए तो? यह बात सुनने में थोड़ी अजीब हो सकती है लेकिन सच है। अगर आप वाकई किसी महिला से बिना बात किए उसके व्यक्तित्व के बारे में जानना चाहते हैं तो उनके फुटवियर्स को ध्यान से देखें.
इसलिए पहनती हैं हाई हील
एक शोध से पता चला है कि यदि कोई महिला हाई हील की सैंडिल पहनती है तो वो समाज में एक बड़ा मुकाम हासिल करना चाहती है! शोध कि रिपोर्ट में बताया गया है कि औरतें अपने स्वाभाव में अपनी स्थानीय प्रवृत्ति अपनाती हैं यानि कि जब वो शहर के किसी अमीर हिस्से में जाती हैं तो हाई हील वाले सैंडिल पहनती हैं, लेकिन जब वो आर्थिक रूप से पिछड़े इलाकों में जाती हैं तो वहां वो हील्स पहनना बिलकुल भी पसंद नहीं करती हैं.
शोध में बताई ये बात
अधिकतर महिलाएं अमीर बनने और दिखने की इच्छा रखती हैं! वे गरीब लड़कियों से अलग दिखना चाहती हैं, इसलिए जब भी कसी अमीर हिस्से में जाती हैं तो वहीं मौजूद अमीर महिलाओं की हील्स से अपनी हाई हील्स मैच करना चाहती हैं1
वहीं इससे ठीक उलट जब वे गरीब इलाकों या बस्तियों में जाती हैं तो उनका ध्यान न तो सैंडल पर होता है और न मैक अप पर शोध के आधार पर प्रोफेसर ने बताया कि शुरूआत से ही मानव सभ्यता में रुतबा और इज्जत पाने की होड़ रही है और लोग हमेशा ही शक्तिशाली लोगों के साथ खड़े रहना पसंद करते हैं!